सिंचाई क्रांति 60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई संभव, ढेंकना में प्रस्तावित बांध की ऊंचाई 32 मीटर और लंबाई लगभग 600 मीटर
By,वामन पोटे
सिंचाई क्रांति
60 हजार हेक्टेयर में सिंचाई संभव,
ढेंकना में प्रस्तावित बांध की ऊंचाई 32 मीटर और लंबाई लगभग 600 मीटर
बैतूल 16 जनवरी ।। अगर सब कुछ योजना अनुसार रहा तो अगले एक वर्ष में बैतूल जिले को अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना की सौगात मिल सकती है। ताप्ती नदी पर प्रस्तावित ढेंकना वृहद सिंचाई परियोजना लगभग 4039 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। इस परियोजना से करीब 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे किसानों की खेती पर सकारात्मक असर पड़ेगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि संभव हो सकेगी।
सब कुछ योजना अनुसार रहा तो अगले एक वर्ष में बैतूल जिले को अब तक की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना की सौगात मिल सकती है।
सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री रोशनकुमार सिंह ने बताया कि इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत बैलेंसिंग रिजर्वेयर का निर्माण है। इसके तहत करीब 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के जरिए मुख्य बांध से पानी पहाड़ियों के बीच बनाए जाने वाले रिजर्वेयर तक पहुंचाया जाएगा। मुख्य बांध में लगभग 100 एमसीएम और बैलेंसिंग रिजर्वेयर में करीब 170 एमसीएम पानी संग्रहित किया जा सकेगा। इससे बरसात के दौरान व्यर्थ बह जाने वाले पानी का भी बेहतर उपयोग संभव होगा।
परियोजना के तहत ढेंकना में प्रस्तावित बांध की ऊंचाई 32 मीटर और लंबाई लगभग 600 मीटर होगी। वहीं महतपुर क्षेत्र में पहाड़ियों की खुदाई कर करीब 500 हेक्टेयर क्षेत्र में बैलेंसिंग रिजर्वेयर तैयार किया जाएगा। यह जल संरचना न केवल सिंचाई बल्कि पेयजल आपूर्ति और जल प्रबंधन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण साबित होगी।
सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर ली गई है और इसका परीक्षण उच्च स्तर पर किया जा रहा है। विभाग को उम्मीद है कि अगले वित्तीय सत्र में केंद्र और राज्य सरकार से परियोजना के लिए आवश्यक बजट स्वीकृत हो जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने की संभावना है।
हालांकि इस परियोजना के कारण करीब 2000 हेक्टेयर क्षेत्र डूब में आ सकता है, जिसमें लगभग 800 हेक्टेयर वन भूमि शामिल है। इसके चलते चार वन ग्रामों के विस्थापन का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है, जिस पर शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। इसके बावजूद अधिकारियों का मानना है कि दीर्घकालिक लाभों को देखते हुए यह परियोजना क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
इस परियोजना से बैतूल जिले के अलावा बुरहानपुर और खंडवा जिलों को भी जल लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही पड़ोसी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों तक भी जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। लगभग 140 गांवों को सीधा लाभ मिलेगा। स्वीकृति मिलने पर यह परियोजना जिले की सबसे बड़ी सिंचाई योजना बनकर किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और जल संकट कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
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