उत्ती गांव में जमीन पर बैठे कलेक्टर-एसपी
ग्रामीणों को दी पेसा एक्ट की जानकारी
Nov 26, 2022

बैतूल वार्ता।। पेसा एक्ट के प्रावधानों से ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए 26 नवंबर से 2 दिसंबर के बीच मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के 6 अधिसूचित विकासखंडों के 750 ग्रामों में ग्राम सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। इसके पहले दिन आज 26 नवंबर को 245 ग्रामों में ग्राम सभाएं आयोजित की गईं।
कलेक्टर अमनबीर सिंह बैंस एवं पुलिस अधीक्षक सिमाला प्रसाद ने जिला मुख्यालय से दूरस्थ ग्राम उत्ती विकासखंड भीमपुर में आयोजित ग्राम सभा में भाग लिया एवं ग्रामीणों को पेसा एक्ट के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। खास बात यह रही कि इस ग्राम सभा में कोई भी अधिकारी या जनप्रतिनिधि कुर्सी पर नहीं बैठे।
मौके पर वैसे तो किसी भी सरकारी आयोजन की तरह सभी व्यवस्थाएं की गई थीं। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और अतिथियों के लिए बैठने के लिए कुर्सियां लगी थी, सामने टेबल रखे थे, पंडाल लगा था। इन सबके बावजूद कलेक्टर-एसपी समेत कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि कुर्सियों पर नहीं बैठे। कलेक्टर-एसपी भी जमीन पर ही बैठे और सभी ग्रामीणों को अपनेपन के माहौल में पेसा एक्ट की जानकारी दी।
ग्राम सभा में कलेक्टर श्री बैंस ने बताया कि पेसा एक्ट के नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ग्राम के अधिक से अधिक ग्रामीणों की सहभागिता महत्वपूर्ण है। सभी ग्रामीण ग्राम सभा में सक्रिय सहभागी बन अपने गांव के विकास की रूपरेखा तैयार करें। एक्ट के प्रावधानों के तहत गांव की समस्या का गांव में ही निराकरण हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि लघु वनोपजों, तेंदूपत्ता संग्रहण और विपणन के अधिकार भी अधिनियम के तहत दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पेसा अधिनियम ने तहत राजस्व अभिलेखों की त्रुटियों के सुधार की अनुशंसा का अधिकार ग्राम सभा का होगा। भू-अर्जन, खनिज सर्वे, पट्टा और नीलामी के लिए भी ग्राम सभा की सहमति और अनुशंसा जरूरी होगी।
उन्होंने सरल उदाहरण देते हुए ग्राम सभा को तालाबों के प्रबंधन, आपसी छोटे विवादों के निराकरण के संबंध में प्राप्त अधिकारों की जानकारी दी। यदि ग्राम से मजदूरों को बाहर ले जाना हो तो पहले ग्राम सभा को जानकारी देनी होगी। गांव में बाहर से आने वाले व्यक्ति की जानकारी भी ग्राम सभा को देनी होगी, जिनकी जानकारी रजिस्टर में संधारित की जाएगी। गांव से पलायन और मजदूरों के शोषण को रोकने का अधिकार भी ग्राम सभा के पास होगा। मनरेगा के माध्यम से कब और कौन सा कार्य कराया जाना है यह सब ग्राम सभा ही प्रस्ताव बनाएगी।
पुलिस अधीक्षक सुश्री प्रसाद ने बताया कि पेसा एक्ट से मिले अधिकारों के तहत अब छोटे आपसी विवादों को सुलझाने का अधिकार ग्राम सभा का होगा। नियत संख्या में महिला सदस्यों के साथ गठित शांति एवं विवाद निवारण समिति परंपरागत तरीके से विवाद निपटारा करने में सक्षम होगी। गंभीर प्रकृति के अपराधों में भी एफआईआर होने पर सूचना ग्राम सभा को दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लायसेंसधारी साहूकार ही निर्धारित ब्याज दर पर राशि उधार दे सकेंगे, इसकी जानकारी भी ग्रामसभा को देना होगी। साहूकार द्वारा अधिक ब्याज नहीं लिया जाएगा, अधिक ब्याज लेने पर संबंधित पर कार्रवाई की जायेगी।ग्राम सभा में पेसा एक्ट के अन्य प्रावधानों की जानकारी भी विस्तार से दी गई।
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