सड़क हादसों के पीड़ितों को 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, बैतूल के 11 निजी अस्पताल और सरकारी केंद्र शामिल
By,वामन पोटे
सड़क हादसों के पीड़ितों को 1.5 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा, बैतूल के 11 निजी अस्पताल और सरकारी केंद्र शामिल
बैतूल, 27 सितंबर।।
सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को अब इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। प्रदेश सरकार की नई योजना के तहत बैतूल जिले में 1.50 लाख रुपए तक का इलाज कैशलेस (नकद रहित) उपलब्ध कराया जाएगा। जिले के 11 निजी अस्पताल और कई शासकीय स्वास्थ्य केंद्रों को इस योजना से जोड़ा गया है।
गोल्डन ऑवर में मिलेगा मुफ्त इलाज
प्रदेश में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए शासन ने यह योजना शुरू की है। लक्ष्य है कि हादसे के तुरंत बाद यानी ‘गोल्डन ऑवर’ में घायल को समय पर उपचार मिल सके, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। दुर्घटना की तारीख से सात दिन के भीतर पीड़ित को 1.50 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिल सकेगा।
अस्पतालों को दी गई ट्रेनिंग
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि जिले के सभी निजी अस्पतालों को “स्टेबलाइजेशन पैकेज” के तहत सेवा देना अनिवार्य है। इसके लिए प्रत्येक अस्पताल के पास HFR आईडी होना जरूरी है। इसी संबंध में सीएमएचओ कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रशिक्षण एनआईसी के डीआरएम अभिषेक वागद्रे ने दिया। उन्होंने बताया कि जैसे ही घायल को अस्पताल में भर्ती किया जाएगा, उसकी जानकारी पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, जिससे पुलिस को स्वतः सूचना मिल जाएगी। इसके बाद TMS और e-DAR सिस्टम के जरिए इलाज की प्रक्रिया शुरू होगी।
योजना में शामिल 11 निजी अस्पताल
नोबल हॉस्पिटल
पाढ़र हॉस्पिटल
समर्पण हॉस्पिटल
बैतूल फ्रैक्चर हॉस्पिटल
सिटी हॉस्पिटल
महाजन हॉस्पिटल
क्रिश मेमोरियल हॉस्पिटल
श्री गोवर्धन दास राठी हॉस्पिटल
श्रीजी गडेकर हॉस्पिटल
गुरुकृपा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
सतायु मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल
शासकीय सीएचसी केंद्र भी जुड़े
इन निजी अस्पतालों के अलावा घोड़ाडोंगरी, चिचोली, शाहपुर, बैतूल बाजार, प्रभात पट्टन और भीमपुर के शासकीय सीएचसी केंद्र भी योजना का हिस्सा हैं।
इस पहल से सड़क दुर्घटना पीड़ितों को त्वरित इलाज उपलब्ध होगा और समय पर चिकित्सा के अभाव में होने वाली मौतों में कमी आने की उम्मीद है।
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