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सरकारी खबर जिला जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र तिवारी द्वारा जारी ? (1)सघन मिशन इन्द्रधनुष 5.0 अभियान, (2)पेसा एक्ट पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित, (3)महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण देना जरूरी, (4)प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवासों का गृह प्रवेश एवं राशि वितरण कार्यक्रम एक अगस्त को, (5)34 लाख विद्यार्थियों को दी जा रही है पिछड़ा वर्ग राज्य छात्रवृत्ति, (6)विश्व स्तनपान सप्ताह एक से 7 अगस्त तक

By, बैतूल वार्ता

सरकारी खबर जिला जनसंपर्क अधिकारी सुरेंद्र तिवारी द्वारा जारी ?

(1)सघन मिशन इन्द्रधनुष 5.0 अभियान,
(2)पेसा एक्ट पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित,
(3)महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण देना जरूरी,
(4)प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवासों का गृह प्रवेश एवं राशि वितरण कार्यक्रम एक अगस्त को,
(5)34 लाख विद्यार्थियों को दी जा रही है पिछड़ा वर्ग राज्य छात्रवृत्ति,
(6)विश्व स्तनपान सप्ताह एक से 7 अगस्त तक

बैतूल।।

जन अभियान परिषद द्वारा शुक्रवार को पेसा एक्ट पर जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया। जिसमें जिले के अधिसूचित छह विकासखंडों आठनेर, भीमपुर, चिचोली, भैंसदेही, शाहपुर, घोड़ाडोंगरी सहित नर्मदापुरम जिले के केसला विकासखंड के प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
प्रशिक्षण में पेसा एक्ट अंतर्गत ग्राम सभा का गठन, प्रकिया, ग्राम सभा के अधिकार, ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा में अंतर जैसे विषयों पर प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन दिया गया। ग्राम सभा के गठन की प्रक्रिया समझने के लिए प्रतिभागियों को भीमपुर विकासखंड के सिमोरी ग्राम का भ्रमण कराया गया। जहां प्रतिभागियों ने ग्रामीणों के साथ ग्राम सभा के संचालन की प्रक्रिया देखी। प्रशिक्षण के दौरान जन अभियान परिषद के संभागीय समन्वयक श्री कौशलेश तिवारी, वरिष्ठ समाजसेवी भारत भारती के श्री बुधपाल सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री हंसराज धुर्वे, जनजाति मंत्रणा परिषद राजभवन के विधि सलाहकार श्री विक्रांत भलावी, जन अभियान परिषद की जिला समन्वयक श्रीमती प्रिया चौधरी सहित अन्य पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

 

‘‘सघन मिशन इन्द्रधनुष 5.0 अभियान
बैतूल, 28 जुलाई 2023
भारत शासन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली के निर्देशानुसार नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के सुदृढ़ीकरण तथा मीजल्स रूबेला वैक्सीन की डोज से छूटे हुये 5 वर्ष तक के बच्चों को टीकाकृत किये जाने हेतु प्रदेश में सघन मिशन इन्द्रधनुष अभियान 5.0 के तीन चरण-प्रथम चरण 7 से 12 अगस्त, द्वितीय चरण 11 से 16 सितम्बर एवं तृतीय चरण 9 से 14 अक्टूबर तक आयोजित किए जाएंगे।
सीएमएचओ डॉ.सुरेश बौद्ध ने बताया अभियान पूर्व टीकाकरण से वंचित 0 से 5 वर्ष तक आयु के लेफ्ट-आउट/ड्रॉप आउट बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को आशा एवं आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा घर-घर हेडकाउण्ट सर्वे उपरांत ड्यूलिस्ट अनुसार चिन्हित कर यूविन पोर्टल के माध्यम से पंजीयन किया जाएगा।


