कब्र से निकला ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ का सच बैतूल के दो मासूमों की मौत के बाद तीसरा बच्चा जिंदगी की जंग में, ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ का सच रगों में घोला ‘जहर’:
By,वामन पोटे
कब्र से निकला ‘कोल्ड्रिफ सिरप’ का सच
बैतूल के दो मासूमों की मौत के बाद तीसरा बच्चा जिंदगी की जंग में,
‘कोल्ड्रिफ सिरप’ का सच
रगों में घोला ‘जहर’:
बैतूल 7 अक्टूबर।।
बैतूल जिले में बच्चों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा। आमला ब्लॉक के जामुनबिछवा गांव के गर्मित उर्फ निहाल और कबीर यादव की संदिग्ध मौत के बाद अब टीकाबर्री गांव का साढ़े तीन साल का हर्ष यदुवंशी भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। हर्ष की दोनों किडनी फेल हो चुकी हैं। वह नागपुर के न्यू हेल्थ हॉस्पिटल में वेंटिलेटर पर भर्ती है।
हर्ष के चाचा श्याम यदुवंशी के अनुसार, करीब एक माह पहले परासिया के डॉ. प्रवीण सोनी से सर्दी-खांसी के इलाज के लिए दिखाया गया था। डॉक्टर ने दवा और एक कोल्ड्रिफ सिरप लिखी थी। सिरप पीने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ती गई। तीन दिन बाद दोबारा डॉक्टर को दिखाया गया तो उन्होंने किसी और चिकित्सक के पास ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार ने डॉ. अमित ठाकुर को दिखाया, लेकिन सुधार नहीं हुआ। हालत गंभीर होने पर 1 अक्टूबर को नागपुर के अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्चे की दोनों किडनी ने काम करना बंद कर दिया है।
इसी बीच, जामुनबिछवा गांव में गर्मित उर्फ निहाल धुर्वे की मौत के बाद चौंकाने वाला सच सामने आया। सोमवार को कब्र की सफाई के दौरान पिता निखिलेश धुर्वे को कब्र में दफनाया गया डॉक्टर का पर्चा मिला, जिसमें साफ-साफ “कोल्ड्रिफ सिरप” लिखा था। निखिलेश ने यह पर्चा एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया और सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े को सौंप दिया।
परिवार का कहना है कि निहाल की बहन का इलाज भी उसी डॉक्टर ने किया था, लेकिन उसे कोल्ड्रिफ नहीं दी गई — शायद इसी वजह से वह बच गई। परिजनों की बातों से यह भी स्पष्ट हुआ कि डॉक्टर ने दोनों बच्चों का इलाज एक ही दवा से किया था।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पर, सर्वे शुरू
घटनाओं की श्रृंखला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। सीएमएचओ डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि प्रभावित गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया गया है। विभाग यह पता लगा रहा है कि कहीं और भी बच्चों को यही दवा तो नहीं दी गई। उन्होंने कहा —
“हमने परिजनों के बयान दर्ज किए हैं। जांच दल गांव-गांव जाकर जानकारी ले रहा है। मामला गंभीर है, रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है।”
एसडीएम शैलेंद्र बडोनिया ने भी पुष्टि की कि परिजनों ने डॉक्टर का पर्चा सौंपा है। जांच दल में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर, दवा निरीक्षक और स्वास्थ्य कर्मियों को शामिल किया गया है।
जांच का दायरा बढ़ा, डॉक्टर पर सवाल
स्वास्थ्य विभाग ने अब डॉ. प्रवीण सोनी और डॉ. अमित ठाकुर दोनों से इलाज से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी है। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि मरीजों को दिया गया सिरप किस कंपनी का था और उसकी खेप कहां से आई थी।
कब्र से मिला सबूत बना सबक
जामुनबिछवा गांव में निहाल की कब्र से निकला एक पर्चा अब पूरे जिले के लिए चेतावनी बन गया है। आदिवासी परंपरा के तहत परिजनों ने दवा, खिलौने और कपड़े के साथ डॉक्टर की पर्ची भी कब्र में रख दी थी। जब कब्र की सफाई हुई, तो वही पर्चा सब कुछ उजागर कर गया।
दो मासूमों की जान जा चुकी है, तीसरा बच्चा जिंदगी के लिए जंग लड़ रहा है।
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