एक करोड़ की संवेदना: पीएमयूएम शिक्षक संघ बना दिवंगत शिक्षकों के परिवारों का सहारा
बैतूल। संवेदनशीलता, एकता और मानवीय मूल्यों की अद्भुत मिसाल पेश करते हुए पीएमयूएम शिक्षक संघ ने महज तीन सहयोग अभियानों के माध्यम से एक करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता जुटाकर प्रदेश में इतिहास रच दिया है। यह सहयोग उन शिक्षकों के परिवारों के लिए संबल बना है, जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया और कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे थे। संघ की इस पहल ने न केवल आर्थिक मदद दी, बल्कि पीड़ित परिवारों को यह एहसास भी कराया कि पूरा शिक्षक समाज उनके साथ खड़ा है।
जिला प्रभारी कृष्णा देशमुख और जिला अध्यक्ष रितेश राठौर ने बताया कि संगठन की यह पहल दिवंगत सदस्यों के परिजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। आज यह अभियान संवेदनशीलता और संगठनात्मक एकता का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब कोई शिक्षक असमय इस दुनिया को छोड़ता है, तो उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है। ऐसे समय में संघ द्वारा दिया गया सहयोग परिवार को न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक सहारा भी प्रदान करता है।
संघ की शुरुआत टीकमगढ़ जिले से एक छोटे से प्रयास के रूप में हुई थी, लेकिन आज यह मध्यप्रदेश के 55 जिलों में सक्रिय होकर 90 हजार से अधिक सदस्यों का विशाल परिवार बन चुका है। यह विस्तार संगठन की विश्वसनीयता, समर्पण और शिक्षकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
तीन प्रमुख सहयोग अभियानों में स्वर्गीय दिलीप सिंह लोधी (दमोह) के परिजनों को लगभग 40 लाख रुपये, स्वर्गीय राकेश अहिरवार (दतिया/निवाड़ी) के परिजनों को लगभग 38 लाख रुपये तथा स्वर्गीय किशुन प्रसाद लाड़िया (दमोह) के परिजनों को लगभग 22 लाख रुपये की सहायता प्रदान की गई है। किशुन प्रसाद लाड़िया के लिए सहयोग अभियान अभी 20 फरवरी तक जारी है, जिससे सहायता राशि में और वृद्धि की संभावना है।
इस मानवीय पहल के पीछे संस्थापक सतीश खरे की संवेदनशील सोच प्रमुख आधार रही है। उनका कहना है कि एक करोड़ रुपये की सहायता कोई अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि सेवा की एक लंबी यात्रा की शुरुआत है। सह-संस्थापक ब्रजेश असाटी की दूरदर्शिता और सह-संस्थापक मुरली मनोहर अरजरिया की सृजनात्मक सोच ने इस संगठन को मजबूत आधार प्रदान किया है।
प्रदेशभर के जिला और ब्लॉक पदाधिकारी, आईटी सेल, प्रांतीय एवं संभागीय नेतृत्व तथा मातृ शक्ति की प्रेरणा से यह संगठन निरंतर आगे बढ़ रहा है। बैतूल जिले में जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार पठाड़े और भोजराव गुजरे, जिला संगठन मंत्री अनिल कापसे सहित कई पदाधिकारी संगठन के प्रचार-प्रसार और कर्मचारी कल्याण कोष को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
पीएमयूएम शिक्षक संघ की यह पहल न केवल आर्थिक सहयोग का उदाहरण है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि जब पूरा समाज एकजुट होता है, तो दुख की घड़ी में भी आशा की नई किरण जगाई जा सकती है।
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