शाहपुर एसडीएम भी नहीं मान रहे कलेक्टर के आदेश 22 दिन बाद भी नहीं किया क्रय सामग्रियों का सत्यापन
By, बैतूल वार्ता
शाहपुर एसडीएम भी नहीं मान रहे कलेक्टर के आदेश
22 दिन बाद भी नहीं किया क्रय सामग्रियों का सत्यापन
बैतूल।। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय शाहपुर में लाखों रुपये का फर्जी वाड़ा सामने आने के बावजूद प्राचार्य, व्याख्यता और पीजीटी पर कोई कार्यवाही नहीं हो सकी है। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवँशी द्वारा आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग को भेजा गया निलंबन के प्रस्ताव की फाइल दबा दी गयी है तो वहीं एसडीएम शाहपुर ने कलेक्टर के उस आदेश का पालन पूरे 22 दिन बाद भी नहीं किया है जिसमे एसडीएम को वर्ष 2023-24 में क्रय की गई सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपा जाना था। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है की प्राचार्य और उनकी टीम को बचाने के भरपूर प्रयास किये जा रहे हैं। और ऐसा क्यों किया जा रहा है ये भी आसानी से समझा जा सकता है की कहीं इस फर्जी वाड़े में सभी जिम्मेदारों की मिली भगत तो नहीं है।
आनन फानन में निपटा दी जांच
शिकायत कर्ता मुन्ना लाल वाड़ीवा ने बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर मे किये गए फर्जी वाड़े की जांच अनुविभागीय अधिकारी शाहपुर सहित तीन सदस्यीय दल से कराई गई थी। साथ ही कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी को अलग से निर्देश जारी कर यह भी उल्लेखित किया था कि क्रय सामग्री का भौतिक सत्यापन कर जांच रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाए। मतलब एसडीएम को सामग्री का भौतिक सत्यापन करने के बाद सामग्री का सही मूल्य निर्धारण कर बाजार खरीदी मूल्य और भुगतान की गई राशि का अंतर निकालना था जो राशि का अंतर आएगा वह राशि भ्रष्टाचार की होगी फिर प्राचार्य सहित उसके द्वारा गठित समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी ।लेकिन पूरे 22 दिन बाद भी रिपोर्ट कलेक्टर को नहीं दी जा सकी है। ऐसा क्यों नहीं किया जा सका है यह समझ से परे है।
22 दिन बाद भी जांच रिपोर्ट का पता नहीं
प्राथमिक जांच में सामग्रियों के अवलोकन में यह पाया गया कि जेम पोर्टल पर सामग्री के आदेश जारी करते समय अनुबंध अनुसार जिन सामग्रियों को क्रय किया गया है, क्रय अनुबंध एवं देयकों में उल्लेखित स्पेशिफिकेशन अनुसार सामग्रियां संस्था में नहीं पाई गई है। सामग्रियां भी गुणवत्ताहीन पाई गई है। सामग्री का सत्यापन प्राचार्य के द्वारा एमपीसरस बायलॉज अनुसार निर्धारित अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की अध्यक्षता में गठित समिति से नहीं कराया गया। प्राचार्य द्वारा अपने स्तर से ही विद्यालय के शिक्षकों की समिति बनाकर सत्यापन की औपचारिकता मात्र पूर्ण की गई है। उक्त तथाकथित समिति के द्वारा भी सामग्री का सत्यापन ठीक ढंग से नहीं किया गया है।अतः मध्यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्याण विभाग मंन्त्रालय, भोपाल के पत्र के अनुसार सदस्यों को साथ में रखकर वित्तीय वर्ष 2023-24 में क्रय की गई समस्त सामग्रियों का नियमानुसार भौतिक सत्यापन किया जावें । सामग्री जारी क्रय आदेश अनुबंध एवं देयक में उल्लेखित स्पेशिफिकेशन के अनुसार प्राप्त हुई है अथवा नहीं इसका भौतिक सत्यापन किया जाए । देयकों में अंकित दर की सामग्री विद्यालय में प्राप्त हुई है, इसका भी परीक्षण करेंगे । यदि सामग्रियां भुगतान देयक के अनुसार नहीं है तो अधिक भुगतान की गई राशि का भी निर्धारण किया जाकर प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत किया जाना सुनिश्चित करें । लेकिन प्राचार्य और टीम भ्रष्टाचार पर अभी तक कार्यवाही ना होना यह बता रहा है की स्थानीय अधिकारी अब खुद भी संदेह के घेरे में नजर आने लगे हैं।