भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में शराब ठेकेदारों की ‘तूती’, एमआरपी से ज्यादा वसूली पर बवाल
By,वामन पोटे
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के गृह जिले में शराब ठेकेदारों की ‘तूती’, एमआरपी से ज्यादा वसूली पर बवाल
बैतूल, 6 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही शराब दुकानों पर मनमानी और ओवररेटिंग के आरोपों ने तूल पकड़ लिया है। जिले के शाहपुर ग्रुप अंतर्गत आने वाली पीसाझोड़ी शराब दुकान पर बीयर को अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से कहीं ज्यादा कीमत पर बेचे जाने का मामला सामने आया है, जिससे सुराप्रेमियों में आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, गत वर्ष तक जिले में शराब ठेकेदारों की मोनोपॉली के चलते उपभोक्ताओं को महंगी शराब खरीदनी पड़ती थी। इस बार अलग-अलग फर्मों को ठेका मिलने से प्रतिस्पर्धा बढ़ने और कीमतों में राहत की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन हालात इसके उलट नजर आ रहे हैं। नए ठेकेदारों ने शुरुआत से ही मनमानी दरें लागू कर दी हैं, खासकर बीयर के दामों में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पीसाझोड़ी शराब दुकान से जुड़े एक उपभोक्ता ने बताया कि उसे 199 रुपये एमआरपी वाली किंगफिशर बीयर 260 रुपये में दी गई। बोतल पर अंकित एमएसपी 173 रुपये और एमआरपी 199 रुपये होने के बावजूद यह बीयर करीब 30 प्रतिशत अधिक कीमत पर बेची जा रही है। इसी तरह 148 रुपये एमआरपी वाली बोल्ट बीयर 220 रुपये में बेचे जाने की शिकायत भी सामने आई है।
जब उपभोक्ताओं ने दुकान के सेल्समैन से इस संबंध में सवाल किया तो उन्हें स्पष्ट जवाब दिया गया कि “यह पुराने रेट का स्टॉक है, लेना हो तो इसी कीमत पर मिलेगा, अन्यथा कहीं और से खरीद लें।” हालांकि, बोतलों पर अंकित पैकिंग तिथि 16 मार्च 2026 बताई जा रही है, जिससे यह दावा संदिग्ध नजर आता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पीसाझोड़ी क्षेत्र में 15 किलोमीटर के दायरे में कोई अन्य शराब दुकान नहीं है, जिसका फायदा उठाकर ठेकेदार उपभोक्ताओं से मनमाने दाम वसूल रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में विकल्पों की कमी के चलते लोग मजबूरी में अधिक कीमत चुकाने को विवश हैं।
आबकारी विभाग के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए जिले में कुल 61 शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया जारी है, जिनमें से 53 दुकानों का आवंटन हो चुका है, जबकि 8 दुकानें अब भी अनसोल्ड हैं। शाहपुर ग्रुप को पांढुर्णा की वैष्णवी ट्रेडर्स ने लगभग 20.88 करोड़ रुपये के ऑफसेट प्राइस पर लिया है। इस ग्रुप में शाहपुर की दो दुकानों के साथ भौंरा और पीसाझोड़ी की दुकानें शामिल हैं।
इस पूरे मामले पर बैतूल के आबकारी अधिकारी डॉ. अंशमन चढ़ार ने कहा कि जिले में बीयर की कुछ कमी जरूर है, लेकिन किसी भी हालत में एमआरपी से अधिक कीमत पर बिक्री की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि पीसाझोड़ी दुकान पर अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, यह मामला राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है। स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यह जिला भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष का गृह क्षेत्र है, इसके बावजूद शराब ठेकेदार खुलेआम नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। आरोप है कि पिछले छह दिनों से जिले के विभिन्न हिस्सों में बीयर और अन्य शराब एमआरपी से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, लेकिन प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीण इलाकों में अंग्रेजी शराब की खुलेआम आपूर्ति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शाहपुर, बीजादेही और घोड़ाडोंगरी विधानसभा क्षेत्र के गांव-गांव तक शराब पहुंचने की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।
उपभोक्ताओं का कहना है कि यदि जल्द ही इस पर नियंत्रण नहीं किया गया तो विरोध प्रदर्शन की स्थिति बन सकती है। फिलहाल, आबकारी विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि ठेकेदारों की यह मनमानी कब तक जारी रहती है और प्रशासन इस पर क्या ठोस कदम उठाता है।