मां सरस्वती का आशीर्वाद: बमबाडा गांव में हर घर से निकलते हैं शिक्षक, भर्ती में पक्का होता है सलेक्शन
By,वामन पोटे
मां सरस्वती का आशीर्वाद: बमबाडा गांव में हर घर से निकलते हैं शिक्षक, भर्ती में पक्का होता है सलेक्शन
बुरहानपुर।। मध्यप्रदेश का बमबाडा गांव अपने आप में मिसाल है। इसे लोग “शिक्षकों का गांव” भी कहते हैं। वजह भी खास है—यहां लगभग हर घर से एक न एक शिक्षक निकल चुका है। करीब 550 मकानों वाले इस गांव में 400 से ज्यादा लोग शिक्षक हैं, जो देश ही नहीं बल्कि विदेशों तक शिक्षा की अलख जगा रहे हैं।
गांव के शिक्षक महेंद्र महाजन बताते हैं कि यह गांव सचमुच मां सरस्वती का वरदान है। यहां के बच्चों में पढ़ाई-लिखाई के प्रति गजब का उत्साह है। यही वजह है कि हर बार शिक्षक भर्ती निकलते ही 5 से 10 युवाओं का चयन पक्का होता है। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है।
रिटायर्ड शिक्षक भी बने प्रेरणा
गांव में सेवानिवृत्त शिक्षक आज भी युवाओं को मार्गदर्शन देते हैं। वे उन्हें शिक्षा के महत्व के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक बनने की प्रेरणा भी देते हैं। यही कारण है कि यहां की नई पीढ़ी शिक्षा को सबसे बड़ा साधन मानती है और उसी दिशा में मेहनत करती है।
महिलाएं भी निभा रहीं अहम भूमिका
यहां पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शिक्षण क्षेत्र में अग्रणी हैं। गांव की कई महिला शिक्षिकाएं सरकारी और निजी संस्थानों में सेवाएं दे रही हैं। कुछ शिक्षकों को तो राष्ट्रपति पुरस्कार तक मिल चुका है, जबकि कई आज विदेशों में पढ़ा रहे हैं और गांव का नाम रोशन कर रहे हैं।
शिक्षा की अनोखी परंपरा
करीब 6 हजार की आबादी वाले इस गांव में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शिक्षा को ही सबसे बड़ा धर्म मानते हैं। यही वजह है कि बमबाडा गांव मध्यप्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है। यहां हर घर की दीवारों पर किताबों और पेन की छाप दिखाई देती है और हर दिल में मां सरस्वती का आशीर्वाद बसा है।
Comments are closed.