बैतूल कलेक्टर की सख्ती: फील्ड विजिट अनिवार्य, लापरवाही पर जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
By,वामन पोटे
बैतूल कलेक्टर की सख्ती: फील्ड विजिट अनिवार्य, लापरवाही पर जुर्माना और अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश
बैतूल, 4 मई ।। — जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी सुनिश्चित होगा, जब अधिकारी मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर निरीक्षण करेंगे और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करेंगे।
कलेक्टर ने कहा कि सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ सहित विभागीय अधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें और पंचायत स्तर तक जाकर योजनाओं की स्थिति का जायजा लें। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदारों को भी बिना सक्षम अनुमति मुख्यालय से बाहर न जाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में आपदा प्रबंधन को लेकर भी गंभीरता दिखाई गई। कलेक्टर ने सभी विभागों को एक सप्ताह के भीतर ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पूर्व घटनाओं से सीख लेते हुए मेलों, वाटर पार्क और अन्य भीड़भाड़ वाले आयोजनों के लिए अग्रिम तैयारी अनिवार्य है। नगरीय निकायों में दमकल वाहनों की स्थिति दुरुस्त रखने, फायर एक्सटिंग्विशर की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए।
पेयजल समस्याओं को लेकर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि ब्लॉक स्तर पर आने वाली शिकायतों का तत्काल समाधान किया जाए। मरम्मत, बोरिंग और अधिग्रहण जैसे कार्यों में किसी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसडीएम और जनपद सीईओ को इसकी सतत मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए गए।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गुणवत्तापूर्ण निराकरण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नॉन-अटेंडेंट शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा और भविष्य में ऐसी लापरवाही पाए जाने पर जुर्माना लगाया जाएगा, जिसकी राशि रेडक्रॉस में जमा होगी। महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और नगरीय प्रशासन विभागों को विशेष रूप से सुधार के निर्देश दिए गए।
श्रम विभाग को जिले के सभी निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों का अनिवार्य पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि कोई भी श्रमिक अपंजीकृत नहीं रहना चाहिए, ताकि उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिल सके।
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले के तालाबों का चिन्हांकन कर उनके गहरीकरण के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि इससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और किसानों को अतिरिक्त मिट्टी भी उपलब्ध होगी। साथ ही, नल-जल योजनाओं में खराब पाइपलाइन की शिकायतों का चिन्हांकन कर त्वरित सुधार करने और पुराने पाइपों की मरम्मत 15वें वित्त आयोग से कराने के निर्देश दिए गए।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने समयसीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समयसीमा से अधिक विलंब होने पर संबंधित अधिकारी पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई। राजस्व और सीमांकन से जुड़े मामलों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने पर भी जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संस्थागत प्रसव की प्रगति असंतोषजनक पाए जाने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को सुधार के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्वास्थ्य अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहकर योजनाओं की मॉनिटरिंग करने को कहा।
उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। केंद्रों पर पेयजल, छाया, परिवहन और भुगतान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा किसानों की समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए। भैंसदेही और शाहपुर क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा जनगणना 2027 के तहत हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLBC) कार्य में तेजी लाने और आंकड़ों की शत-प्रतिशत सटीक प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में सभी एसडीएम और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।