सरकारी नाले की जमीन पर काटे प्लॉट, प्रशासन की सख्ती: निर्माण कार्य रुकवाया, विक्रेता से मांगे दस्तावेज ,बैतूल में कबाड़ गोदाम में भीषण आग, टायर फटने से होते रहे धमाके; चार दमकलों ने संभाला मोर्चा,
By,वामन पोटे
बैतूल में कबाड़ गोदाम में भीषण आग, टायर फटने से होते रहे धमाके; चार दमकलों ने संभाला मोर्चा
बैतूल 8 मार्च।।
मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में शनिवार देर शाम इटारसी रोड स्थित बसंत पेट्रोल पंप के पास एक कबाड़ गोदाम में भीषण आग लग गई। आग लगने की प्रारंभिक वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। गोदाम में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक, रबर, टायर और वाहनों का स्क्रैप रखा होने के कारण आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते कबाड़ के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यह गोदाम राशिद नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है, जहां प्लास्टिक और रद्दी कबाड़ का संग्रह किया जाता था। आग की सूचना मिलते ही बैतूल नगर पालिका की फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बैतूल, बैतूल बाजार और शाहपुर से भी दमकल वाहन बुलाए गए। कुल तीन से चार दमकलों की मदद से आग पर काबू पाने का प्रयास देर शाम तक जारी रहा।
गोदाम में रखे करीब 500 से अधिक टायर, एयर टंकियां, ब्रेक सिलेंडर और अन्य ऑटोमोबाइल कबाड़ के कारण आग के बीच-बीच में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। ये धमाके मुख्य रूप से एयर टंकियों और टायरों के फटने से हो रहे थे, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। एहतियात के तौर पर पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षित दूरी पर कर दिया।
आग की सूचना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए शहर के तीन थानों का पुलिस बल भी मौके पर तैनात किया। पुलिस ने आसपास की दुकानों को भी खाली करवा दिया ताकि किसी प्रकार की जनहानि न हो।
आग लगने वाले स्थान के ऊपर से हाई पावर बिजली लाइन गुजर रही है। आग की तेज लपटों और गर्मी के कारण बिजली तारों के प्रभावित होने की आशंका भी बनी रही, हालांकि दमकल कर्मियों द्वारा लगातार पानी डाले जाने से आग की तीव्रता को नियंत्रित किया गया और लपटें बिजली लाइनों तक नहीं पहुंच सकीं।
आग को फैलने से रोकने के लिए मौके पर जेसीबी मशीन भी बुलाई गई, जिसकी मदद से जलते हुए कबाड़ को हटाकर अलग किया गया। अधिकारियों के अनुसार आग के कारण अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन नुकसान का आकलन फिलहाल नहीं हो सका है।
प्रशासन के अनुसार जिस स्थान पर आग लगी है, उसके पास ही एचपी गैस का कार्यालय भी स्थित है। ऐसे में समय रहते आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। फिलहाल दमकल कर्मी आग को पूरी तरह बुझाने और स्थिति को सामान्य करने में जुटे हुए हैं।
सरकारी नाले की जमीन पर काटे प्लॉट, प्रशासन की सख्ती: निर्माण कार्य रुकवाया, विक्रेता से मांगे दस्तावेज
बैतूल 8 मार्च ।। शहर में अवैध कॉलोनियों और सरकारी जमीन पर प्लॉट काटने के मामलों पर अब प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। विवेकानंद वार्ड में प्रागा होम्स कॉलोनी के पास सरकारी रास्ते और नाले की जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने के मामले में शुक्रवार को राजस्व विभाग की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची। जांच के दौरान प्रारंभिक तौर पर यह सामने आया कि जिस जमीन पर प्लॉट काटे गए हैं, वह राजस्व रिकॉर्ड में सरकारी नाले के रूप में दर्ज है।
तहसीलदार पूनम साहू के नेतृत्व में राजस्व अमले ने मौके पर पहुंचकर शनिवार को जमीन का निरीक्षण किया। इस दौरान दो स्थानों पर भवन निर्माण की तैयारी भी पाई गई, जहां मकान बनाने के लिए नींव तक खोदी जा चुकी थी। स्थिति को देखते हुए तहसीलदार ने तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
दरअसल, इस मामले में 6 मार्च को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को शिकायत प्राप्त हुई थी कि विवेकानंद वार्ड में सरकारी रास्ते और नाले की जमीन पर अवैध रूप से प्लॉट काटकर बेचे जा रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम अभिजीत सिंह ने तहसीलदार को राजस्व टीम के साथ मौके पर भेजकर जांच कराने के निर्देश दिए।