महिलाओं को बराबरी का दर्जा दिलाने के लिए उन्हें सुरक्षित वातावरण देना जरूरी : मुख्यमंत्री श्री चौहान
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिला हैल्प-डेस्क के लिए दो पहिया वाहनों को किया फ्लैग ऑफ
पुस्तिका अभिमन्यु का विमोचन किया
बैतूल, 28 जुलाई 2023
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि आधी आबादी के साथ न्याय के बिना न देश आगे बढ़ सकता है न समाज। बहन बेटियों की झिझक टूटे, उनका आत्मविश्वास और सम्मान बड़े इसी उद्देश्य से पुलिस बल में महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण के साथ-साथ लाड़ली लक्ष्मी, कन्या विवाह जैसी योजनाएं और कार्यक्रम आरंभ किए गए। जब तक हम बहन-बेटी को समाज में बराबरी पर लाकर नहीं खड़ा कर देते, तब तक हम चैन की सांस नहीं लेंगे। इसमें महिला सुरक्षा सबसे अहम है। अपराधियों में भय पैदा करने महिला हेल्प डेस्क को वाहन उपलब्ध कराकर गतिशील बनाने और महिलाओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित करने के लिए आरंभ किया गया अभिमन्यु अभियान, महिला सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान प्रदेश के थानों में काम कर रही उर्जा महिला हेल्प डेस्क की महिला पुलिस कर्मियों को दोपहिया वाहन प्रदान करने के लिए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 250 महिला पुलिस कर्मियों की स्कूटर रैली को फ्लैग ऑफ किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधों के प्रति पुरुषों को जागरूक करने तथा महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने के उद्देश्य से संचालित अभिमन्यु अभियान की पुस्तिका अभिमन्यु का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा, पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना तथा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बहन-बेटियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ेगा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बेटा-बेटी में भेद और घरेलू हिंसा की विकृत सोच को बदलने की जरूरत है। पुलिस में 30 प्रतिशत महिलाओं की भर्ती से पीडि़त महिलाओं को थानों में अपनी व्यथा बयान करने और उस पर कार्रवाई कराने में मदद मिली है। महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हम क्रूर नहीं हैं, किंतु प्राय: यह देखा गया है कि बुरी प्रवृत्ति के लोग कड़ी कार्यवाही के बिना मानते नहीं है, अपराधियों में भय पैदा करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिला पुलिस कर्मियों का आव्हान किया कि वे आंतरिक देवत्व को जागृत कर दुर्जनों पर कार्यवाही करें और बहन बेटियों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में सहयोगी बने। इससे बहन-बेटियों का आत्मविश्वास और सम्मान बढ़ेगा और पुलिसकर्मियों की यश और कीर्ति का विस्तार होगा।

महिला सुरक्षा के लिए संचालित अभियानों को निरंतर चलाना जरूरी

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान जैसे महिला सुरक्षा के लिए संचालित किए जाने वाले अभियानों को निरंतर चलाने की आवश्यकता है। अभिमन्यु अभियान महिलाओं के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने और बच्चों व युवाओं में संस्कार विकसित करने में सहायक होगा।

संकल्प को धरातल पर उतारना कहलाता है सिद्धि – गृह मंत्री डॉ. मिश्रा

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि संकल्प को धरातल पर उतारना सिद्धि कहलाता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महिलाओं के सशक्तिकरण का जो संकल्प लिया है उसे लगातार वे धरातल पर उतारते जा रहे हैं। जब वे मुख्यमंत्री नहीं थे तब से महिलाओं के सशक्तिकरण के लिये कार्य कर रहे हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना से लेकर लाड़ली बहना तक महिलाओं के आत्मबल को बढ़ाने के लिये जो कार्यक्रम किये जा सकते हैं, वे सभी उन्होंने किये है। प्रदेश में महिलाओं को नौकरियों में आरक्षण के साथ पंचायती राज संस्थाओं में सहभागिता भी सुनिश्चित की है। बेटियों के मान सम्मान के साथ प्रदेश के वातावरण को उनके लिये सुरक्षित बनाने के सभी प्रयास किये जा रहे हैं। जब बेटियों के हाथ में डंडा होता है, तो बाकी मौजूद बेटियाँ स्वयं को सुरक्षित समझती हैं, उनका आत्मबल भी बढ़ता है। महिला पुलिस की उपस्थिति में शक्ति मिलती है। मध्यप्रदेश में ही महिला अपराधों को नियंत्रित करने के लिये दुष्कर्मियों को फाँसी की सजा का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में ऊर्जा महिला हैल्प डेस्क की बेटियों को प्रदाय की गई स्कूटियाँ निश्चित ही महिला अपराध रोकथाम में सहायक होंगी।

पुलिस बैंड की धुनों पर किया 250 दोपहिया वाहनों को फ्लैग ऑफ

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पुलिस बैंड पर बज रही मध्यप्रदेश पुलिस हैं हम, यह भारत देश है मेरा और सारे जहां से अच्छा हिंदुस्ता हमारा गानों की धुन पर 250 दोपहिया वाहनों की रैली को फ्लैग ऑफ किया। कार्यक्रम के आरंभ में पुलिस महानिदेशक श्री सुधीर सक्सेना ने निर्भया फंड के माध्यम से महिला थानों में स्थापित हेल्प डेस्क की गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री चौहान और गृह मंत्री डॉ. मिश्रा को स्मृति-चिन्ह भी भेंट किया। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (महिला सुरक्षा शाखा) श्रीमती प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव ने सभी का आभार माना।

 

प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के आवासों का गृह प्रवेश एवं राशि वितरण कार्यक्रम एक अगस्त को
बैतूल।।
प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एक अगस्त को अपरान्ह् 3 बजे नगरीय निकास एवं आवास विभाग द्वारा क्रियान्वित की जा रही प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना अंतर्गत निर्मित आवासों का गृह प्रवेश एवं सिंगल क्लिक के माध्यम से राशि वितरण करेंगे। उक्त राज्य स्तरीय कार्यक्रम आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में अपरान्ह् 3 बजे से आयोजित होगा। इस कार्यक्रम से जिले के समस्त नगरीय निकाय एवं हितग्राही वर्चुअली जुड़ेंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर भी गृह प्रवेश कार्यक्रम आयोजित होंगे।

