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देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा, ‘शरद पवार साहब से आधा सच उगलवा लिया’

By, बैतूल वार्ता

देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा, ‘शरद पवार साहब से आधा सच उगलवा लिया’

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तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने डीएम के सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बर्ख़ास्त कर दिया गया है. सीएम स्टालिन ने कहा-हम कानूनी तौर पर इसका सामना करेंगे.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार शाम मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाक़े चुराचांदपुर पहुंचकर लोगों से मुलाक़ात की.

भारतीय खेल प्राधिकरण के मुताबिक पहलवान बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट जुलाई के पहले हफ़्ते से ट्रेनिंग शुरू करेंगे.

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देवेंद्र फडणवीस ने क्यों कहा, ‘शरद पवार साहब से आधा सच उगलवा लिया’

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि एनसीपी के प्रमुख शरद पवार को उन्होंने सच उगलने पर मजबूर कर दिया है लेकिन ये आधा ही सच है.

शरद पवार ने कहा था कि ‘फणनवीस ने विकेट दी तो हमने विकेट ले ली. अगर कोई अपना विकेट दिखा रहा है तो कोई गेंदबाज़ ये मौका कैसे छोड़ सकता है.’

फडणवीस ने कहा, “मुझे बहुत खुशी है कि आखिरकार शरद पवार जी को सच बताना पड़ा. उनकी गुगली के कारण मैं तो नहीं बल्कि उनका भतीजा ही बोल्ड हुआ, लेकिन अभी आधा सच बाहर आया है, जल्द ही पूरा सच भी बाहर आएगा.”

एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शरद पवार की मिस्ट्री समझने के लिए उनकी हिस्ट्री में जाना पड़ेगा.

उन्होंने कहा कि “2019 में बीजेपी साथ मिलकर सरकार बनाने पर शरद पवार से चर्चा हुई थी.”

फडणवीस ने कहा कि “शरद पवार से बातचीत के बाद ही उन्होंने सरकार बनाने की कोशिशें शुरू की थी, लेकिन उन्होंने डबल गेम खेला.”

उनके मुताबिक, “जब उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने के लिए कांग्रेस और एनसीपी के साथ बातचीत शुरू की तो एनसीपी के कुछ लोगों ने आकर कहा कि एनसीपी साथ आ सकती है और हम स्थिर सरकार चाहते हैं.”

“इसके बाद शरद पवार के साथ हमारी बैठक हुई जिसमें तय हुआ कि महाराष्ट्र में सरकार बनाई जाएगी. तय हुआ कि मैं और अजीत पवार इसे आगे बढ़ाएंगे और सारे अधिकार हमें दिए गए. हमने पूरी तैयारी कर ली तभी पवार साहब हट गए, शपथ से तीन चार दिन पहले.”

ईद के मौके पर नहीं दिखे शाहरुख ख़ान, फैन्स हुए निराश

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के मुंबई स्थित घर ‘मन्नत’ के बाहर गुरुवार को दिन भर उनके प्रशंसकों का जमावड़ा देखा गया.

उनके घर के बाहर से रिकॉर्ड किए गए कई वीडियोज़ में प्रशंसकों की भारी संख्या नज़र आ रही है.

और ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हो रहे हैं.

क्योंकि शाहरुख़ ख़ान हर साल ईद के मौके पर अपने घर की बालकनी से खड़े होकर अपने फैन्स से मुलाक़ात करते हैं.

पिछले कुछ सालों से ये सिलसिला लगातार चला आ रहा है. ऐसे में उन्हें देखने के इच्छुक फ़ैन्स ईद के मौके पर उनके घर के बाहर पहुंचते हैं.

लेकिन इस बार उनके तमाम फैन्स के हाथ निराशा लगी है.

तमिलनाडु: राज्यपाल ने मंत्री को किया बर्ख़ास्त, सीएम स्टालिन ने दी चुनौती

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने गुरुवार शाम राज्यपाल आरएन रवि की ओर से दिए गए फ़ैसले को चुनौती दी है.

आरएन रवि ने गुरुवार को ही भ्रष्टाचार के मामले में जेल में बंद स्टालिन सरकार के मंत्री वी सेंथिल बालाजी को तत्काल प्रभाव से बर्ख़ास्त करने का आदेश जारी किया है.

