पेयजल संकट पर सियासत तेज: कांग्रेस के मटका प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार, बैतूल में गरमाई राजनीति
By,वामन पोटे
पेयजल संकट पर सियासत तेज: कांग्रेस के मटका प्रदर्शन पर भाजपा का पलटवार, बैतूल में गरमाई राजनीति
बैतूल, 27 मई।। मध्य प्रदेश के बैतूल शहर में गहराते पेयजल संकट को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक ओर जिला कांग्रेस कमेटी ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर “राजनीतिक नौटंकी” करने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। शहर में पानी की किल्लत अब केवल जनसमस्या नहीं रही, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का बड़ा मुद्दा बन गई है।
मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष निलय विनोद डागा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लल्ली चौक से नगर पालिका कार्यालय तक रैली निकाली। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला कांग्रेस पदाधिकारी, पार्षद और कार्यकर्ता शामिल हुए। नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर कांग्रेस नेताओं ने खाली मटके फोड़े और मुख्य नगर पालिका अधिकारी नवनीत पांडे को प्रतीकात्मक रूप से खाली मटका भेंट किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद शहरवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ज्ञापन में नलजल योजनाओं, लाखापुर डैम योजना, अमृत-2 योजना और ताप्ती बैराज परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भारी बजट के बाद भी शहर के कई वार्डों में चार से पांच दिन में पानी मिल रहा है, जबकि कुछ इलाकों में सात से आठ दिन बाद जलापूर्ति हो रही है।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पाइपलाइनें जर्जर हो चुकी हैं, पेयजल टंकियां खाली पड़ी रहती हैं और नगर पालिका की लापरवाही के कारण भीषण गर्मी में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
हालांकि नगर पालिका सीएमओ नवनीत पांडे ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि शहर में एक दिन के अंतराल से पर्याप्त जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने बताया कि चार दिन पहले इंटेकवेल पर लगी तीन मोटरों में से दो मोटर खराब हो गई थीं, जिसके कारण कुछ क्षेत्रों में अस्थायी रूप से जलापूर्ति प्रभावित हुई। अब मोटरों की मरम्मत हो चुकी है और एक-दो दिन में सप्लाई पूरी तरह सामान्य हो जाएगी।
इधर कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद भाजपा ने भी तीखा पलटवार किया है। भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष विकास मिश्रा और कोठीबाजार मंडल अध्यक्ष विक्रम वैद्य ने संयुक्त बयान जारी कर कांग्रेस के प्रदर्शन को “सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश” बताया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस जलसंकट जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति कर अपनी “राजनीतिक जमीन बचाने” का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि निलय डागा को अपना विधायक कार्यकाल याद करना चाहिए, जब शहर में चार-चार दिन तक लोगों को पानी नहीं मिलता था और ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर थीं।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर महिलाओं को आम जनता के रूप में प्रस्तुत करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश महिलाएं कांग्रेस पदाधिकारी थीं, लेकिन प्रचार में उन्हें आम नागरिकों की तरह दिखाने की कोशिश की गई।
संयुक्त बयान में भाजपा नेताओं ने कहा कि नगर पालिका और प्रशासन लगातार पेयजल व्यवस्था सुधारने में जुटे हैं। गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने और तकनीकी कारणों से कुछ क्षेत्रों में अस्थायी समस्या जरूर आई है, लेकिन इसके समाधान के लिए अतिरिक्त टैंकर, मोटर मरम्मत और नई पाइपलाइन बिछाने जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
भाजपा ने यह भी कहा कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस शहर की जल समस्या का स्थायी समाधान नहीं कर सकी। अब जब भाजपा सरकार विकास कार्य कर रही है तो कांग्रेस केवल प्रदर्शन और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रही है। भाजपा नेताओं ने दावा किया कि जनता की समस्याओं का समाधान धरना-प्रदर्शन से नहीं, बल्कि योजनाबद्ध विकास और निरंतर प्रयासों से होता है।
उधर कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि स्थिति सामान्य है तो शहर के कई वार्डों में लोग पानी के लिए क्यों परेशान हैं। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा नेताओं को जनता की समस्या से ज्यादा अपनी राजनीतिक छवि बचाने की चिंता है।
पेयजल संकट को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी इस राजनीतिक टकराव ने शहर का माहौल गरमा दिया है। भीषण गर्मी के बीच पानी की समस्या से जूझ रहे नागरिक अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि राजनीतिक बयानबाजी से आगे बढ़कर उन्हें राहत कब मिलेगी।