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बंधुआ मजदूरी का मामला उजागर, सोलापुर से बैतूल के 18 मजदूर मुक्त; ठेकेदार-एजेंट पर FIR की मांग

By,वामन पोटे

बंधुआ मजदूरी का मामला उजागर, सोलापुर से बैतूल के 18 मजदूर मुक्त; ठेकेदार-एजेंट पर FIR की मांग
बैतूल 27 फरवरी ।। बैतूल जिले के 18 मजदूरों को महाराष्ट्र के सोलापुर जिले से बंधुआ मजदूरी की स्थिति से मुक्त कराया गया है। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें मजदूरी का झांसा देकर ले जाया गया और तीन महीने तक बंधक बनाकर जबरन गन्ना कटाई का काम कराया गया। मुक्त कराए गए मजदूरों ने ठेकेदार और एजेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा बकाया मेहनताना दिलाने की मांग की है।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, मुक्त कराए गए मजदूर बैतूल जिले के भीमपुर विकासखंड अंतर्गत धुंधरी गांव तथा हरदा जिले के दिदमदा गांव के निवासी हैं। मजदूरों ने बताया कि उन्हें एजेंट और ठेकेदार द्वारा बेहतर मजदूरी का लालच देकर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के पानमंगुर गांव ले जाया गया था, जहां पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बना लिया गया और जबरन काम कराया जाने लगा।
मजदूरों के मुताबिक, उनसे प्रतिदिन 16 से 18 घंटे तक गन्ना कटाई का कार्य कराया जाता था। काम के दौरान विरोध करने या आराम करने की कोशिश करने पर उन्हें गालियां दी जाती थीं और मारपीट की जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि शौच के लिए जाने तक पर निगरानी रखी जाती थी और देरी होने पर पिटाई की जाती थी। मजदूरों को अपने परिजनों से संपर्क करने के लिए मोबाइल फोन का उपयोग करने की अनुमति भी नहीं दी गई।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंट और ठेकेदार ने मजदूरी का कोई भुगतान नहीं किया और उनका मेहनताना हड़प लिया। एक एजेंट द्वारा चार लाख रुपये भुगतान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मजदूरों को एक भी रुपया नहीं मिला। लंबे समय तक शोषण झेलने के बाद मजदूरों ने किसी तरह जानसाहस संस्था के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर मदद मांगी।
सूचना मिलने पर संस्था की टीम बैतूल से सोलापुर पहुंची और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से सभी मजदूरों को मुक्त कराया गया। बैतूल जिला प्रशासन ने भी इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाई और बैतूल कलेक्टर द्वारा सोलापुर कलेक्टर से समन्वय स्थापित कर मजदूरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की गई।
बैतूल लौटने के बाद मजदूरों ने कलेक्टर को एक आवेदन सौंपकर एजेंट और ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से बकाया मजदूरी दिलाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच की जा रही है और मजदूरों के आरोपों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मजदूरों ने उम्मीद जताई है कि प्रशासन की कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा और भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति नहीं होगी।

 

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