बयान के मुताबिक, “मंत्री वी सेंथिल बालाजी कैश फॉर जॉब और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं…इन हालात में राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से उन्हें बर्ख़ास्त कर दिया है.”

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, स्टालिन ने इस फ़ैसले का विरोध करते हुए कहा है कि ‘राज्यपाल आर.एन. रवि के पास उन्हें बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है, हम कानूनी तौर पर इसका सामना करेंगे.’

राजद सांसद मनोज झा ने भी इस कदम का विरोध करते हुए पीटीआई से कहा है कि ‘मैं तमिलनाडु के राज्यपाल को इसके लिए आरोपित नहीं करूंगा. उन्होंने ऐसा किनके इशारे पर किया है, ये पूरे देश को पता है.

आज उन्होंने संवैधानिक तौर-तरीकों का उल्लंघन किया है. और ये उनके बूते की बात नहीं है. मैं उन्हें और उनकी राजनीति को जानता हूं. दिल्ली के शीर्ष नेतृत्व के इशारे पर उन्होंने ये किया है. लेकिन इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा.”

उल्लेखनीय है कि 14 जून को ईडी ने मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बुधवार तड़के गिरफ़्तार कर लिया था.

इसके बाद चेन्नई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें 28 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

गिरफ़्तारी के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी और चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. उनके रोने की तस्वीर उस समय काफ़ी वायरल हुई थी.

बालाजी तमिलनाडु सरकार में बिजली, आबकारी और मद्य निषेध मंत्री रहे हैं.

ख़ालिस्तान से जुड़े मुद्दों पर कनाडा की प्रतिक्रिया को जयशंकर ने ‘वोट बैंक’ की राजनीति से जोड़ा

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि ख़ालिस्तान मुद्दे पर कनाडा की प्रतिक्रिया उसकी ‘वोट बैंक की राजनीति’ से प्रेरित लगती है.

उन्होंने कहा कि अगर ऐसी गतिविधियों से राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर प्रभाव पड़ता है तो भारत प्रतिक्रिया देगा.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एस जयशंकर ने ये बातें नई दिल्ली में बुधवार को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहीं.

जयशंकर ने ये भी कहा कि पिछले कुछ सालों में ख़ालिस्तान के मुद्दे पर भारत और कनाडा के बीच संबंध कई मायनों में प्रभावित हुए हैं.

उन्होंने कहा, “कनाडा ख़ालिस्तान मुद्दे से किस तरह निपटता है, ये हमारे लिए लंबे समय तक चिंता का विषय रहा है. क्योंकि साफ़ तौर पर ये वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित लगते हैं.”

जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार कनाडा को ये स्पष्ट कर चुकी है कि अगर इन गतिविधियों से हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा और अखंडता पर असर हुआ तो भारत को जवाब देना पड़ेगा.

जयशंकर बोले, “ये एक ऐसा मुद्दा है जिसपर हमारी कनाडा से बातचीत लगातार जारी है, हमेशा संतोषजनक बातचीत नहीं होती लेकिन ये कुछ ऐसा है जिस पर हमारा रुख एकदम साफ़ है. आप देख सकते हैं कि बीते कुछ सालों में कई मायनों में इससे हमारे संबंध प्रभावित हुए हैं.”

पश्चिम बंगाल के मेदिनीपुर में भाजपा नेता का शव बरामद

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव से पहले हिंसा के दौर में अब पश्चिम मेदिनीपुर ज़िले के सबंग में एक बीजेपी नेता का शव रहस्यमय हालत में बरामद किया गया है.

35 वर्षीय दीपक सामंत पार्टी के लिए बूथ अध्यक्ष के रूप में काम करते थे.

सामंत के परिजनों और भाजपा ने इस हत्या के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है.

लेकिन तृणमूल ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है कि दीपक की हत्या पारिवारिक विवाद के कारण हुई है.

परिजनों ने कहा है कि तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेता मालिक माइती और पार्टी के संरक्षण वाले असामाजिक तत्व अक्सर दीपक को जान से मारने की धमकी दे रहे थे.

