सापना लेक व्यू रिसोर्ट में सुरों की शाम और पर्यटन की नई उड़ान: चंदनदास की गजल से सजी ