गरबा की रात में थमा जीवन का सुर : ओ मेरे ढोलना… गाने पर पति संग नाचते-नाचते नवविवाहिता की दिल दहला देने वाली मौत
By,वामन पोटे
गरबा की रात में थमा जीवन का सुर : ओ मेरे ढोलना… गाने पर पति संग नाचते-नाचते नवविवाहिता की दिल दहला देने वाली मौत
खरगोन।।खरगोन जिले के भीकनगांव क्षेत्र के ग्राम पलासी में रविवार रात नवरात्रि उत्सव उस समय मातम में बदल गया, जब 19 वर्षीय नवविवाहिता सोनम का दिल अचानक धड़कना बंद हो गया। दुर्गा पंडाल में गरबा की रंगीन रात देखते ही देखते सन्नाटे में डूब गई। चारों ओर ढोल-नगाड़ों की गूंज, रोशनी की चमक और श्रद्धा से भरे लोग—सब पलों में गहरे दुख में बदल गए।
रविवार रात सिंगाजी मंदिर पर स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा के सामने गरबा की धूम मची थी। हर उम्र के लोग मां की भक्ति में झूमते हुए डांडिया की थाप पर थिरक रहे थे। सोनम अपने पति कृष्णपाल का हाथ थामे मंडप के बीचोंबीच उतरी। दोनों का चेहरा नवरात्रि की उमंग से दमक रहा था। डीजे पर उस समय फिल्म बागबान का मशहूर गीत “ओ मेरे ढोलना… कसम लूं मैं रब की, कभी एक दूजे का ना दामन छोड़ना…” गूंज रहा था। गीत के बोल जैसे पति-पत्नी के बीच अटूट रिश्ते का वादा कर रहे हों।
लेकिन खुशियों का यह पल नियति को कुछ और ही मंजूर था। गीत के बीच में ही सोनम का कदम अचानक लड़खड़ाया। देखते ही देखते वह मां दुर्गा की झांकी के सामने धड़ाम से गिर पड़ी। शुरू में आसपास मौजूद कुछ लोग इसे डांस का हिस्सा समझकर हंस पड़े, किसी ने सोचा शायद वह मजाक में गिरने का अभिनय कर रही है। मगर कुछ ही सेकंड बाद जब सोनम उठी नहीं, तो हंसी का माहौल भय में बदल गया।
कृष्णपाल घबराकर पत्नी के पास दौड़ा, उसने बार-बार उसे उठाने की कोशिश की। भीड़ में खलबली मच गई, महिलाएं और बच्चे घबराकर इधर-उधर हटने लगे। पास खड़े लोगों ने पानी छिड़का, किसी ने नाड़ी टटोली, पर तब तक बहुत देर हो चुकी थी। सोनम की सांसें थम चुकी थीं। नवरात्रि का गरबा पंडाल, जहां कुछ देर पहले भक्ति और आनंद का रेला था, अचानक शोक और आंसुओं के सन्नाटे में डूब गया।
ग्रामीणों के अनुसार, सोनम की शादी इसी साल मई में कृष्णपाल से हुई थी। शादी के बाद यह उनका पहला नवरात्रि उत्सव था। पति-पत्नी दोनों ने मिलकर इस गरबा में भाग लेने की योजना बनाई थी। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि नई दुल्हन की पहली नवरात्रि इतनी दर्दनाक याद बन जाएगी।
भीकनगांव क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि सोनम पूरे गांव में अपनी मधुर मुस्कान और हंसमुख स्वभाव के लिए जानी जाती थी। उसकी अचानक मौत से गांव ही नहीं, आस-पास के इलाके में भी गहरा शोक फैल गया। सोमवार सुबह जैसे ही घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोग अविश्वास में डूब गए।
एक ग्रामीण ने बताया कि जब सोनम गिरी तो कुछ क्षणों के लिए किसी को समझ ही नहीं आया कि हुआ क्या है। “ऐसा लगा जैसे डांस का ही हिस्सा हो। लेकिन जब वह नहीं उठी तो दिल दहल गया।”
नवरात्रि का पर्व जहां नौ दिनों तक मां दुर्गा की शक्ति और आनंद का प्रतीक होता है, वहां इस अनहोनी ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया। सोनम के परिवार पर ऐसा वज्रपात हुआ है, जिसकी भरपाई असंभव है। पति कृष्णपाल की आंखों के सामने ही जीवनसंगिनी का यूं चले जाना पूरे गांव के लिए कभी न भूलने वाला मंजर बन गया।
रात की रंगीनियों में जब “ओ मेरे ढोलना…” के बोल गूंज रहे थे, किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह गीत सोनम के जीवन का आखिरी संगीत बन जाएगा। खुशियों और रौनक से भरी गरबा की रात अब गांव के हर दिल में एक मार्मिक याद बनकर रह गई है।
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