जांच के दौरान राजस्व निरीक्षक और पटवारियों ने मौके पर राजस्व नक्शे और रिकॉर्ड का मिलान किया। इसमें यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में सरकारी नाले के रूप में दर्ज है, जबकि उसी जमीन के भीतर भूखंड काटकर लोगों को बेचे गए हैं।
भूखंड विक्रेता दस्तावेज नहीं दिखा सका
जांच के दौरान भूखंड विक्रेता अमित थारवानी को भी मौके पर बुलाया गया। उन्होंने दावा किया कि जमीन उनकी निजी संपत्ति है और पूर्व में उसका सीमांकन भी कराया जा चुका है। हालांकि जब राजस्व अधिकारियों ने सीमांकन रिपोर्ट और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा तो वह मौके पर कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सके।
इस पर तहसीलदार ने उन्हें तहसील न्यायालय से नोटिस जारी होने के बाद निर्धारित समय-सीमा में सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दूसरे खसरा नंबर की रजिस्ट्री, कब्जा नाले की जमीन पर
प्राथमिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि भूखंड विक्रेता ने किसी दूसरी जमीन के खसरा नंबर पर रजिस्ट्री कराकर खरीदारों को कब्जा सरकारी नाले की जमीन का दिला दिया। इस तरह के मामलों में अक्सर एक जमीन की रजिस्ट्री कराकर दूसरी जगह कब्जा देने की शिकायतें सामने आती रहती हैं।
इस घटना के सामने आने के बाद उन लोगों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने महंगे दामों में यहां प्लॉट खरीदे हैं। यदि जांच में जमीन सरकारी निकली तो खरीदारों को कानूनी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
शहर में अवैध कॉलोनियों पर उठ रहे सवाल
बैतूल शहर में इन दिनों कालोनाइजरों के हौसले काफी बुलंद नजर आ रहे हैं। कहीं हाथी नाले की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण किया जा रहा है तो कहीं नाले किनारे की जमीन पर प्लॉट काटकर बेच दिए गए हैं। कई स्थानों पर बिना विकास शुल्क जमा किए और बिना अनुमति कॉलोनियां विकसित किए जाने की भी शिकायतें सामने आ रही हैं।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मामलों में सख्ती से कार्रवाई की जाएगी और सरकारी जमीन पर कब्जा या अवैध प्लॉटिंग पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना
“एसडीएम के निर्देश पर विवेकानंद वार्ड में जांच के लिए पहुंचे थे। राजस्व रिकॉर्ड में जमीन सरकारी नाले के रूप में दर्ज है। मौके पर निर्माण कार्य पाया गया, जिसे तत्काल रुकवाया गया है। भूखंड विक्रेता से दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन उन्होंने प्रस्तुत नहीं किए। अब नोटिस जारी कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
— पूनम साहू, तहसीलदार, बैतूल शहर
बैतूल-अमरावती हाईवे पर कार से बरामद हुए 7 मवेशी, पुलिस को चकमा देकर फरार हुए आरोपी
बैतूल 8 मार्च ।।
बैतूल-अमरावती स्टेट हाईवे पर केरपानी के पास बोरगांव जोड़ के समीप शनिवार तड़के पुलिस ने एक कार से क्रूरतापूर्वक ले जाए जा रहे सात मवेशियों को बरामद किया है। पुलिस के अनुसार मवेशियों को जायलो कार में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था और उन्हें महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा था। पुलिस ने वाहन को जब्त कर लिया है, जबकि कार में सवार आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक जायलो कार में मवेशियों को भरकर बैतूल से महाराष्ट्र की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने केरपानी के पास बोरगांव जोड़ के समीप हाईवे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन का इंतजार शुरू किया।
कुछ समय बाद संदिग्ध जायलो कार वहां पहुंची। पुलिस ने वाहन को रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखकर कार में सवार लोग घबरा गए और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर उसकी तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार के भीतर छह गाय और एक बछड़ा बेहद खराब स्थिति में ठूंसकर भरे हुए मिले। मवेशियों को पर्याप्त जगह और हवा न मिलने के कारण उनकी हालत खराब थी। पुलिस ने तत्काल सभी मवेशियों को वाहन से बाहर निकालकर सुरक्षित किया और उन्हें देखरेख के लिए भेज दिया।
पुलिस को आशंका है कि मवेशियों को अवैध रूप से महाराष्ट्र ले जाया जा रहा था, जहां उन्हें कत्लखानों तक पहुंचाया जाना था। फिलहाल इस संबंध में जांच की जा रही है।
थाना प्रभारी वाहिद खान ने बताया कि जब्त की गई जायलो कार महाराष्ट्र पासिंग की है। वाहन के नंबर के आधार पर उसके मालिक की पहचान और तलाश की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
उन्होंने बताया कि फरार आरोपियों की पहचान के लिए आसपास के इलाकों में तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
चिचोली बस स्टैंड से हटेगा अतिक्रमण, 20 कब्जाधारियों को अंतिम नोटिस; 7 दिन बाद चलेगा बुलडोजर
बैतूल 8 मार्च ।बैतूल जिले के चिचोली में बस स्टैंड क्षेत्र की शासकीय भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। नवनिर्मित बस स्टैंड के आसपास सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए करीब 20 अतिक्रमणकारियों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने सभी कब्जाधारियों को सात दिन के भीतर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं, अन्यथा नियमानुसार बलपूर्वक कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य नगर पालिका अधिकारी सैयद आरिफ हुसैन ने बताया कि बस स्टैंड परिसर और उसके आसपास की शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। संबंधित अतिक्रमणकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है कि वे सात दिन की निर्धारित अवधि में अपने-अपने कब्जे स्वयं हटा लें। यदि तय समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो नगर परिषद द्वारा बुलडोजर चलाकर अतिक्रमण हटाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बलपूर्वक हटाने की स्थिति में कार्रवाई में आने वाला पूरा खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारियों से ही वसूला जाएगा। नगर परिषद के अनुसार बस स्टैंड क्षेत्र में लंबे समय से अस्थायी दुकानों और अन्य निर्माण के माध्यम से सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया है, जिससे बस स्टैंड परिसर की व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
नगर परिषद ने बताया कि इससे पहले भी मार्च, जून और अक्टूबर 2025 में अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित लोगों को पत्र जारी कर चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद कब्जाधारियों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद अब मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 223 के तहत अंतिम नोटिस जारी किया गया है।
प्रशासन ने संभावित कार्रवाई को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को भी सूचित किया है। इस संबंध में कलेक्टर बैतूल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसीलदार चिचोली और थाना प्रभारी को पत्र भेजकर आवश्यक सहयोग मांगा गया है।
नगर परिषद प्रशासन का कहना है कि बस स्टैंड क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कर यातायात व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा को बेहतर बनाया जाएगा।
बैतूल मंडी में नई व्यवस्था: खुली ट्रॉली में होगी उपज की नीलामी, प्लेट कांटे पर तुलाई अनिवार्य
बैतूल 8 मार्च ।।कृषि उपज मंडी बैतूल में किसानों को नीलामी, तौल और भुगतान से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने के लिए प्रशासन ने नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। लंबे समय से तुलाई को लेकर चल रहे विवाद और किसानों की शिकायतों को देखते हुए मंडी प्रबंधन और प्रशासन सक्रिय हुआ है। इसी कड़ी में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं सह-भारसाधक अधिकारी की अध्यक्षता में मंडी के अधिकारियों और कर्मचारियों की शुक्रवार देर शाम आकस्मिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें मंडी की व्यवस्थाओं को सुधारने और पारदर्शिता लाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में एसडीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मंडी परिसर में किसानों को होने वाली असुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि रबी विपणन सीजन में गेहूं की बड़ी मात्रा में आवक होने की संभावना है, इसलिए अभी से व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करना आवश्यक है। किसानों को नीलामी, तुलाई और भुगतान में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह लिया गया कि आगामी गेहूं सीजन में किसानों की उपज की नीलामी अब खुली ट्रॉली में ही की जाएगी। यानी किसान जिस ट्रॉली में अपनी उपज लेकर आएंगे, उसी ट्रॉली में नीलामी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे किसानों को बार-बार माल उतारने और चढ़ाने की परेशानी से राहत मिलेगी और समय की भी बचत होगी।
इसके साथ ही मंडी कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि नीलामी के तुरंत बाद प्लेट कांटे पर तुलाई की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। इससे तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और तुलाई को लेकर होने वाले विवादों में कमी आएगी। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से मंडी में अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था भी कम होगी।
मंडी समिति को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि नई व्यवस्था की जानकारी किसानों तक व्यापक रूप से पहुंचाई जाए। इसके लिए मंडी परिसर में सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में भी किसानों को जागरूक किया जाएगा। मंडी प्रबंधन ने किसानों से अपील की है कि वे आगामी गेहूं सीजन में अपनी उपज खुली ट्रॉली में ही लेकर आएं, ताकि नीलामी से लेकर तुलाई और भुगतान की प्रक्रिया ट्रॉली में ही पूरी की जा सके।
दरअसल, बैतूल मंडी में तुलाई को लेकर लंबे समय से विवाद की स्थिति बनी हुई है। कई बार किसानों से तुलैयों और व्यापारियों के बीच विवाद बढ़ने पर हड़ताल तक की स्थिति बन चुकी है। किसानों का आरोप रहा है कि उनसे तुलाई के नाम पर अतिरिक्त राशि मांगी जाती है और भुगतान में भी देरी की जाती है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
हालांकि किसान संगठनों ने मंडी प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल भी उठाए हैं। किसान संघ का कहना है कि मंडी की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कई बार बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन जमीन पर ज्यादा बदलाव नजर नहीं आते। संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से मंडी में आने वाले किसानों का शोषण हो रहा है, लेकिन प्रशासन केवल बैठकों तक ही सीमित रह जाता है।
किसान संघ ने यह भी बताया कि वर्तमान में मक्का की बिक्री के बाद किसानों को भुगतान मिलने में 7 से 15 दिनों तक का समय लग रहा है, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संघ ने मांग की है कि गेहूं सीजन का इंतजार किए बिना अभी से मक्का की बिक्री और तुलाई भी खुली ट्रॉली में शुरू की जाए, ताकि किसानों को तुरंत राहत मिल सके।
कुल मिलाकर प्रशासन की नई व्यवस्था से मंडी में पारदर्शिता और सुव्यवस्था लाने की उम्मीद जताई जा रही है। अब यह देखना होगा कि आगामी गेहूं सीजन में यह व्यवस्था किसानों के लिए कितनी कारगर साबित होती है।
भौंरा के साप्ताहिक बाजार में मधुमक्खियों का हमला, एक दर्जन लोग घायल
बैतूल 8 मार्च ।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के भौंरा कस्बे में शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार के दौरान मधुमक्खियों के झुंड के अचानक हमलावर हो जाने से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में एक दर्जन से अधिक लोग मधुमक्खियों के काटने से घायल हो गए, जबकि करीब एक से दो घंटे तक बाजार क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र में स्थित पानी की टंकी पर पिछले कई दिनों से मधुमक्खियों के तीन बड़े छत्ते बने हुए हैं। शुक्रवार को साप्ताहिक बाजार लगने के कारण आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण खरीदारी के लिए यहां पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों का झुंड बिफर गया और बाजार में मौजूद लोगों पर हमला कर दिया। इससे वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
घटना के दौरान अपनी 10 वर्षीय बेटी के साथ बाजार आए योगेंद्र नामक व्यक्ति ने बताया कि वह सब्जी खरीदकर लौट रहे थे, तभी अचानक मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। उन्होंने किसी तरह पास में रखी सब्जियों की खाली कैरेट के नीचे अपनी बेटी को ढककर उसे सुरक्षित किया।
मधुमक्खियों के हमले में सचिन गुप्ता (निवासी शाहपुर), दिलीप (निवासी चोपना), विनोद (निवासी भौंरा), रामभरोस (निवासी इटारसी) और गोपाल बैरागी (निवासी तवाकाटी) सहित कई लोग घायल हो गए। घायलों को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया।
स्थानीय दुकानदार राजू गुप्ता, निवासी शाहपुर ने बताया कि उनकी दुकान भी पानी की टंकी के पास ही लगती है। अचानक मधुमक्खियों का झुंड बिफरने से लोगों में भगदड़ मच गई और उन्हें भी दुकान छोड़कर भागना पड़ा। उन्होंने बताया कि भागने के बावजूद कई मधुमक्खियों ने उन्हें काट लिया। करीब एक से दो घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी, जिसके बाद लोग और दुकानदार दोबारा अपनी दुकानों पर लौट सके।
घटना के दौरान बाजार के पास स्थित स्कूल में भी सतर्कता बरती गई। शिक्षकों ने तत्काल सभी खिड़कियां बंद करवा दीं, जिससे वहां पढ़ रही छात्राओं और अन्य बच्चों को किसी प्रकार की हानि नहीं हुई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार क्षेत्र के पास ही स्कूल संचालित होता है और साप्ताहिक बाजार के दिन यहां भारी भीड़ रहती है। ऐसे में यदि समय रहते पानी की टंकी पर बने मधुमक्खियों के छत्तों को नहीं हटाया गया तो भविष्य में बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रह सकती है।
इस संबंध में ग्राम पंचायत भौंरा की सरपंच मीरा धुर्वे ने बताया कि पानी की टंकी पर पहले भी मधुमक्खियों के छत्ते बन चुके हैं, जिन्हें पंचायत द्वारा दो-तीन बार हटवाया जा चुका है। उन्होंने कहा कि छत्ते हटाने के बाद मधुमक्खियां कुछ समय बाद किसी अन्य स्थान पर फिर से छत्ता बना लेती हैं। सरपंच ने कहा कि पंचायत एक बार फिर टंकी पर बने मधुमक्खियों के छत्तों को हटवाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि बाजार आने वाले लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जाति आधारित जनगणना सहित विभिन्न मांगों को लेकर संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
बैतूल 8 मार्च ।।मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में भारत मुक्ति मोर्चा और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर जाति आधारित जनगणना सहित विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने बताया कि ज्ञापन में जाति आधारित जनगणना को लागू करने, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के इक्विटी रेगुलेशन को सख्ती से लागू करने, वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) से मुक्त करने तथा किसानों के कृषि उत्पादन पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी संबंधी कानून लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई है।
ज्ञापन में कहा गया कि इन मुद्दों को लेकर संगठन देशभर में चरणबद्ध आंदोलन चला रहे हैं। इसके तहत पहले चरण में 6 मार्च को देश के 725 जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपे गए हैं। संगठन के अनुसार, यह अभियान सामाजिक न्याय, शिक्षा और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर चलाया जा रहा है।
संगठनों ने बताया कि आंदोलन के दूसरे चरण में 13 मार्च को देशभर के जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 23 मार्च को विभिन्न स्थानों पर रैली निकाली जाएगी। वहीं, 23 अप्रैल 2026 को इन मांगों के समर्थन में भारत बंद का आह्वान किया गया है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि केंद्र सरकार द्वारा ओबीसी की जाति आधारित जनगणना कराने का निर्णय लेने की बात कही गई है, लेकिन जारी जनगणना नोटिफिकेशन में ओबीसी जातियों का अलग से कॉलम शामिल नहीं किया गया है। संगठनों ने इसे ओबीसी समाज के साथ अन्याय बताते हुए इस पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
संगठनों के प्रतिनिधियों ने कहा कि राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों का अलग कॉलम शामिल किया जाना आवश्यक है, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन किया जा सके। उनका कहना है कि इससे सरकार को योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिलेगी।
