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मोहन सरकार के सामने 3 चुनौतियां, उमा भारती ने बताया कहां और कितने हैं स्पीड ब्रेकर? पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर बेबाकी से रखी अपनी राय. गाय, शराबबंदी, धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों पर की बात.

By,वामन पोटे

मोहन सरकार के सामने 3 चुनौतियां, उमा भारती ने बताया कहां और कितने हैं स्पीड ब्रेकर?

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर बेबाकी से रखी अपनी राय. गाय, शराबबंदी, धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों पर की बात.

भोपाल: मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती अपने अलग अंदाज के लिए जानी जाती हैं. यदि वो पत्रकार वार्ता भी बुलाती हैं, तो उसके कोई मुद्दे नहीं होते हैं. लेकिन उनके संबोधन के बाद कई महत्वपूर्ण मुद्दे अपने आप निकल आते हैं. ऐसा ही कुछ शनिवार को भोपाल निवास पर आयोजित पत्रकारवार्ता में हुआ. जहां उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में शुरुआत तो गाय और गंगा से की लेकिन बाद में उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को अपना छोटा भाई बताते हुए उनके रास्ते में पड़ने वाले स्पीड ब्रेकर भी बता दिया.

उमा ने दोहराई राहुल गांधी की बात

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने पत्रकार वार्ता के दौरान देश में आर्थिक असमानता का मुद्दा भी उठाया. जो लंबे समय से कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी उठाते रहे हैं. उमा ने कहा कि “देश की 96 प्रतिशत संपत्ति केवल 6 प्रतिशत लोगों के पास है. जबकि बची हुई 6 प्रतिशत संपत्ति देश के 94 प्रतिशत लोगों के पास है. हिंदू समाज में एकता के लिए जरूरी है कि सत्ता, शासन और प्रशासन में भी सबकी भागीदारी होनी चाहिए. इसके साथ ही पदों के वजन भी बराबर होना चाहिए.” उमा ने कहा कि एक विशेष वर्ग पर भारी संपत्ति है. इसे दूर करने का काम मोदी ने किया है. ये सबसे बड़ा उदाहरण है.

मोहन यादव के बताए 3 स्पीड ब्रेकर

देश की जीडीपी को लेकर उमा भारती ने कहा कि “क्या विकास के लिए शीर्षासन करना होगा. विकास के नाम पर गाय का नाश, नदी का नाश और पहाड़ों का नाश कर रहे हैं. जरूरी है कि इस दिशा में कठोर कदम उठाया जाए. उन्होंने कहा कि जीडीपी के लिए पीछे सब कुछ नहीं छोड़ देना चाहिए.”

उन्होंने कहा कि “मोहन सरकार के 2 साल पूरे हो रहे हैं. शिवराज और मैंने जो नीति बनाई, मोहन को उसे आगे बढ़ाने की जरूरत है. मोहन सरकार के सामने मुझे 3 चुनौतियां लगती हैं. पहला जो निवेश ला रहे हैं, उसे जमीन पर उतारना. दूसरा शराब बंदी और तीसरा भ्रष्टाचार पर नियंत्रण की ठोस व्यवस्था.”

‘ईसाई और मुसलमान को सोचना होगा’

उमा भारती ने धर्म परिवर्तन और लव जिहाद को देशद्रोह बताया. उन्होंने कहा कि “यदि मैं कुरान पढ़ लूं, दरगाह चली जाऊं या अल्लाह बोल दूं, इससे मेरा धर्म परिवर्तन नहीं होगा. भारत में बहुसंख्यक सभी धर्म का सम्मान करते हैं और यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो यह जघन्य अपराध है, यह देशद्रोह है.”
उमा भारती ने आगे कहा कि “भारत हिंदू राष्ट्र है और मुस्लिम भी इसे स्वीकार करें, यहां मतभेद नहीं चलेंगे. जिहाद और काफिर जैसे शब्दों के लिए हमारे देश में कोई जगह नहीं है. ताली एक हाथ से नहीं बज पाएगी, ईसाई और मुसलमानों को सोचना होगा.”

‘राहुल गांधी नाटक करने में एक नंबर’

बाबा बागेश्वरधाम को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “उन्होंने हिंदू एकता की बात की है. हमें हिंदू राष्ट्र नहीं बनाना है, ये तो पहले से ही है. भारत हिंदू राष्ट्र है, इसलिए ही यह सेक्यूलर है. जहां भी हिंदू अल्पसंख्यक हुए, वह राज्य अब सेक्यूलर नहीं बचा.”
राहुल गांधी को लेकर उमा भारती ने कहा कि “वो जनेउ पहनने का नाटक करते हैं. अभी गाय का मुद्दा बड़ा हो जाए तो राहुल गांधी गोबर का टीका लगाकर जेब में गौ मूत्र लेकर चलने लगेंगे. राहुल का क्या है. नाटक करने में एक नंबर हैं.”

‘अंतरजातीय विवाह को दें मान्यता’

उमा भारती ने कहा कि “हिंदू में एकता हो और वह जाति-पाति से परे हो यह जरूरी है. जातियों में विभागजन के कारण ही इतिहास में कई समस्याएं खड़ी हुई. हिंदू एकता के लिए अंतरजातीय विवाह को स्वीकार्यता दिया जाना चाहिए. मेरे घर में ही अंतर जाति विवाह हुए हैं. आप बेटा-बेटी की शादी अब जबरदस्ती नहीं कर सकते. इसके लिए उन दोनों को ही एक दूसरे को समझना होगा. यदि बेटा-बेटी अंतरजातीय विवाह कर भी लें, तो उन्हें स्वीकार्यता दें. जिससे समाज में आनर किलिंग जैसे मामले न हों.”

‘भ्रष्टाचार के लिए सड़क पर उतरने को तैयार’
उमा भारती ने कहा कि “निजी क्षेत्र के आरक्षण देना होगा. आर्थिक आधार पर आरक्षण पर विचार किया जाना चाहिए. उस वक्त भी योग्यता में कमी नहीं थी, किसी भी वर्ग में वहां तब सुविधाओं का आभाव था. अब विचार हो तो एकता समानता होगी. परिस्थिति अलग होगी. सड़क खराब जो जाती है. ये भ्रष्टाचार के कारण होती हैं. गायों की भी मौत हो रही है. इनके लिए यदि सड़कों पर बैठना पड़ा तो बैठेंगे.”

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