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सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही युवती इंटरव्यू में हुई असफल… की आत्महत्या

By, बैतूल वार्ता

सिविल जज परीक्षा की तैयारी कर रही युवती इंटरव्यू में हुई असफल… की आत्महत्या

भोपाल// मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित कृष्णा इन्क्लेव में गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात सिविल जज की तैयारी कर रही युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसके पास से एक पन्ने का सुसाइड नोट मिला है।
इसके अलावा दीवार में भी लिखकर उसने माता-पिता से माफी मांगी है। पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि उसने सिविल जज की परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यूह में वह असफल हो गई।

शाम को नीलम रो रही थी

एसआई राजेंद्र यादव ने बताया कि नीलम ठाकुर पिता महेंद्र ठाकुर (29) केंद्रीय विद्यालय के पास, कृष्णा इन्क्लेव में रहती थी। उसके पिता शासकीय स्कूल में टीचर हैं। मूलत: गंजबासौदा की रहने वाली नीलम ने एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई पूरी कर ली थी। वह सिविल जज के लिए तैयारी कर रही थी। उसने परीक्षा दी थी और पास भी हो गई थी, लेकिन उसका इंटरव्यूह में सिलेक्शन नहीं हो सका था। नीलम के मकान मालिक ने पुलिस को बताया कि शाम को नीलम रो रही थी। वह परीक्षा में फेल होने से दुखी थी। मकान मालिक ने पत्नी को भिजवाकर नीलम को समझाया था। शाम को वह अपने कमरे में चली गई। रात में नीलम दरवाजा नहीं खोल रही है।

फंदे पर लटकी मिली

इस पर मकान मालिक ने नीलम की बहन को कॉल कर बताया। दरअसल, नीलम की बहन खुशीलाल आयुवेर्दिक अस्पताल में पढ़ाई कर रही है और हॉस्टल में रहती है। बहन ने नीलम को कॉल किया, लेकिन बार-बार कॉल करने के बाद भी नीलम ने कॉल रीसिव नहीं किया। अनहोनी की आशंका होने पर वह अपने परिचित संजय रघुवंशी के साथ नीलम के रूम कृष्णा इन्क्लेव पहुंची। इस दौरान दरवाजा अंदर से बंद था। किसी तरह से दरवाजा खोला गया तो नीलम फांसी के फंदे पर लटकी मिली।

आईएम सॉरी पापा मैं लायक ही नहीं थी…

सूचना पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान पुलिस को दीवार में सुसाइड नोट चश्पा किया हुआ मिला। इसके अलावा दीवार में स्केच पेन से लिखा था आईएम सॉरी पापा मैं लायक नहीं थी।

अगले जन्म में आप ही मेरे पापा रहना

नीलम ने सुसाइड नोट में लिखा कि मैं बहुत थक चुकी हूं। मैं जो कर रही हूं वह खुद कर रही हूं। इसमें मेरे मां पापा का कोई दोष नहीं है। मैंने परिवार को बहुत समझाया कि मैं ठीक हूं। मेरे पापा ने जिंदगी भर बहुत मुश्किल से पैसे कमाए और पढ़ाया, लेकिन पापा बाहर के लोग बहुत भेड़िये हैं। मैं उन्हें समझ नहीं पाई। उसने सुसाइड नोट में लिखा है कि किसी भी लड़के के कारण में यह कदम नहीं उठा रही है। मेरे माता-पिता और परिवार के अन्य लोगों को परेशान न किया जाए।

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