ज्ञापन के माध्यम से संगठनों ने केंद्र सरकार से मांग की है कि जनगणना में ओबीसी सहित सभी जातियों के कॉलम जोड़े जाएं और अन्य लंबित मांगों पर भी शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए, ताकि समाज के विभिन्न वर्गों को न्याय मिल सके।
पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला, चार आरोपी गिरफ्तार
बैतूल 8 मार्च ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर प्राणघातक हमला करने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार घटना तीन मार्च की रात सारनी थाना क्षेत्र के राजेंद्र नगर पाथाखेड़ा इलाके में हुई। इस हमले में राजकमल गिरी (24) निवासी राजेंद्र नगर पाथाखेड़ा गंभीर रूप से घायल हो गया।
पुलिस ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते समीर अंसारी (22) निवासी कैलाश नगर शोभापुर कॉलोनी, प्रमोद उर्फ तरुण लाहोरिया (29) निवासी अंबेडकर नगर पाथाखेड़ा, सागर पवार (24) निवासी जगजीवन नगर पाथाखेड़ा, पवन पुरी (28) निवासी आजाद नगर पाथाखेड़ा, मयूर मकवाने (23) तथा मुकेश जायसवाल (35) ने मिलकर युवक के साथ मारपीट की, जिससे उसे गंभीर चोटें आईं।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और एसडीओपी सारनी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में सारनी थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
सारनी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी समीर अंसारी, प्रमोद उर्फ तरुण लाहोरिया, सागर पवार और पवन पुरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों को पांच मार्च को न्यायालय में पेश किया। मामले के दो अन्य आरोपी मयूर मकवाने और मुकेश जायसवाल की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (ए), 109(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उपनिरीक्षक मनोज उइके, सहायक उपनिरीक्षक अजय भाट, शिवपाल सिंह इरपाचे तथा आरक्षक राकेश करपे, रविमोहन, सुभाष मंडलोई, मोहित और सैनिक सुभाष रघुवंशी की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने युवाओं में बढ़ते विवादों पर चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से अपील की है कि आपसी मतभेदों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाएं और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या नजदीकी पुलिस थाने को तुरंत सूचना दें।
ताप्ती उद्गम क्षेत्र में नाले का सीमांकन आज, अतिक्रमणों की होगी पहचान
बैतूल, 8 मार्च ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई में ताप्ती नदी के उद्गम क्षेत्र स्थित शनि तालाब और ताप्ती सरोवर के बहाव क्षेत्र को लेकर चल रहे विवाद के बीच शनिवार को प्रशासन नाले का सीमांकन (नपाई) करेगा। अधिकारियों ने इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं तथा बहाव क्षेत्र की सफाई का काम भी कराया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार सीमांकन से पहले नाले और बहाव क्षेत्र की सफाई कराई जा रही है, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। इसके लिए जेसीबी मशीन की मदद से क्षेत्र में जमा मलबा और अवरोध हटाए जा रहे हैं। सीमांकन के बाद नाले और ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र में हुए संभावित अतिक्रमणों को चिन्हित किया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ताप्ती भक्त दिनेश कालभोर ने बताया कि सीमांकन के बाद मां ताप्ती के प्राकृतिक प्रवाह को सुचारू बनाए रखने के लिए बहाव क्षेत्र में हुए अतिक्रमणों को हटाने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे।
मामला तब सामने आया जब मुलताई की ताप्ती विकास प्राधिकरण समिति ने प्रशासन को आवेदन देकर शिकायत की कि वर्ष 1917-18 के अभिलेखों के अनुसार मां ताप्ती नदी के प्रवाह क्षेत्र की भूमि खसरा क्रमांक 242 में दर्ज है, जिसका रकबा 0.58 एकड़ बताया गया है। समिति का आरोप है कि बाद में यह भूमि अन्य व्यक्तियों के नाम पर स्थानांतरित कर दी गई।
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि खसरा क्रमांक 560 से भूमि विक्रय के बाद बने छह बंटाकनों में से किस खसरा नंबर और किस भूमिस्वामी के हिस्से से भूमि कम की जानी है, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। इसी कारण मामले की विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई गई है।
प्रशासन ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए मां ताप्ती उद्गम कुंड से निकलने वाली नदी के प्रवाह क्षेत्र को बंद किए जाने की शिकायत की जांच के लिए एक दल गठित किया है। जांच दल का नेतृत्व नायब तहसीलदार राजकुमार उईके कर रहे हैं। दल को स्थल निरीक्षण कर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
साइकिल के पैसों पर विवाद बना जानलेवा: शाहपुर में महिला की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार
बैतूल 8 मार्च।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में साइकिल खरीदने के पैसों को लेकर हुए विवाद ने एक महिला की जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना ने एक बार फिर घरेलू विवादों के हिंसक रूप लेने की चिंता को उजागर किया है।
पुलिस के अनुसार घटना ग्राम ढप्पा के खेड़ाढाना की है। यहां 4 मार्च की रात लगभग 11 बजे आरोपी सुधाकर दरशिमा ने अपने बेटे कुनाल के लिए साइकिल खरीदने के उद्देश्य से अपनी पत्नी कविता से पैसों की मांग की थी। पैसों को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो धीरे-धीरे तीखे विवाद में बदल गई।
बताया गया कि विवाद बढ़ने पर आरोपी ने आवेश में आकर पत्नी के साथ हाथ-मुक्कों और बेल्ट से मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान कविता को सिर के पीछे, चेहरे, पीठ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। चोटें इतनी गंभीर थीं कि कुछ ही समय में उसकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलने के बाद 6 मार्च को थाना शाहपुर में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्रित किए और मृतिका के शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मामले में प्राप्त तथ्यों के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 101/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) में हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की। इसके बाद आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर आरोपी सुधाकर दरशिमा को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी को शनिवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि त्योहारों के समय परिवारों में खुशियों के साथ अपेक्षाएं भी बढ़ जाती हैं, लेकिन कई बार इन्हीं अपेक्षाओं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद हिंसा का रूप ले लेते हैं।
उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में जिले के विभिन्न थानों में घरेलू हिंसा से जुड़े करीब 45 प्रकरण दर्ज किए गए हैं। इनमें पति-पत्नी के बीच विवाद, आर्थिक तनाव, शराब के प्रभाव में झगड़े और आपसी कहासुनी के बाद मारपीट जैसी घटनाएं सामने आई हैं।
जैन ने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों के समय आपसी मतभेदों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाएं और क्रोध या आवेश में कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे परिवार और समाज को अपूरणीय क्षति पहुंचे। उन्होंने कहा कि विवाद की स्थिति में संवाद, धैर्य और समझदारी से समाधान निकालने का प्रयास करें तथा जरूरत पड़ने पर पुलिस, महिला हेल्पलाइन या परिवार के बुजुर्गों की मदद लें।
हार्वेस्टर विवाद: किसानों ने बाहरी मशीनों को रोकने का किया विरोध, कलेक्टर से सहयोग की मांग
बैतूल, 8 मार्च ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में रबी फसल की कटाई के बीच हार्वेस्टर को लेकर विवाद गहराता दिखाई दे रहा है। जहां जिले के कुछ हार्वेस्टर मालिकों ने बाहरी हार्वेस्टर पर रोक लगाने की मांग की है, वहीं किसानों ने इसका विरोध करते हुए जिला प्रशासन से बाहरी हार्वेस्टर को न रोकने और सभी मशीन संचालकों को समान रूप से काम करने देने की मांग की है।
किसानों और हार्वेस्टर संचालकों ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए कहा कि वर्तमान समय में गेहूं और अन्य रबी फसलों की कटाई का कार्य तेजी से चल रहा है। ऐसे में पर्याप्त संख्या में हार्वेस्टर उपलब्ध रहना जरूरी है, ताकि किसानों की फसल समय पर कट सके और किसी प्रकार की हानि से बचा जा सके।