उन्होंने बताया है कि गुरुवार सुबह दीपक अचानक घर से लापता हो गए.

कुछ देर तक तलाश करने के बावजूद जब उनका पता नहीं चला तो लोग घर लौट आए जहां दीपक का शव फंदे से लटकता मिला.

नाम नहीं छापने की शर्त पर दीपक के एक परिजन बताते हैं, “भाजपा के लिए काम करने के कारण बीते करीब एक साल से हमें हाशिए पर कर दिया गया था. तृणमूल के लोग चुनाव प्रचार में भी बाधा पहुंचा रहे थे. दीपक की पत्नी को धमकी दी गई थी कि उनकी हत्या कर दी जाएगी. उसके बाद आज शव बरामद किया गया.”

घाटाल के भाजपा नेता तन्मय दास ने आरोप लगाया है, “तृणमूल कांग्रेस ने दीपक सामंत की हत्या कर फंदे से लटका दिया है.”

लेकिन पश्चिम मेदिनीपुर जिले में तृणमूल कांग्रेस के संयोजक अजित माइती कहते हैं, “यह आरोप पूरी तरह निराधार है. यह घटना पारिवारिक विवाद के कारण हुई है. भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है.”

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया है कि इस मामले की जांच की जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की असली वजह का पता लगेगा.

कोलकाता में बीजेपी नेता शिशिर बाजोरिया ने इस मामले की चुनाव आयोग से लिखित शिकायत की है.

उन्होंने पत्रकारो से कहा, “हिंसा की घटनाएं जस की तस हैं, लेकिन आयोग ने इस पर अंकुश के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया है.”

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सभा में वसुंधरा राजे समर्थक पूर्व विधायक से छीना माइक

राजस्थान में जोधपुर के बालेसर में बुधवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सभा में बीजेपी के नेताओं के बीच की खींचतान सामने आई.

मंच से बोल रहे पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ से माइक छीन लिया गया. बाबू सिंह राठौड़ कहते रहे कि, “मैं राजनाथ सिंह से पूछ कर आया हूं.”

इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया खूब वायरल हो रहा है.

राठौड़ पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समर्थक माने जाते हैं. वह वसुंधरा राजे के समर्थन में कई बार खुलकर बयान दे चुके हैं.

केंद्रीय मंत्री और जोधपुर से लोकसभा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत का भाषण होने के बाद शेरगढ़ से पूर्व विधायक बाबू सिंह राठौड़ भाषण देने पहुंच गए थे.

इस दौरान वो माइक पर बोलने लगे, कुछ ही समय बाद पीछे से आए लोगों ने माइक छीन लिया.

माइक छीनने के बाद मंच धक्का-मुक्की की स्थिति बनते देख सभा में राजनाथ सिंह को सुनने के लिए पहुंचे लोग चिल्लाने लगे.

मामला बढ़ता देख राजनाथ सिंह ने लोगों को हाथ का इशारा करते हुए शांत होने के लिए कहा. जबकि, मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बीच बचाव किया और माइक को फिर से लगाया गया.

मामला शांत करने के लिए उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया ने माइक संभाला और राजनाथ सिंह को भाषण देने के लिए आमंत्रित किया.

बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट जुलाई में शुरू करेंगे ट्रेनिंग

भारतीय खेल प्राधिकरण ने गुरुवार शाम ट्वीट कर सूचना दी है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में तमाम पदक जीत चुके पहलवान बजरंग पुनिया और विनेश फोगाट जुलाई के पहले हफ़्ते से ट्रेनिंग शुरू करेंगे.

इसके तहत बजरंग पुनिया 36 दिनों के ट्रेनिंग सेशन में हिस्सा लेने के लिए किर्गिस्तान रवाना होंगे.

पुनिया के साथ उनके कोच सुजीत मान, फीज़ियोथेरेपिस्ट अनुज गुप्ता, स्पारिंग पार्टनर जितेंद्र और स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग विशेषज्ञ काज़ी हसन जाएंगे.

वहीं, विनेश फोगाट एक हफ़्ते की ट्रेनिंग के लिए किर्गिस्तान के बिश्केक शहर जाएंगी. इसके बाद वह 18 दिनों के ट्रेनिंग सत्र में हिस्सा लेने के लिए हंगरी के टाटा शहर जाएंगी.

