सरकार और सरकारी तंत्र का सत्यानाश
सफलता की कहानी रामबाई की जुबानी

बैतूल:सरकार और सरकारी तंत्र का सत्यानाश यह कोई पढ़ा लिखा इंसान नही कह रहा है ये बात अनपढ़ 75 साल की रामबाई कह रही है ।रामबाई बड़ी बेबाकी से कहती है गांव गांव विकास यात्रा निकल रही है तो कोई हाथ से हाथ जोड़ने की बात कह रहा है राम बाई पढ़ी लिखी नही है पर समझ बड़े से बड़े अधिकारी और राजनेताओं से भी ज्यादा है ।

उम्र के 75 साल पूरे होने के बाद भी जज्बा कमाल का है समझ ऐसी की दूर दृष्टि कड़ी मेहनत और पक्का इरादा है।रामबाई शुक्रवार की दोपहर में मरईढाना गांव में मिली उसने जो कहानी बताई उसे सुनकर कर आसपास खड़े दर्जनभर से भी ज्यादा युवा बगले झांकने में लग गए राम बाई ने गांव के प्राथमिक स्कूल के तरफ देख कर कहा बेटा सरकार ने स्कूल में पीने के पानी के लिए पानी की टँकी लगाई बच्चों के लिए हाथ धोने के लिए नल लगाए पर क्या इसमें पानी आ रहा है इसे देखने वाले अधिकारी अंधे हो गए है लाखो रुपये महीने का वेतन ले रहे है जनता के पैसों की बर्बादी हो रही है पूरी सरकारी योजना भृष्ट्राचार की भेंट चढ़ गई पर किसी ने भी इस ओर ध्यान नही दिया है।

मरईढाना गांव नेशनल हाइवे से 500 मीटर दूर भीमपूर ब्लाक के देसली ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है गांव में 40 से 45 मकान है।गांव के बाहर हायर सेकेंडरी स्कूल भी है ।गांव की आंगनवाड़ी में भी छत पर पानी की बड़ी सी प्लास्टिक की टँकी रखी है हेण्डपम्प में मोटर डली है पानी के नल भी लगे है पर न तो पानी है न मोटर में वायर है बस कहने को पानी की समस्या हल हो गई है इसे देखकर लगता है कि इतनी बड़ी लापरवाही पर सरकार और सरकारी तंत्र की नजर ही नही पढ़ी गांव वाले मास्टर और बहनजी को कोस रहे है पर काम किस विभाग ने किया पूरे गांव वालों को भी पता नही है ।ये कहानी मरईढाना गांव की ही नही है देसली के आंगनवाड़ी केंद्र और प्रायमरी स्कूल के हालात भी ऐसे ही है वही सड़क पर बसे धारागोहन गांव के आंगनवाड़ी केंद्र प्राथमिक स्कूल और मिडिल स्कूल पर रखी पानी की टँकी भी ऐसे ही खाली पड़ी है गांव के सुरजन भी कहता कि एक साल पहले ये सब लग गया पर पानी एक दिन भी टँकी में नही आया नल के जगह कचरा भरा पड़ा है ।प्याऊ बनाये नल लगाए पर कही कोई काम नही आ रहा है सुरजन बड़ी ही सहजता से कहता है कि अंधा पीस रहा है और कुत्ता खा रहा है ।

उसका मतलब साफ है प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन अच्छी योजना है पर इस योजना का धरातल पूरा सत्यानाश हो गया है।भीमपूर ब्लाक में 400 से ज्यादा स्कूल आंगनवाड़ी केंद्रों में योजना के तहत काम किया है परंतु बड़ी मुश्किल से 50 से ज्यादा योजनाओं में ही पानी आ रहा है बाकी तो बंद पड़ी है ।इधर सूत्रों ने बताया कि भीमपूर ब्लाक में चार ठेकेदारों ने योजना में काम किया और राजनेताओं के दबाव में भुगतान भी कर दिया पर न तो किसी ने आपत्ति दर्ज कराई न तो कही कोई शिकायत हुई और योजना को पूर्ण होने के प्रमाणपत्र भी जारी कर दिए।