‘अगर आप एक करोड़ रुपए की गाड़ी चलाओगे…’; BMW हादसे पर पीड़ितों के वकील ने कोर्ट में क्या कहा
By,वामन पोटे
‘अगर आप एक करोड़ रुपए की गाड़ी चलाओगे…’; BMW हादसे पर पीड़ितों के वकील ने कोर्ट में क्या कहा
वकील ने अदालत को बताया कि हादसे के बाद गगनप्रीत गंभीर रूप से घायल नहीं थीं और यह जानते हुए भी कि जब कोई गंभीर रूप से घायल होता है तो उसे बचाने में हर मिनट मायने रहता है, आरोपी महिला ने वैन चालक से घायलों को 20 किमी दूर एक अस्पताल ले जाने पर जोर दिया।
Wed, 17 Sept 2025,
दिल्ली में हुए BMW कार हादसे की मुख्य आरोपी महिला को अदालत ने बुधवार को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मामले की सुनवाई के दौरान पीड़ितों के वकील ने अदालत से कहा कि एक महंगी कार अपने ड्राइवर को तो सुरक्षित रख सकती है, लेकिन दुर्घटना में घायल हुए लोगों के लिए कुछ नहीं करती। साथ ही वकील ने कहा कि आरोपी ड्राइवर गगनप्रीत कौर हादसे के बाद पीड़ितों को तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करवाने के अपने कर्तव्य का पालन करने में विफल रही। रविवार को हुए इस हादसे में कार की टक्कर से बाइक सवार वित्त मंत्रालय के अधिकारी नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर घायल हो गई थीं।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार सुनवाई के दौरान पीड़िता के वकील ने कहा, ‘आरोपी महिला एक तो बहुत तेज गति से गाड़ी चला रही थी। सोचो कितनी स्पीड होगी कि BMW पलट गई… अगर आप एक करोड़ रुपए की गाड़ी चलाओगे तो खुद सेफ रहोगे ही, लेकिन जिसको लगी है उनकी भी तो मदद करोगे ना।’ वकील ने पटियाला हाउस कोर्ट में बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान ये दलीलें दीं, जिसके बाद अदालत ने गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका स्थगित करते हुए उसे 27 सितंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
वकील ने अदालत को बताया कि हादसे के बाद गगनप्रीत कौर गंभीर रूप से घायल नहीं थीं और यह जानते हुए भी कि जब कोई गंभीर रूप से घायल होता है तो हर मिनट उसे बचाने के लिए मायने रहता है, आरोपी महिला ने वैन चालक से घायलों को 20 किलोमीटर दूर एक अस्पताल ले जाने पर जोर दिया। पीटीआई के अनुसार वकील ने कोर्ट में पूछा, ‘बेस अस्पताल कुछ ही मिनटों की दूरी पर था, फिर भी आपने एम्बुलेंस क्यों नहीं बुलाई?’
पीड़ितों के वकील ने दावा करते हुए कहा कि आरोपी ड्राइवर गगनप्रीत कौर का इरादा गलत था। उन्होंने अदालत को बताया, ‘इसके बाद महिला (गगनप्रीत कौर) अस्पताल के ICU में भर्ती हो जाती है… 5 घंटे के बाद एक झूठा MLC (मेडिको लीगल केस) बनवा लेती है।’
हालांकि आरोपी महिला के वकील ने दावा किया कि उसने अपनी ओर से उनकी मदद करने की पूरी कोशिश की। गगनप्रीत कौर की ओर से अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील रमेश गुप्ता ने कहा कि उनकी मुवक्किल ने घायलों की मदद करने की पूरी कोशिश की।
गुप्ता ने कहा कि, ‘महिला खुद उस वैन में जाकर बैठी थी, जो हादसे के बाद वहां रुकी थी (जिसमें पीड़ितों को अस्पताल ले जाया गया था), इसी दौरान गगनप्रीत अपना फोन कार में ही भूल गई। उसे अपने बच्चों और पति को भी कार में ही छोड़ना पड़ा, जबकि वह भी हादसे में घायल हुए थे।’ आगे उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
उन्होंने दुर्घटना के सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए भी एक आवेदन दायर किया, जिसके लिए अदालत ने नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई गुरुवार के लिए तय की। गुप्ता ने अदालत को यह भी बताया कि घटनास्थल पर एक एम्बुलेंस भी रुकी थी, लेकिन घायलों को अस्पताल ले जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने इस मामले में पुलिस से जांच करने का आग्रह किया।
गुप्ता ने तर्क दिया, ‘उसके बाद वहां पर एक एम्बुलेंस रुकी थी, लेकिन उसने घायलों को अस्पताल ले जाने से मना कर दिया। मेडिकल वैन रुकी या नहीं, इसकी पुष्टि करना क्या डीसीपी का कर्तव्य नहीं है?’
बता दें कि रविवार को जब यह हादसा हुआ उस वक्त वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग में उप सचिव नवजोत सिंह अपनी पत्नी संदीप कौर के साथ बाइक पर दिल्ली के धौला कुआं के पास से जा रहे थे, इसी दौरान एक BMW कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में नवजोत की मौत हो गई जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद कार चला रही आरोपी महिला ड्राइवर गगनप्रीत को सोमवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया गया। गगनप्रीत पर यह भी आरोप है कि वह दोनों घायलों को किसी पास के अस्पताल ले जाने के बजाय कई किलोमीटर दूर एक छोटे अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने नवजोत को मृत घोषित कर दिया।
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