विनेश फोगाट के साथ उनके फीजियोथेरेपिस्ट अश्विनी जीवन पाटिल, साथ में संगीता फोगाट और कोच सुदेश जाएंगे.

इन खिलाड़ियों ने खेल मंत्रालय के समक्ष इस बारे में प्रस्ताव रखा था जिसे स्वीकार कर लिया गया है.

बजरंग पुनिया, विनेश फोगाट और साक्षी मलिक पिछले दिनों तमाम दूसरे पहलवानों के साथ मिलकर यौन शोषण मामले में आरोपों का सामना कर रहे बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को गिरफ़्तार किए जाने के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे.

तमिलनाडु के राज्यपाल ने मंत्री वी सेंथिल को बर्ख़ास्त किया

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को डीएमके सरकार में मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.

राजभवन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तमिलनाडु राज्यपाल आरएन रवि ने जेल भेजे गए मंत्री वी सेंथिल बालाजी को तत्काल प्रभाव से बर्ख़ास्त कर दिया है.

बयान के मुताबिक, “मंत्री वी सेंथिल बालाजी कैश फॉर जॉब और मनी लॉन्ड्रिंग समेत कई भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों का सामना कर रहे हैं…इन हालात में राज्यपाल ने मंत्रिमंडल से उन्हें बर्ख़ास्त कर दिया है.”

उल्लेखनीय है कि 14 जून को ईडी ने मंत्री वी सेंथिल बालाजी को बुधवार तड़के गिरफ़्तार कर लिया था.

इसके बाद चेन्नई की एक अदालत ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में उन्हें 28 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया.

गिरफ़्तारी के बाद उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की थी और चेन्नई के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. उनके रोने की तस्वीर उस समय काफ़ी वायरल हुई थी.

बालाजी तमिलनाडु सरकार में बिजली, आबकारी और मद्य निषेध मंत्री रहे हैं.

ईद के मौके पर मस्जिद पहुंचे पुतिन, कुरान पर दिया बयान

ईद उल अजहा के मौके पर दागिस्तान के डेरबेंट जुमा मस्जिद पहुंचे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को उपहार में इस्लाम धर्म की पवित्र किताब कुरान दी गई.

माना जाता है कि यह रूस की सबसे पुरानी मस्जिद है.

पुतिन ने इस मौके पर कहा कि कुरान मुसलमानों के लिए पवित्र है और ये दूसरो के लिए भी उतनी ही पवित्र होनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “जैसा आप जानते हैं कि अन्य देशों में अलग तरह से बर्ताव किया जाता है. वे दूसरे लोगों के धार्मिक भावनाओं की कद्र नहीं करते और वे ये भी कहते हैं कि सम्मान न करना अपराध नहीं है.”

रूसी राष्ट्रपति ने कहा, “हमारे देश में ये अपराध है. संविधान के मुताबिक भी और रूसी संघ की दंड संहिता की धारा 282 के तहत भी.”

जेपी नड्डा बोले, ‘कांग्रेस को होता है पेट दर्द जब…’

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुरुवार को कांग्रेस पार्टी की आलोचना करते हुए कहा है कि जब दुनिया भर में पीएम मोदी की तारीफ़ होती है तो कांग्रेस पार्टी के पेट में दर्द होता है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राजस्थान के भरतपुर ज़िले में आयोजित रैली के दौरान जेपी नड्डा ने अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली राजस्थान सरकार की भी आलोचना की.

उन्होंने कहा है कि गहलोत सरकार गले तक भ्रष्टाचार में डूबी हुई है.

वहीं, पीएम मोदी के हालिया विदेश दौरे का ज़िक्र करते हुए नड्डा ने कहा, “जब पीएम मोदी की दुनिया भर में तारीफ़ होती है तो कांग्रेस के पेट में दर्द होता है. वे उन्हें सांप, बिच्छू और चायवाला जैसे नामों से पुकारती है.”

राजस्थान में इस साल के अंत में चुनाव होने हैं और पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था.

