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“सुरक्षा और सौहार्द का संदेश: त्योहारों से पहले बैतूल पुलिस की संवेदनशील पहल, शांति समिति बैठकों में गूंजा जिम्मेदारी का संकल्प”

By,वामन पोटे

“सुरक्षा और सौहार्द का संदेश: त्योहारों से पहले बैतूल पुलिस की संवेदनशील पहल, शांति समिति बैठकों में गूंजा जिम्मेदारी का संकल्प”
बैतूल 1 मार्च ।।
रंगों, उल्लास और आस्था के पावन पर्वों की श्रृंखला शुरू होने से पहले बैतूल जिले में सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने की दिशा में पुलिस प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। आगामी होली, धुरेड़ी, रंग पंचमी, गुड़ी पड़वा, रामनवमी और ईद जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिले के सभी थाना और चौकी स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में समाज के हर वर्ग की भागीदारी ने यह संदेश दिया कि बैतूल में त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आपसी विश्वास और भाईचारे का उत्सव भी हैं।
बैठकों में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, धर्मगुरुओं, व्यापारियों और पत्रकारों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी ने एक स्वर में प्रशासन को पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया और समाज में शांति, अनुशासन और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। चर्चा के दौरान कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, अफवाहों पर नियंत्रण और त्योहारों के दौरान संभावित चुनौतियों से निपटने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने इस अवसर पर नागरिकों से जिम्मेदारी निभाने की भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि त्योहार खुशियों का प्रतीक हैं, लेकिन एक छोटी सी लापरवाही इन खुशियों को दुख में बदल सकती है। उन्होंने विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन न चलाने की चेतावनी दी और कहा कि शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
होलिका दहन को लेकर भी पुलिस ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागरिकों से अपील की गई है कि होलिका दहन केवल निर्धारित और सुरक्षित स्थानों पर ही करें, बिजली के तारों, ट्रांसफार्मरों और मुख्य मार्गों से दूर स्थान का चयन करें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना या यातायात बाधा की स्थिति न बने।
होली और धुरेड़ी के दौरान जबरन रंग लगाने, स्टंटबाजी करने और यातायात नियमों की अनदेखी से बचने की अपील की गई है। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनना अनिवार्य बताया गया है और तीन सवारी बैठाने से सख्ती से मना किया गया है। साथ ही डीजे और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को निर्धारित समय सीमा में ही रखने का निर्देश दिया गया है, ताकि आमजन को असुविधा न हो।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों को विशेष रूप से सावधान रहने की सलाह दी है। भ्रामक, अपमानजनक या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट साझा न करने की अपील की गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अफवाहें समाज में तनाव पैदा कर सकती हैं, इसलिए किसी भी संदिग्ध सूचना की पुष्टि के लिए पुलिस से संपर्क करना जरूरी है।
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए भी विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। नागरिकों से निर्धारित रूट प्लान का पालन करने, वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर खड़े करने और एम्बुलेंस तथा फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहनों को प्राथमिकता देने की अपील की गई है।
ईद और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान भी शांति, अनुशासन और पारस्परिक सम्मान बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस तुरंत सहायता के लिए उपलब्ध रहेगी।
बैठक के अंत में बैतूल पुलिस ने जिलेवासियों को सभी त्योहारों की शुभकामनाएं देते हुए एक भावनात्मक संदेश दिया—“सुरक्षित त्योहार ही सच्ची खुशी का आधार हैं।” पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे जिम्मेदार नागरिक बनकर प्रशासन का सहयोग करें और भाईचारे की इस परंपरा को और मजबूत बनाएं।
पुलिस ने यह भी आश्वासन दिया कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक डायल 112 या अपने निकटतम थाना से संपर्क कर सकते हैं। बैतूल पुलिस का यह प्रयास न केवल सुरक्षा सुनिश्चित करने का है, बल्कि समाज में विश्वास, सहयोग और सौहार्द की भावना को और गहरा करने का भी है।

 

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