बांचा गांव पहुंची क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या भील गौरव यात्रा सांसद डीडी उईके ने आदिवासियों को दी पेसा एक्ट की जानकारी
By, बैतूल वार्ता
बांचा गांव पहुंची क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या भील गौरव यात्रा
सांसद डीडी उईके ने आदिवासियों को दी पेसा एक्ट की जानकारी
बैतूल। सांसद डीडी उईके के सानिध्य में जिले में छह दिवसीय क्रांतिसूर्य जननायक टंट्या भील गौरव यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। पेसा एक्ट की जानकारी के उद्देश्य से शुरू की गई यात्रा दूसरे दिन रविवार को घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम बांचा पहुंची।
इस दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए सांसद डीडी उइके ने कहा कि जल, जंगल, जमीन पर जनजातीय वर्ग का अधिकार है। प्रदेश सरकार उनके हक को दिला रही है। प्रदेश में जनजातीय वर्ग को सशक्त और अधिकार संपन्न बनाने के लिए पेसा एक्ट प्रभावी किया गया है, जिससे जनजातीय वर्ग के जीवन में खुशहाली आएगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश शासन के यशस्वी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश की पावन धरा पर पेसा एक्ट लागू कर जनजातीय समाज के उत्थान में ऐतिहासक क़दम उठाया है। गौरव यात्रा ग्राम खदारा, चिखली झाड़कुण्ड, हरदू, गोधना, आलमपुर, चुनाहाजुरी, चिरापटला भी पहुंची। इस दौरान भाजपा जनजाति मोर्चा जिलाध्यक्ष सीताराम चढ़ोकार, जिला पंचायत उपाध्यक्ष हंसराज धुर्वे, भाजपा अजजा मोर्चा प्रदेश मंत्री दीपक उइके, पूर्व विधायक मंगल सिंह धुर्वे, डॉ महेंद्र सिंग, युवा मोर्चा जिला महामंत्री संतोष चिक्का टेकाम, राजेश परते मंडल अध्यक्ष, मनीष कुमार मंडल अध्यक्ष, वरिष्ठ भाजपा नेता गैलेंद्र राठौर, सुनील भलावी, संतोष टेकाम, राजेंद्र कवड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
–अब जमीन के रिकॉर्ड में नहीं होगी कोई गड़बड़ी–
गौरतलब है कि सांसद गांव-गांव में पहुंचकर आदिवासियों को उनको दिए गए अधिकार से अवगत करवा रहे हैं। उन्होंने आदिवासियों को उनके हक अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि पेसा एक्ट से जनजातीय वर्ग को मजबूती मिलेगी। नए नियमों के अनुसार अब पटवारी और बीटगार्ड को गांव की जमीन का नक्शा, खसरा, बी-1 नकल गांव में ही लाकर ग्रामसभा में दिखाने होंगे, जिससे जमीन के रिकार्ड में कोई गड़बड़ी नहीं हो सकेगी। यदि कोई गड़बड़ी करता है तो उसको ठीक करने का अधिकार ग्रामसभा को होगा। किसी प्रोजेक्ट के लिए जमीन लेने के लिए ग्राम सभा की सहमति/परामर्श जरूरी होगा। छल, कपट और बलपूर्वक अब कोई जमीन नहीं हड़प सकेगा। यदि कोई ऐसा करता है तो ग्रामसभा को हस्तक्षेप कर उसे वापस करवाने का अधिकार होगा।
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