मणिपुर में काफ़िला रोके जाने पर राहुल गांधी ने दी पहली प्रतिक्रिया

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार शाम मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाक़े चुराचांदपुर पहुंचकर लोगों से मुलाक़ात की है.

यहां पहुंचने के बाद उन्होंने ट्वीट कर अपने काफ़िले को रोके जाने पर पहली प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है, “मैं मणिपुर के अपने सभी भाइयों और बहनों को सुनने आया हूं. सभी समुदायों के लोग बहुत स्वागत और प्यार कर रहे हैं. यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार मुझे रोक रही है. मणिपुर को उपचार की जरूरत है. शांति हमारी एकमात्र प्राथमिकता होनी चाहिए.”

इससे पहले कांग्रेस ने दावा किया था कि बीजेपी के इशारे पर दोपहर में मणिपुर पुलिस ने राहुल गांधी के काफ़िले को बिष्णुपुर में आगे बढ़ने से रोक दिया था.

वह अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सड़क मार्ग से चुराचांदपुर जैसे हिंसा प्रभावित इलाकों में पहुंचना चाह रहे थे.

लेकिन मणिपुर पुलिस ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए उनके काफ़िले को आगे बढ़ने से रोक दिया था जिसके बाद वह हेलीकॉप्टर के ज़रिए चुराचांदपुर पहुंचे हैं.

क्रिस गेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट पर

वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेट खिलाड़ी क्रिस गेल ने क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने की ख़बरों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा है कि वह फिलहाल क्रिकेट खेलते रहेंगे.

उन्होंने कहा, “मैंने अब तक रिटायरमेंट को लेकर कोई भी आधिकारिक घोषणा नहीं दी है. मैं क्रिकेट खेलता रहूंगा. लोग मुझे क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं. और मैं अभी भी फिट हूं.”

हालांकि, 43 वर्षीय गेल ने ये भी कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलते नहीं दिखेंगे.

क्रिस गेल ने अपना अंतिम टी20 मैच साल 2021 के नवंबर महीने में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ खेला था.

राहुल गांधी हेलीकॉप्टर से चुराचांदपुर पहुंचे, पुलिस ने रोका था काफ़िला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी मणिपुर की राजधानी इंफाल में पुलिस की ओर से रोके जाने के बाद हेलीकॉप्टर के ज़रिए चुराचांदपुर पहुंच गए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, राहुल गांधी ने यहां पहुंचकर राहत शिविरों में रह रहे हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाक़ात की है.

राहुल गांधी अपने दो दिवसीय दौरे पर गुरुवार को मणिपुर पहुंचे हैं. उन्हें सड़क मार्ग से होते हुए मणिपुर के हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाक़ात करनी थी.

लेकिन राज्य सरकार ने क़ानून व्यवस्था का हवाला देते हुए उनके काफ़िले को बिष्णुपुर में ही रोक दिया.

इसके बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. और पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे.

बिष्णुपुर के पुलिस अधीक्षक हेसनाम बलराम सिंह ने समाचार एजेंसियों को बताया है कि उनकी ओर से राहुल गांधी को हेलीकॉप्टर के ज़रिए चुराचांदपुर जाने की सलाह दी गयी थी क्योंकि सड़क मार्ग पर ग्रेनेड से हमला किए जाने की आशंका थी.

मणिपुर पिछले 55 दिनों से हिंसा का सामना कर रहा है और चुराचांदपुर सबसे ज़्यादा हिंसा प्रभावित इलाक़ों में से एक है.

मणिपुर: राहुल गांधी को रोके जाने के बाद पुलिस से भिड़े स्थानीय लोग, चले आंसू गैस के गोले

मणिपुर के बिष्णुपुर इलाके में राहुल गांधी का काफ़िला रोके जाने के बाद पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच झड़प होने की ख़बरें आ रही हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने मौके की कई तस्वीरें साझा की हैं जिनमें एक ओर पुलिस की बैरिकेडिंग और दूसरी ओर आम महिलाएं और पुरुष नज़र आ रहे हैं.

पीटीआई के मुताबिक़, स्थानीय लोगों के साथ झड़प के बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया है.

मणिपुर कांग्रेस के अध्यक्ष के मेघचंद्र ने समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा है कि ‘लोग राहुल गांधी का स्वागत करने के लिए सड़कों पर खड़े हैं.

