सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में बनेंगी 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयां 2030 से शुरू होगा उत्पादन, 23,600 करोड़ का भेल से हुआ करार
By,वामन पोटे
सारणी के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह में बनेंगी 660-660 मेगावाट की दो नई इकाइयां
2030 से शुरू होगा उत्पादन, 23,600 करोड़ का भेल से हुआ करार
बैतूल 17 नवंबर ।।
मध्यप्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने की बड़ी पहल की है। बैतूल जिले के सारणी स्थित सतपुड़ा ताप विद्युत गृह (STPS) में 660-660 मेगावाट की दो नई सुपरक्रिटिकल बिजली इकाइयां लगाई जाएंगी। इन इकाइयों की स्थापना के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के साथ 23,600 करोड़ रुपए का अनुबंध किया है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि यह परियोजना प्रदेश की भविष्य की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा करेगी। नई इकाइयों से सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की क्षमता 500 मेगावाट से बढ़कर 1,160 मेगावाट हो जाएगी।
🔹 अत्याधुनिक सुपरक्रिटिकल तकनीक से होगा उत्पादन
अधिकारियों के मुताबिक नई इकाइयों में सुपरक्रिटिकल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा, जो कम ईंधन में अधिक बिजली उत्पादन देने वाली आधुनिक प्रणाली है। इन इकाइयों से जून 2030 से बिजली उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
🔹 1320 मेगावाट बढ़ेगी राज्य की क्षमता
MPPGCL वर्तमान में 4,570 मेगावाट ताप विद्युत का उत्पादन करता है। सारणी और चचाई में स्थापित होने वाली दो नई 660-660 मेगावाट की इकाइयों (कुल 1320 मेगावाट) के बाद यह क्षमता बढ़कर 5,890 मेगावाट हो जाएगी।
🔹 भेल करेगा निर्माण–बॉयलर से लेकर टरबाइन तक की आपूर्ति
करार के तहत भेल नई इकाइयों के बॉयलर, टरबाइन, जनरेटर सहित सभी प्रमुख तकनीकी संरचनाओं का निर्माण और आपूर्ति करेगा। MPPGCL के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने भेल की तकनीकी क्षमता पर भरोसा जताया और इसे प्रदेश की ऊर्जा संरचना को सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
प्रदेश में बिजली संकट खत्म करने की ओर बड़ा कदम
नई इकाइयां शुरू होने के बाद न सिर्फ सारणी का महत्व बढ़ेगा बल्कि प्रदेश की बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी और अधिक मजबूत व स्थिर होगी।
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