किसानों ने कहा कि वर्तमान में वे पहले से ही फसलों के समर्थन मूल्य को लेकर परेशान हैं। उनका आरोप है कि कई फसलें समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पा रही हैं और शासन स्तर पर भी इस समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
आवेदन में किसानों ने यह भी बताया कि गर्मी का मौसम शुरू हो चुका है और खेतों में आगजनी का खतरा बना रहता है। यदि समय पर फसल की कटाई नहीं हुई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस स्थिति को देखते हुए कई किसानों ने बाहर से हार्वेस्टर बुलाए हैं ताकि कटाई का काम जल्दी और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो सके।
किसानों का कहना है कि खेती का कार्य किसी भी प्रकार की दलगत भावना, क्षेत्रवाद या जातिगत भेदभाव से ऊपर होना चाहिए। उनके अनुसार किसानों के लिए सभी हार्वेस्टर मालिक समान हैं और किसी को बाहरी बताकर रोकना या अपमानित करना उचित नहीं है।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा बाहर से आए हार्वेस्टर संचालकों को धमकियां दी जा रही हैं और उनसे कहा जा रहा है कि वे बैतूल जिले से बाहर चले जाएं, अन्यथा उन्हें और उनकी मशीनों को नुकसान पहुंचाया जाएगा। किसानों ने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि किसान देश के नागरिक हैं और देश के किसी भी हिस्से से आने वाले हार्वेस्टर का स्वागत करते हैं। उन्होंने प्रशासन से सभी हार्वेस्टर संचालकों को सुरक्षा और सहयोग देने की अपील की है ताकि रबी फसल की कटाई का कार्य सुचारू रूप से हो सके।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि किसी प्रकार की दुर्घटना या नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में किसान नेता रमेश गायकवाड़, महादेवराव कोलेकर, दयाल पटेल, सुरेश, संतोष दुबे तथा हार्वेस्टर संचालक गुरप्रीत सिंह, मनजीत सिंह, सरबजीत सिंह और सुखराज सिंह शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले बैतूल जिले के कुछ हार्वेस्टर मालिकों ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और जिला प्रशासन को ज्ञापन देकर बाहरी हार्वेस्टर पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद अब किसानों ने इस मांग का विरोध करते हुए अपनी बात प्रशासन के सामने रखी है।
होली के दिन लापता युवक का शव कुएं में मिला, बाइक समेत गिरने की आशंका; पत्नी 9 माह की गर्भवती
बैतूल 8 मार्च ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र के बडगांव गांव में होली के दिन से लापता 33 वर्षीय युवक का शव शनिवार को खेत में बने एक कुएं से बरामद किया गया। पुलिस ने आशंका जताई है कि युवक अंधेरे में अपनी बाइक सहित बिना मुंडेर वाले कुएं में गिर गया होगा।
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बडगांव निवासी वचन (33) पिता समजी के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि वचन चार मार्च को होली के दिन दोपहर करीब तीन बजे घर से होली मनाने के लिए निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिलने पर थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
शनिवार को गांव के ही धानसिंह के खेत में बने कुएं के पास युवक की चप्पल पड़ी मिली और कुएं के अंदर बाइक दिखाई देने पर ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद भैंसदेही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया गया।
एसडीआरएफ की रेस्क्यू टीम प्रभारी पीसी सुनीता पंद्रे के नेतृत्व में करीब 70 किलोमीटर दूर से घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद कुएं में उतरकर युवक का शव और उसकी बाइक बाहर निकाली।
पुलिस के अनुसार मृतक वचन मिस्त्री का काम करता था और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसके परिवार में पत्नी और दो छोटे बच्चे हैं। बताया गया है कि उसकी पत्नी नौ माह की गर्भवती है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
प्राथमिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक संभवतः शराब के नशे में पगडंडी से गुजरते समय अंधेरे में कुएं का अंदाजा नहीं लगा पाया और बाइक समेत उसमें गिर गया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
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