बैतूल में नरवाई जलाने पर सख्ती: 11 किसानों पर जुर्माना, 2 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
By,वामन पोटे
बैतूल में नरवाई जलाने पर सख्ती: 11 किसानों पर जुर्माना, 2 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
बैतूल, 29 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में फसल अवशेष (नरवाई) जलाने के मामलों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर राजस्व विभाग ने कार्रवाई करते हुए 11 किसानों पर कुल 37,500 रुपये का पर्यावरण क्षतिपूर्ति जुर्माना लगाया है, जबकि दो किसानों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए हैं।
अधिकारिक जानकारी के अनुसार, बैतूल विकासखंड में पांच मामलों में 20,000 रुपये का दंड लगाया गया। चिचोली विकासखंड में दो प्रकरणों में 5,000 रुपये, आमला में तीन मामलों में 7,500 रुपये और भैंसदेही में एक मामले में 5,000 रुपये की कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त घोड़ाडोंगरी और भीमपुर विकासखंड के दो किसानों के खिलाफ नरवाई जलाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रबी सीजन में गेहूं की कटाई के बाद खेतों में अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध है। यह कदम वायु प्रदूषण को रोकने और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, नरवाई जलाने से न केवल वातावरण में प्रदूषण फैलता है, बल्कि भूमि की उर्वरता भी प्रभावित होती है, जिससे दीर्घकाल में कृषि उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ता है।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों को अपनाएं, जैसे मल्चिंग या मशीनों के माध्यम से अवशेषों का निस्तारण। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
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