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जमीन गिरवी रखी, 5 लाख खर्च किए… पर बेटा नहीं बचा: पिता बोले — “दवा और डॉक्टर ने बेटा-जमीन दोनों छीने”

By,वामन पोटे

जमीन गिरवी रखी, 5 लाख खर्च किए… पर बेटा नहीं बचा:
पिता बोले — “दवा और डॉक्टर ने बेटा-जमीन दोनों छीने”

बैतूल में भी 2 मासूमों की मौत, जांच से पहले ही कलेक्टर बोले– वजह कफ सिरप नहीं
बैतूल, 6 अक्टूबर 25।।
छिंदवाड़ा में “Coldrif” और “Nextro-DS” कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत के बाद अब बैतूल में भी दो बच्चों की मौत के मामले ने हड़कंप मचा दिया है। परासिया में इलाज कराने वाले परिवारों का आरोप है कि डॉक्टरों द्वारा दी गई कफ सिरप पीने के बाद बच्चों की हालत बिगड़ी और उनकी किडनी फेल हो गई।
वहीं, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने जांच से पहले ही इन मौतों का कारण कफ सिरप से इनकार किया है।

पिता बोले — “दवा और डॉक्टर ने बेटा-जमीन दोनों छीने”

कलमेश्वरा गांव के किसान कैलाश यादव अपने चार साल के बेटे कबीर की फोटो देखकर फूट-फूटकर रो पड़ते हैं। 24 अगस्त को कबीर को सर्दी-जुकाम हुआ, तो कैलाश उसे परासिया के डॉक्टर प्रवीण सोनी के पास ले गए। डॉक्टर ने “Coldrif” कफ सिरप समेत तीन दवाएं लिखीं और दिन में चार बार तीन-तीन एमएल सिरप देने के लिए कहा।
चार दिन तक सिरप देने के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने लगी—पेशाब बंद, खून की उल्टियां और फिर किडनी फेल।
कैलाश ने बेटे को बचाने के लिए तीन एकड़ जमीन ₹4.5 लाख में गिरवी रख दी और इलाज पर करीब ₹5 लाख खर्च कर दिए।
लेकिन 8 सितंबर को भोपाल के हमीदिया अस्पताल में कबीर ने दम तोड़ दिया।
कैलाश कहते हैं—

“इस Coldrif सिरप ने मेरा बच्चा भी छीना और जमीन भी। डॉक्टर ने 20 हजार रुपए लिए, पर मौत दे दी। सरकार मेरी जमीन छुड़वाए और दवा कंपनी पर कार्रवाई करे।”

ढाई साल के गर्मित की भी मौत, मां बोली– “रिपोर्टें भी कब्र में दफना दीं”

जामुन बिछुवा गांव के निखलेश धुर्वे ने अपने ढाई साल के बेटे गर्मित को खो दिया।
गर्मित की मां फुलकारी बताती हैं—

“डॉक्टर ने परासिया में दवा दी। अगले दिन बाथरूम करना बंद हो गया। बोरदेही से बैतूल, फिर भोपाल तक इलाज कराया, लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ। बेटे की रिपोर्टें और पर्चियां हमने उसकी कब्र में ही दफना दीं।”

इलाज में 80 हजार से ज्यादा खर्च हुए। अब परिवार कर्ज में डूबा है।
1 अक्टूबर को गर्मित ने गांव में ही दम तोड़ दिया और घर के पीछे की बाड़ी में दफन कर दिया गया।

कलेक्टर बोले – “बैतूल में सिरप का विक्रय नहीं, फिर भी जांच जारी”

बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने कहा कि दोनों बच्चों का इलाज जिले के अस्पतालों में नहीं हुआ।

“कबीर की मौत भोपाल में हुई, जबकि गर्मित का इलाज परासिया में हुआ। मेडिकल टीम की जांच में पाया गया कि बैतूल में Coldrif सिरप का विक्रय नहीं हो रहा है। फिर भी मामले की जांच की जा रही है।”

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।

सवाल अभी बाकी…

क्या Coldrif और Nextro-DS कफ सिरप ही मौत की वजह हैं?

डॉक्टरों की लापरवाही या घटिया दवा—किसकी गलती घातक साबित हुई?

और क्या कैलाश यादव की गिरवी रखी जमीन अब कभी वापस मिल पाएगी?

दो परिवारों के आंसुओं में घुली है न्याय की उम्मीद।
एक ओर सिस्टम की जांचें हैं, दूसरी ओर बर्बाद किसान पिता—जो अब अपने बच्चों की यादों और अधूरी जमीन के कागजों के सहारे जी रहे हैं।

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