34 लाख विद्यार्थियों को दी जा रही है पिछड़ा वर्ग राज्य छात्रवृत्ति
250 करोड़ रूपये का बजट प्रावधान

बैतूल।।
प्रदेश में पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों की पढ़ाई का पूरा ध्यान राज्य सरकार रख रही है। राज्य में इस वर्ष 2023-24 में शालाओं में पढऩे वाले 34 लाख विद्यार्थियों को राज्य छात्रवृत्ति का फायदा दिलाया जा रहा है। इसके लिये 250 करोड़ रूपये का प्रावधान है। राज्य छात्रवृत्ति का लाभ पिछड़ा वर्ग के कक्षा 6 से 10 तक पढऩे वाले विद्यार्थियों को दिया जा रहा है। पिछले वर्ष 222 करोड़ रूपये की छात्रवृत्ति दी गई थी।

विश्व स्तनपान सप्ताह एक से 7 अगस्त तक
इस वर्ष की थीम है इनेवलिंग ब्रेस्ट-फीडिंग : मेकिंग अ डिफरेंस फॉर वर्किंग पेरेंट्स
बैतूल।।
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी एक से 7 अगस्त के दौरान विश्व स्तनपान सप्ताह मनाया जायेगा। इस वर्ष के विश्व स्तनपान सप्ताह की थीम इनेवलिंग ब्रेस्ट-फीडिंग : मेकिंग अ डिफरेंस फॉर वर्किंग पेरेंट्स है। स्तनपान मां और बच्चा, दोनों के लिये आवश्यक है। परिवार में एक माता को दोहरे दायित्वों का निर्वहन करना होता है। इसलिये यह आवश्यक है कि एक मां को उसके परिवार से यथोचित सहयोग प्राप्त हो, ताकि वह अपने बच्चे को समुचित स्तनपान करा सके। स्तनपान के लाभ के संबंध में जागरूता बढ़ाने और स्तनपान को प्रोत्साहन देने की गतिविधियों को विश्व स्तनपान सप्ताह में किया जायेगा। इस संबंध में एमडी एनएचएम श्रीमती प्रियंका दास ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और सिविल सर्जन को निर्देश दिये हैं।

एक अगस्त को प्रात: 10 से 11 बजे के मध्य सभी शासकीय अस्पतालों में एक घंटे का कॉउंसिलिंग ऑवर मनाया जायेगा। इसमें स्तनपान सप्ताह के आयोजन के संबंध में जागरूकता बढ़ाई जायेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ महिला जन-प्रतिनिधि से करवाया जायेगा। कॉउंसिलिंग ऑवर के दौरान सभी अस्पतालों में एएनसी ओपीडी और पीडियाट्रिक ओपीडी में आने वाली गर्भवती एवं धात्री माताओं, पीएनसी वार्ड में भर्ती प्रसूताओं और एसएनसीयू, एनवीएसयू, एनआरसी में भर्ती बच्चों की माताओं को स्तनपान संबंधी समझाइश दी जायेगी। सभी शासकीय प्रसव केन्द्रों में पदस्थ मेडिकल और पैरा-मेडिकल स्टॉफ, हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर में पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर नवजात शिशु के जन्म के तुरंत बाद माताओं को स्तनपान कराने की समझाइश देंगे।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं कि विश्व स्तनपान सप्ताह के दौरान मेटरनिटी एवं शिशु वार्ड के स्टॉफ नर्स और पोषण प्रशिक्षक भर्ती माताओं को सरल और रोचक ढंग से स्तनपान संबंधी परामर्श दें। क्विज के माध्यम से भर्ती माताओं का ज्ञानवर्धन करें। स्तनपान प्रोत्साहन संबंधी ऑडियो-वीडियो का प्रदर्शन करें। शीघ्र स्तनपान एवं 6 माह तक केवल स्तनपान के लिये गर्भवती प्रसूता के परिजन से शपथ ग्रहण करवाना सुनिश्चित करें। लेबर रूम के प्रभारी, स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञों, महिला चिकित्सकों और स्वास्थ्य संस्थाओं के प्रभारियों को स्तनपान के संबंध में जानकारी बढ़ाने के लिये समझाइश देने की जिम्मेदारी निर्वहन करने के लिये भी कहा गया है। मशाल-रैली, दीवार-लेखन आदि गतिविधियां की जायें। स्कूल और कॉलेज में स्तनपान संबंधी क्विज प्रतियोगिता, वाद-विवाद प्रतियोगिता, निबंध-लेखन और चित्रकला आदि गतिविधियाँ की जायें। व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्यूटर आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग जन-जागरूकता बढ़ाने में किया जाये। शहरी क्षेत्रों में रोटरी क्लब, नर्सिंग होम एसोसिएशन आदि के प्रतिनिधियों की भागीदारी से स्तनपान प्रोत्साहन के कार्यक्रम किये जायें।

 

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