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बैंककर्मी ने जीजा संग मिलकर फैलाया साइबर फ्रॉड का अंतरराज्यीय जाल, जनधन और मृत खातों में 9.84 करोड़ का खेल

By,वामन पोटे

बैंककर्मी ने जीजा संग मिलकर फैलाया साइबर फ्रॉड का अंतरराज्यीय जाल, जनधन और मृत खातों में 9.84 करोड़ का खेल

मध्य प्रदेश में गरीबों के जनधन और मृतक व्यक्ति के बैंक खातों में फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कर 9.84 करोड़ से अधिक का साइबर लूट का पैसा ट्रांसफर करने का खुलासा हुआ है। इंदौर सहित मुंबई, अहमदाबाद जैसे शहरों में आरोपी जीजा-साले नेटवर्क फैलाकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे…

बैतूल: मध्य प्रदेश के बैतूल में एक बैंककर्मी और उसके जीजा ने मिलकर गरीबों के जनधन खातों का उपयोग कर करोड़ों रुपए का लेनदेन किया। जांच में पता चला कि ट्रेडिंग, क्रिप्टो सहित अन्य साइबर फ्रॉड के माध्यम से इन खातों में ठगी की रकम पहुंचाई गई थी। यह सब बैंककर्मी साले ने ग्राहकों के दस्तावेजों में फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कराककर अंजाम दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह अंतरराज्जीय स्तर पर काम कर रहा था।

पुलिस के अनुसार बैतूल जिले के खेड़ी सांवलीगढ़ स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र में गरीबों और मजदूरों के जनधन सहित सात बैंक खातों का दुरुपयोग कर 9 करोड़ 84 लाख 95 हजार 212 रुपए का अवैध ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने वाले एक शातिर साइबर ठग गिरोह का बैतूल पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इन खाताधारकों को अपने खातों में हो रहे इतने बड़े लेनदेन की भनक तक नहीं थी। पुलिस ने इस मामले में बैंक के अस्थाई कर्मचारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो मुंबई, अहमदाबाद, हरियाणा और बेंगलुरु तक अपने फ्रॉड का जाल फैलाए हुए थे।

बैंककर्मी ने ग्राहकों के खातों में फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कराता था
आरोपी राजा उर्फ़ आयुष चौहान खेड़ी सांवलीगढ़ निवासी है और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में अस्थायी कर्मचारी के रूप में काम करता था। उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए भोले-भाले ग्राहकों के बैंक दस्तावेज़ों से छेड़छाड़ की। वह फर्जी मोबाइल नंबर लिंक कराता था, और एटीएम कार्ड, नेट बैंकिंग, पासबुक और चेकबुक जारी कराकर सीधे अपने ममेरे जीजा अंकित राजपूत तक पहुंचाता था। जीजा—साले ने मिलकर बड़े फ्रॉड को अंजाम दिया।
इंदौर निवासी जीजा है मास्टरमाइंड
पुलिस से मिली जानकारी अनुसार इंदौर निवासी अंकित राजपूत इस पूरे साइबर फ्रॉड रैकेट का मास्टरमाइंड है। वह विभिन्न शहरों में बैठे लोगों को गेमिंग एप, बैटिंग एप, क्रिप्टो करंसी फ्रॉड, फिशिंग फ्रॉड जैसे पांच अलग-अलग माध्यमों से निशाना बनाता था। ठगी गई रकम को छिपाने के लिए वह बैतूल के इन मजदूर वर्ग के खातों में डलवाता था। जून से नवंबर के बीच, इन सात खातों में करोड़ों रुपए का अवैध लेनदेन किया गया।
मृतक का खाता भी नहीं छोड़ा
सात खातों में से एक खाता खेड़ी सांवलीगढ़ निवासी राजेश बर्डे का था, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी। इसके बावजूद, आरोपियों ने उसके खाते का दुरुपयोग करना जारी रखा। यह गिरोह की संवेदनहीनता और शातिर तरीके से ठगी करने की मंशा को दर्शाता है। अन्य खातों में बिरसा इवने, नर्मदा इवने, मुकेश उईके, नितेश उईके, अमोल और चंदन के खाते शामिल थे।

पुलिस की बड़ी बरामदगी

पुलिस ने गुरुवार को इस मामले का खुलासा करते हुए राजा उर्फ़ आयुष चौहान, अंकित राजपूत (मास्टरमाइंड) और उसके साथी नरेंद्र राजपूत को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के मुताबिक, आरोपियों से दो लैपटाप, 11 बैंक पासबुक, 21 एटीएम कार्ड, 15 मोबाइल, 25 सिम, दो पीओएस मशीनें और 28 हजार नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस गिरोह के अंतरराज्जीय कनेक्शन को खंगालने में जुटी है ताकि फ्रॉड के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

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