पशुपालन में ऐतिहासिक क्रांति, गुजरात में कांकरेज गाय ने IVF तकनीक से दिया गीर बछड़ी को जन्म
By,वामन पोटे
पशुपालन में ऐतिहासिक क्रांति, गुजरात में कांकरेज गाय ने IVF तकनीक से दिया गीर बछड़ी को जन्म
गुजरात के अमरेली में गुजरात पशुधन विकास बोर्ड के के अंतर्गत संचालित लेबोरेटरी में एनडीडीबी की मदद से कांकरेज गाय के गर्भ से आइवीएफ तकनीक के जरिये गीर नस्ल की बछड़ी जन्म कराया गया है। इस तकनीक से किसी उच्च आनुवंशिक गुण वाले पशु से सात के बजाए 100 बछड़े बछड़ी को जन्म दिया जा सकता है।
गुजरात में कांकरेज गाय ने IVF तकनीक से दिया गीर बछड़ी को जन्म
कांकरेज गाय के गर्भ से जन्मी गीर नस्ल की बछड़ी
आइवीएफ तकनीक से राज्य में गीर नस्ल का यह पहली बछड़ी है
अहमदाबाद। ।गुजरात के अमरेली में गुजरात पशुधन विकास बोर्ड के के अंतर्गत संचालित लेबोरेटरी में एनडीडीबी की मदद से कांकरेज गाय के गर्भ से आइवीएफ तकनीक के जरिये गीर नस्ल की बछड़ी जन्म कराया गया है। इस तकनीक से किसी उच्च आनुवंशिक गुण वाले पशु से सात के बजाए 100 बछड़े बछड़ी को जन्म दिया जा सकता है।
गुजरात के कृषि एवं पशुपालन मंत्री जीतूभाई वाघाणी ने बताया कि अमरेली एम्बि्रयो ट्रांसफर लेबोरेटरी के माध्यम से आइवीएफ तकनीक का उपयोग कर कांकरेज नस्ल की गाय की कोख से गीर नस्ल के बछड़ी का जन्म कराया गया है।
आइवीएफ तकनीक से राज्य में गीर नस्ल का यह पहली बछड़ी है। कम दूध देने वाली गाय का उपयोग इस पद्धति से गीर बछड़ी को जन्म देने में किया जा सकता है।
अमरेली लेबोरेटी में उपलब्ध 30 गायों में आइवीएफ के माध्यम से उच्च नस्ल का भ्रूण प्रत्यारोपित किया जाएगा। सामान्य गाय अपने जीवन में सात से आठ बछड़ों को जन्म देती है लेकिन इस पद्धति से उस नस्ल के 100 बछड़े तैयार किए जा सकते हैं।
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