डहुआ में यह रामलीला वर्ष 1934 से लगातार आयोजित हो रही है यह गांव की सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी
By,वामन पोटे
डहुआ में यह रामलीला वर्ष 1934 से लगातार आयोजित हो रही है यह गांव की सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी
बैतूल 22अक्टूबर ।।
मुलताई के ग्राम डहुआ में दीपावली के दूसरे दिन से शुरू हुई ऐतिहासिक रामलीला का मंगलवार को विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर भगवान श्रीराम की आकर्षक झांकी गांव की मुख्य गलियों में निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरे वातावरण को धार्मिक रंग में रंग दिया।
रामलीला में भगवान राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण सहित विभिन्न पात्रों की झांकियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। मंचन में भाग लेने वाले सभी कलाकारों ने अपनी भूमिकाओं का निर्वाह करते हुए धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल को जीवंत बना दिया।
रामलीला समिति के अध्यक्ष मनोज बारंगे ने बताया कि ग्राम डहुआ में यह रामलीला वर्ष 1934 से लगातार आयोजित हो रही है और यह गांव की सांस्कृतिक धरोहर बन चुकी है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन 10 दिनों तक चलेगा और संपूर्ण रामायण का सार प्रस्तुत किया जाएगा। इस रामलीला की खासियत यह है कि इसमें गांव के ही कलाकार विभिन्न पात्रों की भूमिका निभाते हैं, जबकि कई विशेष पात्रों के लिए दूर-दूर से कलाकार आते हैं।
समिति ने यह भी बताया कि पहले रामलीला अस्थायी मंच पर होती थी, लेकिन तत्कालीन विधायक सुखदेव पांसे के प्रयासों से तीन लाख रुपए की लागत से स्थायी मंच का निर्माण कराया गया, जिस पर अब यह आयोजन किया जा रहा है।
गांव के प्रमुख नागरिक युवराज बारंगे, दिनेश गाकरे, धनलाल बिंझाडे, अमरुत बारंगे, संतोष बुवाड़े, बोगर बारंगे, दिनेश मगरदे, फुस्या परिहार और शेखर मगरदे सहित अन्य सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस धार्मिक परंपरा का आनंद लें और इसे आगे बढ़ाने में सहयोग करें।
इस तरह ग्राम डहुआ में रामलीला न केवल धार्मिक उत्सव का हिस्सा है, बल्कि यह गांव की सांस्कृतिक पहचान और सामूहिक श्रद्धा का जीवंत प्रतीक भी बन चुकी है।
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