लेकिन बिष्णुपुर एसपी, एएसपी, एडीएम और दूसरे पुलिस अधिकारी सड़कों को रोक रहे हैं. मैंने सुना है कि मणिपुर के मुख्यमंत्री की ओर से मिले आदेश के तहत सड़कों को रोका जा रहा है.

वे इसका राजनीतिकरण कर रहे हैं. वे सिर्फ़ ये कह रहे हैं कि क़ानून व्यवस्था ठीक नहीं है और हमें आगे बढ़ने से रोक रहे हैं.”

कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है कि ये राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा का विस्तार है.

उन्होंने कहा, “राहुल गांधी मणिपुर में अपनी भारत जोड़ो यात्रा को जारी रखने के लिए पहुंचे हैं. लेकिन उन्हें रोक दिया गया.”

वहीं, विष्णुपुर की क़ानून व्यवस्था पर स्थानीय पुलिस अधीक्षक हेसनाम बलराम सिंह ने कहा है कि ‘क़ानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हमने उन्हें आगे नहीं जाने दिया है,

और चूड़ाचांदपुर तक हेलीकॉप्टर के ज़रिए पहुंचने की सलाह दी है. राहुल गांधी जिस हाईवे से होकर गुज़रने वाले हैं, वहां ग्रेनेड हमला होने की संभावना है. उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही हमने उन्हें आगे जाने की इजाज़त नहीं दी है.”

चंद्रशेखर आज़ाद ने जानलेवा हमले के बाद योगी आदित्यनाथ से मांगा इस्तीफ़ा

भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने बीते बुधवार अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद एक लंबा ट्वीट कर राज्य सरकार को निशाना बनाया है.

आज़ाद ने लिखा है, “कल घात लगाकर मेरे ऊपर किए गए जानलेवा हमले की निंदा करने और मेरे प्रति संवेदना प्रकट करने वाले मित्रों, नेताओं व शुभचिंतकों का दिल से आभार प्रकट करता हूं. कल की तरह की घटना आज भले ही मेरे साथ घटी है लेकिन आगे किसी भी समय ऐसी घटनाएं किसी भी दूसरी राजनीतिक पार्टियों के प्रमुखों और उनके समर्थकों के साथ घट सकती है.”

आज़ाद ने इन हालातों के लिए राज्य सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है.

उन्होंने लिखा, “इसकी दो वजहें हैं. पहला ये कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था लगातार बद से बदतर होती जा रही है और दूसरा ये कि सरकार अपराधियों को जाति और धर्म के आधार पर प्रश्रय देकर उसे संरक्षण प्रदान कर रही है जिससे सरकार समर्थित अपराधियों के हौसले बुलंद हैं. उनको आज न तो कानून का भय है और न ही पुलिस का.”

इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अगर उन पर हमला हो सकता है तो दलितों, अल्पसंख्यकों और आदिवासियों पर होने वाले अत्याचारों की कल्पना भी नहीं की जा सकती.

उन्होंने लिखा, “आज भारत के लोकतांत्रिक मूल्य और बाबा साहेब का संविधान दोनों ही खतरे में हैं. जब सरकार समर्थित बेखौफ घूमते अपराधी मेरे जैसे राजनेताओं की आवाजों को खामोश करने के लिए हमले कर सकते हैं, खुलेआम कई राउंड गोलियां चला सकते हैं तो इस प्रदेश की बहू- बेटियां, दलित, पिछड़े, आदिवासी और अल्पसंख्यकों के ऊपर कितना जुल्म और अत्याचार किया जा रहा है इसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते.

सत्ता के नशे में लोग इतने पागल हो गए हैं कि ये अपने विरुद्ध उठने वाली आवाजों को मिटा देने पर तुले हैं. पहले ये लोग इसके लिए ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स अधिकारियों का दुरुपयोग किया करते थे, फिर फेक पुलिस एनकाउंटर करवाने लगे और अब तो विपक्षी नेताओं को खत्म करने के लिए सरकार समर्थित अपराधी सीधे बंदूक-गोलियों से हमले करने लगे हैं.

