“पत्रकारिता का सितारा हुआ विलीन”
वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम मालवीय को भावभीनी श्रद्धांजलि
बैतूल12 नवंबर।। घोड़ाडोंगरी ने अपनी पत्रकारिता का एक उज्ज्वल सितारा खो दिया है। वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम मालवीय का निधन पत्रकारिता, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति है। वर्ष 1986 में घोड़ाडोंगरी से पत्रकारिता की शुरुआत करने वाले मालवीय ने तीन दशकों से अधिक समय तक अपनी निष्पक्ष और सशक्त लेखनी से समाज को दिशा दी।
उन्होंने दैनिक भास्कर, लोकमत समाचार, नवभारत, देशबंधु, नवदुनिया जैसे प्रमुख हिंदी दैनिकों के साथ-साथ हिंदुस्तान टाइम्स और द हितवाद जैसे अंग्रेजी अखबारों में भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उन्होंने प्रिंट मीडिया को नई ऊंचाई दी।
संवेदनशील पत्रकार होने के साथ वे एक जागरूक किसान और समाजसेवी भी थे। आम जनता की समस्याओं को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाकर उन्होंने अनेक समाधान कराए। राजनीतिक क्षेत्र में भी उनका विशेष योगदान रहा। उन्होंने विनोद डागा, गुफरान आजम और पूर्व विधायक मीरा उईके जैसे नेताओं के साथ कार्य किया।
कलचुरी कलार समाज की प्रथम जिला कार्यकारिणी में जिला प्रचारक के रूप में उन्होंने समाज उत्थान में योगदान दिया। वैद्य बाबूलाल की जड़ी-बूटी के प्रचार से उन्होंने जन स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाई और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर लेख लिखकर शासन का ध्यान आकर्षित किया।
सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति राधेश्याम मालवीय ने अपने चार पुत्रों और एक पुत्री का पालन-पोषण निष्ठा से किया। 6 नवंबर को सड़क हादसे में घायल होने के बाद उन्होंने नागपुर में अंतिम सांस ली। अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब उनके प्रति सम्मान का प्रतीक बना। उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसेवा की विरासत सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
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