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 “40 डिग्री में जमीनी सख्ती: कलेक्टर का गांव-गांव दौरा, मध्यान्ह भोजन से लेकर राशन तक गड़बड़ी पर एक्शन”

By,वामन पोटे

 “40 डिग्री में जमीनी सख्ती: कलेक्टर का गांव-गांव दौरा, मध्यान्ह भोजन से लेकर राशन तक गड़बड़ी पर एक्शन”
बैतूल, 24 अप्रैल ।। भीषण गर्मी और करीब 40 डिग्री तापमान के बीच कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने शाहपुर विकासखंड के गांवों में सघन निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी। सिर पर गमछा बांधकर गांव-गांव पहुंचे कलेक्टर ने स्पष्ट संदेश दिया कि योजनाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। निरीक्षण के दौरान मध्यान्ह भोजन, आंगनवाड़ी संचालन, कुपोषण, जल व्यवस्था और राशन वितरण में लापरवाही सामने आने पर उन्होंने मौके पर ही सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
ग्राम निशान के आंगनवाड़ी केंद्र में निरीक्षण के दौरान बच्चों को दिए जा रहे मध्यान्ह भोजन में सब्जी नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक भोजन देना अनिवार्य है और किसी भी स्थिति में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं होगा। कलेक्टर ने खुद उपमा चखकर गुणवत्ता की जांच की और भविष्य में ऐसी लापरवाही दोहराने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
निरीक्षण में तीन बच्चे गंभीर कुपोषण की श्रेणी में पाए गए, जिन्हें एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया था। इस पर कलेक्टर ने तत्काल भर्ती कराने और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आंगनवाड़ी में बच्चों की शैक्षणिक स्थिति भी जांची और पोषण ट्रैकर ऐप के डेटा का मिलान कर सटीकता पर जोर दिया।
इसके बाद कलेक्टर ने गांव का पैदल भ्रमण कर नल-जल योजना और जल संरक्षण कार्यों की स्थिति जानी। उन्होंने पंचायत सचिव को साफ-सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। ग्राम पाठई में महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद करते हुए उन्होंने आजीविका गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर दिया और उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग, बैंक लिंकेज तथा स्टोरेज भवन निर्माण के निर्देश दिए।
पानी की समस्या उठने पर कलेक्टर ने टंकी निर्माण और नियमित जल वितरण सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही “धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान” के तहत लंबित डीपीआर को जल्द स्वीकृत कर काम शुरू करने के निर्देश दिए।
राशन वितरण व्यवस्था में भी गड़बड़ी सामने आई। उचित मूल्य दुकान में मशीन और वास्तविक स्टॉक में अंतर मिलने पर पंचनामा बनाकर फूड इंस्पेक्टर और समिति प्रबंधक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं खाद्यान्न पर्ची के लंबित आवेदन पर पंचायत सचिव को भी नोटिस देने को कहा गया।
कलेक्टर ने जाति प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश एसडीएम को दिए। निरीक्षण के दौरान आंगनवाड़ी में बच्चों को बिस्किट और चॉकलेट भी वितरित किए गए।
कुल मिलाकर, कलेक्टर का यह दौरा साफ संकेत देता है कि प्रशासन अब जमीनी स्तर पर सख्ती के मूड में है और योजनाओं में लापरवाही करने वालों पर सीधे कार्रवाई तय है।
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