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चना खरीदी में गड़बड़ी पर कार्रवाई, मुलताई केंद्र प्रभारी निलंबित,जिले भर के चना खरीदी केंद्र विवादों में आए 

By,वामन राव पोटे

चना खरीदी में गड़बड़ी पर कार्रवाई, मुलताई केंद्र प्रभारी निलंबित,जिले भर के चना खरीदी केंद्र विवादों में आए
बैतूल 13 मई ।।— मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई स्थित सरकारी चना खरीदी केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने केंद्र प्रभारी और समिति प्रबंधक देवीदास नरवरे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। किसानों की शिकायत पर की गई जांच में प्रति बोरी निर्धारित सीमा से अधिक चना तौले जाने की पुष्टि हुई।
जिला प्रशासन के अनुसार, किसानों ने शिकायत की थी कि खरीदी केंद्र पर प्रत्येक बोरी में शासन द्वारा तय 50 किलोग्राम 530 ग्राम से अधिक चना लिया जा रहा है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा था। शिकायत के बाद कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के निर्देश पर संयुक्त जांच दल गठित किया गया।
अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजीव कहार के मार्गदर्शन में गठित दल में तहसीलदार संजय बरैया, उपायुक्त सहकारिता के.के. शिव, सहायक संचालक कृषि सुरेंद्र पराते और जिला विपणन अधिकारी प्रदीप ग्रेवाल शामिल थे।
जांच दल ने बुधवार को केंद्र पर पहुंचकर रिकॉर्ड का परीक्षण किया और मौके पर रखी चने की बोरियों का दोबारा वजन कराया। अधिकारियों ने पाया कि कई बोरियों में निर्धारित सीमा से अधिक चना तौला जा रहा था। शिकायत सही पाए जाने पर पंचनामा तैयार कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई।
रिपोर्ट के आधार पर देवीदास नरवरे को निलंबित कर दिया गया। खरीदी कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए सहायक प्रबंधक हरीराम बोरबन को केंद्र का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है।
इस कार्रवाई के बाद जिले के अन्य 10 नये खरीदी केंद्रों पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का आरोप है कि बैतूल, शाहपुर, मुलताई, भैंसदेही और आमला सहित कई केंद्रों पर प्रति 50 किलोग्राम चने पर 100 से 200 ग्राम तक अतिरिक्त उपज ली जा रही है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन सभी वेयरहाउसों में संग्रहित चने का पुनः वजन कराए तो व्यापक अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
किसानों ने नापतौल विभाग से भी खरीदी केंद्रों के कांटों और तौल व्यवस्था की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।
कुछ किसानों ने यह सवाल भी उठाया है कि निलंबन अवधि के दौरान संबंधित अधिकारी का मुख्यालय उसी समिति कार्यालय में निर्धारित किया जाना प्रशासनिक नियमों के अनुरूप है या नहीं।
जिला प्रशासन ने कहा है कि समर्थन मूल्य पर खरीदी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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