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बर्राढाना में 18 घर खाक, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभाली

By,वामन पोटे

बैतूल आगकांड: बर्राढाना में 18 घर खाक, कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभाली
बैतूल, 2 मई: मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के आदिवासी बहुल भीमपुर विकासखंड के बर्राढाना गांव में शनिवार शाम भीषण आग लगने से 18 से अधिक मकान जलकर पूरी तरह खाक हो गए। तेज आंधी-तूफान के बीच शाम करीब 6 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ग्रामीण रत्तू आदिवासी ने बताया कि आग लगते ही लोगों ने अपने स्तर पर बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवा के कारण आग बेकाबू हो गई। सूचना दिए जाने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब ढाई घंटे की देरी से, रात लगभग 8:30 बजे मौके पर पहुंच सकी। तब तक कई घर पूरी तरह जल चुके थे।
सूत्रों के मुताबिक, चिचोली नगर परिषद का फायर वाहन रास्ते में खराब हो गया था, जिसके बाद बैतूल से दूसरा दमकल वाहन भेजा गया। मौके पर पहुंचकर दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया। आग की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कई घरों में रखे रसोई गैस सिलेंडर भी विस्फोट के साथ फट गए, जिससे नुकसान और अधिक बढ़ गया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन तत्काल सक्रिय हुआ। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने आगजनी की पुष्टि करते हुए बताया कि भीमपुर तहसील के तहसीलदार और मोहदा थाना पुलिस बल तुरंत गांव पहुंच गए थे और राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। प्राथमिकता के तौर पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
ग्रामीण धन्नू धुर्वे ने बताया कि प्रभावित परिवारों को गांव के स्कूल और पंचायत भवन में अस्थायी रूप से ठहराया गया है। प्रशासन द्वारा भोजन, पानी और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। हालांकि, आगजनी में अधिकांश परिवारों का घर-गृहस्थी का सामान जलकर नष्ट हो गया है, जिससे वे पूरी तरह प्रभावित हुए हैं।
घटना के बाद कलेक्टर डॉ. सोनवणे स्वयं बर्राढाना गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने पीड़ितों से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया। कलेक्टर ने मौके पर राहत कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि आग से हुए नुकसान का विस्तृत और सटीक सर्वेक्षण किया जाए, ताकि प्रभावितों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी) 6-4 के तहत शीघ्र आर्थिक सहायता प्रदान की जा सके। साथ ही, उन्होंने यह भी सुनिश्चित किया कि प्रभावित परिवारों के लिए राशन, भोजन और आवश्यक वस्तुओं की व्यवस्था तत्काल की जाए।
स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाकर सभी प्रभावित लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी प्रकार की बीमारी फैलने की आशंका न रहे।
इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीएम अजीत मरावी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्यों की निगरानी करते रहे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों में कुछ हद तक भरोसा कायम हुआ है।
हालांकि इस घटना में किसी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और सहायता में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

 

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