जीतू पटवारी का आरोप: ट्रेड डील से किसानों को भारी नुकसान, कपास के दाम 3 हजार गिरे ट्रेड डील पर सियासत तेज, किसानों के नुकसान का आरोप
By,वामन पोटे
जीतू पटवारी का आरोप: ट्रेड डील से किसानों को भारी नुकसान, कपास के दाम 3 हजार गिरे
ट्रेड डील पर सियासत तेज, किसानों के नुकसान का आरोप
भोपाल /बैतूल 21 फरवरी।।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर मध्यप्रदेश में सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस डील से मध्यप्रदेश के किसानों को भारी नुकसान होगा और प्रदेश की प्रमुख फसलों के दामों पर इसका सीधा असर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि डील की घोषणा होते ही कपास के दाम करीब 3 हजार रुपए तक गिर गए, जिससे किसानों को आर्थिक झटका लगा है।
शनिवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश सोयाबीन, मक्का और कपास उत्पादन में अग्रणी रहा है, लेकिन इस ट्रेड डील के बाद इन तीनों फसलों पर संकट गहरा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका से बड़े पैमाने पर सोयाबीन और उससे बने उत्पाद भारत में आएंगे तो प्रदेश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पाएगा। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि इस स्थिति में किसानों को “जहर पीने जैसी नौबत” आ सकती है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण विदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे देश के किसानों की प्रतिस्पर्धा कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद पहली बार कृषि क्षेत्र विदेशी प्रभाव में आने की स्थिति में है। उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को चुनौती देते हुए कहा कि यदि प्रदेश में एक भी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर बिक रही हो तो सरकार सार्वजनिक रूप से जानकारी दे।
पटवारी ने दावा किया कि प्रदेश में सोयाबीन, मक्का और कपास—तीनों प्रमुख फसलों का उत्पादन और मूल्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि कपास की कीमतों में हाल ही में लगभग 3 हजार रुपए की गिरावट आई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका में किसानों को बड़ी मात्रा में सब्सिडी दी जाती है, जबकि भारत में किसानों को सीमित आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे प्रतिस्पर्धा असमान हो जाती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई तो कांग्रेस आंदोलन करेगी और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा। पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश का किसान जागरूक है और अपने अधिकारों के लिए चुप नहीं बैठेगा।
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