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सिकल सेल उन्मूलन अभियान में मध्य प्रदेश ने रचा कीर्तिमान, राष्ट्रपति मुर्मु ने की सराहना

By, वामन पोटे

सिकल सेल उन्मूलन अभियान में मध्य प्रदेश ने रचा कीर्तिमान, राष्ट्रपति मुर्मु ने की सराहना
खंडवा, 20 जून ।। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन-2047 के तहत मध्य प्रदेश की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले पूरा कर देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि सिकल सेल जैसी आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान केवल स्वास्थ्य कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनजातीय कल्याण, सामाजिक जागरूकता और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित बनाने का राष्ट्रीय संकल्प है।
विश्व सिकल सेल दिवस के अवसर पर गुरुवार को खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के अंतर्गत देशभर में नवजात शिशुओं से लेकर 40 वर्ष तक की आयु के सात करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है। उन्होंने इसे दुनिया में आनुवंशिक रोगों की जांच से जुड़ी सबसे बड़ी पहलों में से एक बताया।
राष्ट्रपति ने कहा कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय मिशन की शुरुआत के समय जो बड़े लक्ष्य निर्धारित किए गए थे, उनमें से स्क्रीनिंग का लक्ष्य समय से पहले हासिल होना संतोष का विषय है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ने इस अभियान में उल्लेखनीय योगदान दिया है और प्रदेश में अब तक सवा करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। इनमें से अधिकांश लोगों को जेनेटिक काउंसलिंग कार्ड भी प्रदान किए गए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने कहा कि केंद्र सरकार ने सिकल सेल रोग की चुनौती को गंभीरता से लेते हुए इसे केवल स्वास्थ्य समस्या के रूप में नहीं देखा, बल्कि जनजातीय स्वास्थ्य, आनुवंशिक जागरूकता, निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और सामाजिक व्यवहार परिवर्तन से जुड़े व्यापक मिशन के रूप में आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय के संयुक्त प्रयास से यह देश का पहला ऐसा अभियान बना है, जिसमें वैज्ञानिक शोध, डिजिटल मॉनिटरिंग और सामुदायिक भागीदारी को एक साथ जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), ट्राइबल हेल्थ रिसर्च इंस्टीट्यूट, एम्स, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित विभिन्न संस्थाओं के अध्ययनों से यह तथ्य सामने आया कि भारत में लगभग दो से ढाई करोड़ लोग सिकल सेल जीन के वाहक हो सकते हैं। इसके अलावा लाखों लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं और इसका सबसे अधिक प्रभाव मध्य भारत के जनजातीय क्षेत्रों में देखा गया है।
राष्ट्रपति ने कहा कि मिशन के तीन प्रमुख आयाम हैं—जन-जागरूकता और विवाह पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग, व्यापक स्क्रीनिंग के माध्यम से समय रहते रोग की पहचान तथा रोगियों की निरंतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करना। उन्होंने कहा कि अभियान के तहत अब तक लगभग ढाई लाख लोगों में सिकल सेल रोग की पहचान की जा चुकी है, जबकि 20 लाख से अधिक वाहकों को चिन्हित किया गया है।
उन्होंने कहा कि वाहकों की पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनमें बीमारी के लक्षण दिखाई नहीं देते और उन्हें यह जानकारी भी नहीं होती कि वे अपनी भावी संतान को यह रोग दे सकते हैं। ऐसे में समय पर जांच और जेनेटिक काउंसलिंग रोग की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकती है।
राष्ट्रपति मुर्मु ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की विशेष सराहना करते हुए कहा कि राज्य में प्रभावित लोगों, गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए पॉइंट ऑफ केयर टेस्ट आधारित जांच सुविधाओं का विस्तार आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक किया गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में चलाए गए “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के दौरान चार लाख से अधिक महिलाओं की सिकल सेल स्क्रीनिंग कर प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में विद्यार्थियों, विशेषकर जनजातीय छात्रों की बड़े पैमाने पर स्क्रीनिंग की जा रही है तथा उन्हें परामर्श और उपचार सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। दूरस्थ और दुर्गम जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन को मध्य प्रदेश में अभूतपूर्व सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मार्गदर्शन में प्रदेश ने इस अभियान में रिकॉर्ड उपलब्धियां हासिल की हैं और इससे आने वाली कई पीढ़ियां सुरक्षित होंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब तक 1.32 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें परामर्श और उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही भावी पीढ़ियों को सुरक्षित रखने के लिए सिकल सेल कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3,700 से अधिक ‘सिकल मित्र’ जागरूकता अभियान को गति देने का कार्य कर रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मध्य प्रदेश देश में सिकल सेल स्क्रीनिंग के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्ष 2026 के अंत तक 1.60 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया है और इसके लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों, अधिकारियों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, जनप्रतिनिधि, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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