20 वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे बोड़ना के ग्रामीण कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व सांसद को सौंपा ज्ञापन
By, वामन पोटे


20 वर्षों से सड़क की समस्या से जूझ रहे बोड़ना के ग्रामीण
कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व सांसद को सौंपा ज्ञापन
बैतूल। ग्राम बोड़ना से बघवाड तक 6 किलोमीटर रोड निर्माण स्वीकृत करने की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने उपसरपंच अनिल बारस्कर के नेतृत्व में कलेक्टर, जिला पंचायत अध्यक्ष, पूर्व सांसद हेमंत खंडेलवाल को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों का आरोप है कि वे लगभग 20 वर्षों से सड़क निर्माण किए जाने की मांग कर रहे है। लेकिन अब तक ग्रामीणों की मूलभूत समस्या के प्रति किसी भी प्रशासनिक एवं जनप्रतिनिधि ने ध्यान नहीं दिया। उपसरपंच ने बताया कि ग्राम बोड़ना पंचायत नीमझिरी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है। बैतूल से मात्र 20 किलोमीटर की दूरी पर ग्राम बोड़ना है। सड़क नहीं होने के कारण यहां वर्षों से ग्रामीणों को आवागमन में समस्या का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बच्चों की शिक्षा पर भी इसका असर पड़ रहा है, बैतूल तहसील होने के कारण उन्हें सभी कार्यों के लिए उन्हें जिला मुख्यालय आना पड़ता है। इसी मार्ग से ग्राम मोवाड़, कन्हडगांव, कोहावानी, जैतपुर, नीमझिरी के ग्रामीण अनेक समस्याओं से जूझते हुए आवागमन करते हैं।बारिश के दिनों में तो यह मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है जिससे आपातकालीन अवस्था में गर्भवती महिलाओं एवं ग्रामीणों की जान पर बन आती है। ऐसी स्थिति में ग्रामीणों ने तत्काल पक्की सड़क निर्माण करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि सड़क के इस मुद्दे पर तत्काल प्रभाव से निर्णय नही लेने पर उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
— सामुदायिक भवन नहीं होने से आ रही परेशानी–
इसके अलावा ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत नीमझिरी के ग्राम बोड़ना में सामुदायिक भवन निर्माण किए जाने को लेकर सांसद से विशेष आग्रह किया। उपसरपंच अनिल बारस्कर ने बताया कि गांव में होने वाले कार्यक्रम और ग्रामीण स्तर की बैठक के लिए सामुदायिक भवन नहीं होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक स्थान उपलब्ध कराने के सामुदायिक भवनों का महत्व किसी से छिपा नहीं है। ग्राम में ऐसे कार्यक्रमों के लिए सुविधायुक्त स्थान की जरूरत पड़ती है। जहां समारोह कर सकें या फिर कुछ अन्य रचनात्मक कार्यक्रम कर सकें। ग्रामीणों को यही मदद प्रदान करने के लिए गांव में सामुदायिक भवन का निर्माण कराया जाना अति आवश्यक है।
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