वो भूल रहे हैं कि भारतवर्ष का इतिहास हमारे पूर्वजों की कुर्बानियों से भरा पड़ा है. वो भूल रहे हैं कि आज भी हमारा बहुजन समाज बिना डरे सीमाओं पर अपनी जान देकर इस देश की रक्षा में जुटा है. मैं भी उसी समाज का एक हिस्सा हूं. इसलिए आप चंद्रशेखर को गोली और बंदूकों से न तो झुका सकते हैं न डरा सकते हैं और न ही डिगा सकते हैं. मेरा 56 इंच का सीना असली है नकली नहीं.

मेरे ऊपर हुआ जानलेवा हमला सरकार की विफलता है क्योंकि प्रदेश की जनता की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी होती है और मैं भी प्रदेश का एक जिम्मेदार नागरिक हूं. बीजेपी राज्य में बेखौफ अपराधियों को संरक्षण देने की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकारते हुए मुख्यमंत्री जी को तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे देना चाहिए.”

जानलेवा हमले के बाद चंद्रशेखर आज़ाद की हालत कैसी है, भीम आर्मी के वकील ने बताया

भीम आर्मी चीफ़ चंद्रशेखर आज़ाद पर बीते दिन हुए जानलेवा हमले के बाद अब वे ख़तरे से बाहर हैं.

भीम आर्मी के वकील एमएस आर्या ने इस बारे में मीडिया को जानकारी दी है.

उन्होंने कहा, “अब घबराने की कोई बात नहीं है. कल से लगातार आईसीयू में हैं. जिस समय ये घटना हुई थी, उस वक़्त हालत बहुत गंभीर थी. अब स्थिति सामान्य है. और डॉक्टर उन पर नज़र रख रहे हैं.”

इस मामले की जांच से जुड़ी जानकारी देते हुए आर्या ने बताया है, “इस हमले में जिस गाड़ी का इस्तेमाल किया गया था, उसे बरामद कर लिया गया है. इसके साथ ही कई अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया है. इस मामले में जांच की जा रही है.”

फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने किस बात पर केंद्र सरकार को दी सावधान रहने की सलाह

नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने समान नागरिक संहिता पर केंद्र सरकार को सावधान रहने की सलाह दी है.

पीएम मोदी ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इस मुद्दे पर बयान दिया है जिसके बाद इस मुद्दे के आसपास सियासत गरमा गई है.

बीते दो दिनों में मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी से लेकर तमाम दूसरे नेताओं की ओर से टिप्पणियां आ रही हैं.

इसी बीच फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने पीएम मोदी को इस मुद्दे पर सावधान रहने की सलाह दी है.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, फ़ारूक़ अब्दुल्लाह ने कहा, “मैं आपसे सबसे बड़ी चीज ये कहूंगा कि आजकल जो ये (केंद्र सरकार) कर रहे हैं कि यूनिफॉर्म कॉमन कोड (समान नागरिक संहिता) होनी चाहिए. मैं समझता हूं कि उसकी तरफ़ इन्हें सोचना चाहिए.

ये मुल्क विविधताओं से भरा हुआ है. इसमें हर किस्म के लोग रहते हैं. हर मजहब, हर ज़बान, और हर सोच के लोग रहते हैं. और मुसलमानों का अपना शरियत क़ानून है.

उसकी तरफ़ भी इनको नज़र रखनी चाहिए. इस दिशा में कदम उठाने की जगह इस पर बार-बार सोचें कि अगर इसके लिए इन्होंने कोई कदम उठाया तो कहीं कोई तूफ़ान न आए.”

चंद्रशेखर आज़ाद से मिलने पहुंचे साक्षी मलिक और बजरंग पुनिया

आज़ाद समाज पार्टी कांशीराम के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आज़ाद पर हुए हमले के बाद पहलवान बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक उनसे मिलने पहुंचे हैं.

उत्तर प्रदेश में सहारनपुर ज़िले के देवबंद में चंद्रशेखर आज़ाद पर बुधवार को हमला हुआ था. इस दौरान गोली चंद्रशेखर के पेट से छूती हुई निकली.

इससे पहले साक्षी मलिक ने एक ट्वीट में चंद्रशेखर आज़ाद पर हमला करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की थी.

