शाह ने MP में डाला डेरा:सपा से कांग्रेस को संकट; मनमुटाव के बाद कमलनाथ-दिग्विजय सिंह दिल्ली तलब
By, बैतूल वार्ता
शाह ने MP में डाला डेरा:सपा से कांग्रेस को संकट; मनमुटाव के बाद कमलनाथ-दिग्विजय सिंह दिल्ली तलब
भोपाल।।
दमोह की रैली से प्रियंका गांधी ने किया बुंदेलखंड में प्रचार का आगाज। घोटालों की झड़ी लगाकर शिवराज सरकार को घेरा। बहुमत से कांग्रेस सरकार बनाने का दावा, लेकिन पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में महिलाओं की नुमाइंदगी नहीं के बराबर।
दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के व्यवहार से खुश नहीं है आलाकमान। दोनों को दिल्ली आने का निर्देश। एक दो दिन में ही हो सकती है बैठक। देर रात तक चली सुरजेवाला और दिग्विजय की मुलाकात।
अमित शाह का तीन दिन मध्यप्रदेश में डेरा। कमलनाथ के इलाके जुन्नारदेव में कांग्रेस पर हमले। पार्टी कार्यकर्ताओं को चुनाव जीतने के गुर समझाए। पार्टी की दलित सांसद को प्रवेश से रोका।
बुंदेलखंड में सपा से कांग्रेस को संकट
बुंदेलखंड के सातों जिलों में इस बार कांग्रेस के सामने बीजेपी के अलावा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी भी मुश्किल बनती दिखाई दे रही हैं। इलाके के दमोह, सागर, टीकमगढ़, निवाड़ी, दतिया, छतरपुर और पन्ना जिलों में छोटी पार्टियों ने उम्मीदवार उतारकर समीकरण असंतुलित कर दिए हैं। दतिया, चंदला, निवाड़ी, खरगापुर, बड़ा मलहरा और पवई जैसे कई क्षेत्रों के मतदाता उलझन में हैं।
हालांकि, कांग्रेस से अधिक झंझटें बीजेपी के लिए हैं क्योंकि समूचे बुंदेलखंड में उमा भारती के समर्थक बड़ी तादाद में हैं। उमा के हिमालय जाने से उनको संदेश मिल गया है कि दीदी इस बार चुनाव में रुचि नहीं ले रही हैं।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दमोह में राज्य सरकार पर कई आरोप लगाए। यहां दमोह बीजेपी के उपाध्यक्ष हाकिम सिंह और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के पूर्व अध्यक्ष महेश शर्मा कांग्रेस में शामिल हो गए।
बीजेपी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी को झटका
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी दमोह पहुंचीं और बड़ी सभा की। उन्होंने आरोप लगाया कि बुंदेलखंड के लिए कांग्रेस ने यूपीए सरकार के दौरान 7200 करोड़ रुपए की खास मदद दी थी, लेकिन राज्य की बीजेपी सरकार ने वह सहायता बुंदेलखंड के लोगों को नहीं दी। प्रियंका और कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर घोटालों के आरोपों की झड़ी लगा दी।
प्रियंका ने कहा कि बीजेपी ने 20 साल तक सरकार चलाई, लेकिन वो गरीबों के काम न आई। बुंदेलखंड और गरीब हो गया। शिवराज सिंह को चुनाव से केवल दो महीने पहले लाड़ली बहनों की याद आई। यह सभा बीजेपी और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के लिए बड़ा झटका लेकर आई। दमोह बीजेपी के उपाध्यक्ष हाकिम सिंह और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश शर्मा कांग्रेस में शामिल हो गए।
कांग्रेस ने शनिवार को अपने 40 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की। इसमें सुप्रिया श्रीनेत्र, रागिनी नायक, विभा पटेल और शोभा ओझा का नाम नहीं है।
कांग्रेस के स्टार प्रचारकों में महिलाएं न के बराबर
कांग्रेस ने शनिवार को अपने 40 सितारा प्रचारकों की सूची जारी कर दी, लेकिन इसमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं के बराबर है। पार्टी की पूर्व अध्यक्ष सोनिया, महासचिव प्रियंका के अलावा केवल मीनाक्षी नटराजन का नाम है। जानकारों की राय है कि सूची में सुप्रिया श्रीनेत्र, रागिनी नायक, विभा पटेल और शोभा ओझा जैसी तेजतर्रार नेत्रियों के नाम गायब हैं।
कमलनाथ और दिग्विजय सिंह दिल्ली तलब
उधर नाराज दिग्विजय सिंह शनिवार को भी भोपाल में अपने घर से नहीं निकले। संभव है कि 30 तारीख को वे दतिया में अपने समर्थक राजेंद्र भारती का नामांकन दाखिल होने के वक्त मौजूद रहें। दिग्विजय धार और झाबुआ में भी प्रचार के लिए नहीं गए थे।
पार्टी हाईकमान ने करीब एक सप्ताह से दोनों शिखर नेताओं के बीच मनमुटाव को बेहद गंभीरता से लिया है। खबर है कि कमलनाथ और दिग्विजय सिंह को दिल्ली तलब किया गया है। अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी इन दोनों से बात करेंगे।
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह तीन दिन के दौरे पर मध्यप्रदेश आए हैं। पहले दिन उन्होंने जुन्नारदेव (छिंदवाड़ा) में सभा की।
शाह ने कांग्रेस को परिवारवाद पर घेरा
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शनिवार को कमलनाथ के इलाके छिंदवाड़ा में थे। जुन्नारदेव में उन्होंने कांग्रेस के तीन परिवारों को मध्यप्रदेश में ताकतवर बताया। ये हैं गांधी परिवार, कमलनाथ का परिवार और दिग्विजय का कुनबा। उन्होंने कांग्रेस पर तीखे प्रहार किए। अमित शाह दो दिन और प्रदेश में रहेंगे।
राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि को जबलपुर में शाह की बैठक में जाने से रोक दिया गया। इस पर सांसद काफी नाराज हो गई।
अब बात सांसद सुमित्रा वाल्मीकि के गुस्से की
राज्यसभा सदस्य सुमित्रा वाल्मीकि को जबलपुर के एक कार्यक्रम में प्रवेश करने से रोक दिया गया। सुमित्रा को बड़ा गुस्सा आया। उन्होंने बखेड़ा खड़ा कर दिया। असल में उनका गुस्सा जायज है। जबसे वे सांसद बनी हैं, तो उनके साथ लगातार भेदभाव होता रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव में सत्तारूढ़ बीजेपी के एक सांसद के साथ यह व्यवहार अच्छा नहीं माना जा सकता। पहले उन्हें एक कार्यक्रम में मंच पर सबसे पीछे बैठा दिया। इससे पहले सागर में उनका सामान सरकारी विश्राम गृह से बाहर फेंक दिया गया था।
दुखी सांसद ने अपने साथ इस व्यवहार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी शिकायत की थी। अब वे भरे गले से कहती हैं- मैं दलित हूं, इसलिए मुझे गुलदस्ता तक नहीं देते। तस्वीर का यह दूसरा पहलू है।