भालू के हमले से पिता की जान बचाने में बेटे ने दिखाई बहादुरी: आधे घंटे तक लड़ा संघर्ष, दोनों गंभीर रूप से घायल
By, वामन पोटे
भालू के हमले से पिता की जान बचाने में बेटे ने दिखाई बहादुरी: आधे घंटे तक लड़ा संघर्ष, दोनों गंभीर रूप से घायल
बैतूल14 नवंबर ।। बैतूल जिले के भैंसदेही थाना क्षेत्र के ग्राम सालईढाना में बुधवार शाम खेत में मक्का तोड़ रहे पिता-पुत्र पर दो भालुओं ने हमला कर दिया। बेटे ने हिम्मत और साहस दिखाते हुए करीब आधे घंटे तक अकेले संघर्ष कर पिता की जान बचाई। इस संघर्ष में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और जिला अस्पताल में भर्ती हैं।
घटना बुधवार शाम करीब छह बजे की है। सालेईढाना निवासी कालिया मावसकर (45) अपने खेत में मक्का तोड़ रहे थे। तभी पास के जंगल से एक मादा भालू अपने बच्चे के साथ खेत में आ गई और अचानक कालिया पर हमला कर दिया। भालू के हमले से कालिया जमीन पर गिर पड़े। पास ही काम कर रहे उनके बेटे प्रदीप माओसकर (21) ने यह देखा तो वह तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचा और लकड़ी उठाकर भालू पर हमला कर दिया।
पिता को बचाने के प्रयास में दोनों भालुओं ने प्रदीप पर भी हमला कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार, प्रदीप और भालुओं के बीच करीब 30 मिनट तक संघर्ष चला। प्रदीप ने हार नहीं मानी और अंततः भालुओं को पीछे हटने पर मजबूर कर पिता को बचा लिया। हमले में कालिया की कमर के नीचे गहरे घाव आए हैं, जबकि प्रदीप के शरीर में कई जगह पंजों के निशान और सूजन है।
दोनों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान मौके पर पहुंचे और दोनों को भालुओं से अलग किया। उन्हें तत्काल भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया।
घटना की जानकारी पर वन विभाग का दल भी अस्पताल पहुंचा और घटनास्थल का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि हमला मादा भालू ने अपने बच्चे की सुरक्षा में किया प्रतीत होता है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। वन विभाग ने ग्रामीणों को शाम के समय खेतों या जंगल की ओर अकेले न जाने की सलाह दी है।
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