वहीं, पुलिस ने गुरुवार को बताया है कि चंद्रशेखर आज़ाद की हालत अब स्थिर है और उन पर हमला करने वालों के वाहन को भी एक गाँव से बरामद किया गया है.

बीते दिनों जब पहलवान कुश्ती महासंघ की गिरफ़्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना दे रहे थे, उस समय चंद्रशेखर आज़ाद भी इनके समर्थन में आए थे.

मणिपुर में राहुल गांधी का काफ़िला रोके जाने पर भड़की कांग्रेस, कही ये बात

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को मणिपुर की राजधानी इंफाल में रोके जाने पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट कर लिखा है, “ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि मोदी सरकार राहुल गांधी को मणिपुर की राजधानी इंफाल के बाहर बनाए गए राहत शिविरों में जाकर लोगों से बात करने से रोक रही है.”

राहुल गांधी दो दिनों के दौरे पर हिंसा का सामना कर रहे उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर पहुंचे हैं.

लेकिन उन्हें इंफाल से बाहर निकलने से रोक दिया गया है.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया है कि राहुल गांधी के काफ़िले को बिष्णुपुर के पास रोका गया है.

सरकार की इस प्रतिक्रिया पर जयराम रमेश ने लिखा है, “राहुल गांधी का दो दिवसीय मणिपुर दौरा उनकी भारत जोड़ो यात्रा की भावना के अनुरूप है.”

“प्रधानमंत्री चुप रहना या निष्क्रिय रहना पसंद कर सकते हैं, लेकिन मणिपुर के सभी वर्गों को सुनने और उनके जख़्मों पर मरहम लगाने की कोशिश करने से जुड़े राहुल गांधी के प्रयासों को क्यों रोका जाए?”

कांग्रेस प्रवक्ता अंशू अवस्थी ने भी राहुल गांधी के काफ़िले को रोका जाना निंदनीय बताया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “ये निंदनीय है कि सरकार राहुल गांधी को मणिपुर में रोक रही है जो वहां शांति की अपील करने गए हैं. पूरा देश देख रहा है कि बीजेपी शांति में यकीन नहीं रखती.”

समाचार एजेंसी एएनआई ने बताया है कि राहुल गांधी विष्णुपुर से एयरपोर्ट जा रहे हैं जहां से वह हेलिकॉप्टर के ज़रिए अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होंगे.

कांग्रेस का दावा- राहुल गांधी का काफ़िला मणिपुर में रोका गया

कांग्रेस नेता राहुल गांधी दो दिनों के दौरे पर हिंसाग्रस्त मणिपुर पहुँच गए हैं. राहुल गांधी एयरपोर्ट से सीधे हिंसा पीड़ितों से मिलने के लिए निकले लेकिन अब कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके काफ़िले को पुलिस ने रोक दिया है.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा है, “राहुल गांधी के काफ़िले को बिष्णुपुर के पास पुलिस ने रोका है. पुलिस का कहना है कि वो हमें आगे जाने देने की स्थिति में नहीं हैं. राहुल गांधी का अभिवादन करने के लिए दोनों ओर लोग खड़े हैं. हमें समझ नहीं आ रहा कि हमें क्यों रोका गया है.”

मणिपुर कांग्रेस अध्यक्ष ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस दो दिवसीय दौरे पर राहुल गांधी सिविल सोसायटी के प्रतिनिधियों, बुद्धिजीवियों और अन्य लोगों से मुलाक़ात करेंगे.

मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच मई महीने में शुरू हुए संघर्ष की वजह से अभी तक 50 हज़ार लोग 300 से अधिक राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं. इस हिंसा में अभी तक 100 से अधिक लोगों की जान भी गई है.

पीटीआई के अनुसार, शुक्रवार को राहुल गांधी इम्फाल में राहत शिविरों का दौरा करेंगे.

मणिपुर कांग्रेस प्रभारी डॉक्टर अजय कुमार ने पीटीआई से कहा, “सरकार को जनता की सुननी चाहिए…बिरेन सिंह सरकार को हटाना चाहिए.”

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मणिपुर का दौरा कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने मणिपुर की स्थिति को लेकर सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी.

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