विधानसभा में विधायक डागा की बुलंद आवाज प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बनी खुशखबरी पात्रता की अवधि अब होगी पांच साल, नोटिफिकेशन जारी विधायक के विधानसभा प्रश्न के बाद सरकार ने बढ़ाई 5 साल की वैद्यता
विधानसभा में विधायक डागा की बुलंद आवाज प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए बनी खुशखबरी
पात्रता की अवधि अब होगी पांच साल, नोटिफिकेशन जारी
विधायक के विधानसभा प्रश्न के बाद सरकार ने बढ़ाई 5 साल की वैद्यता
बैतूल। मध्य प्रदेश में चयनित शिक्षकों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। राज्य शासन की ओर से चयनित शिक्षकों की पात्रता की वैधता की समय सीमा अब तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी गई है। यानी अब चयनित शिक्षक तीन साल तक के लिए वैध नहीं बल्कि पांच साल तक के लिए वैध रहेंगे। इस निर्णय से बड़ी संख्या में युवाओं को भविष्य में होने वाली परीक्षाओं में शामिल होने का मौका मिलेगा। इस संबंध में आदेश को लेकर गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है।
गौरतलब है कि विधायक निलय विनोद डागा द्वारा गत वर्ष शिक्षक पात्रता के प्रमाण-पत्र की अवधि बढ़ाने का मुद्दा विधानसभा में जोर-शोर से उठाया था। विधानसभा में विधायक डागा की बुलंद आवाज आज प्रदेश के लाखों शिक्षकों के लिए खुशखबरी लेकर आई है। प्रमाण पत्र की वैधता अवधि में वृद्धि के लिए पात्र अभ्यर्थियों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी। अभ्यर्थियों ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर इस विषय से अवगत कराया था। शिक्षकों की पात्रता परीक्षा योग्य प्रमाण पत्र की वैद्यता बढ़ाने को लेकर कांग्रेस विधायक ने विधानसभा में प्रश्न लगया था। विधायक के प्रश्न लगाने के बाद सरकार ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए पहले 1 वर्ष की अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया था, अब इसे 2 वर्ष और बढ़ा दी गई है। जिसके बाद प्रदेश भर के अभ्यर्थियों में खुशी की लहर है।
–नए आदेश में वंचित वर्गों को मिलेगा लाभ–
नए आदेश में आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग के लिए निर्धारित न्यूनतम 90 अंक अब से 75 अंक कर दिए गए हैं। न्यूनतम 60 प्रतिशत से घटकर अब 50 फीसद कर दिया गया है। नए आदेश के तहत एससी (एससी) एसटी (एसटी) ओबीसी (ओबीसी) और दिव्यांग जन के लिए न्यूनतम प्रतिशत समान हो गया है। पिछले दिनों आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग ने उक्त मांग की थी। वंचित वर्गों को पात्रता परीक्षा में सबसे बड़ा लाभ मिलेगा।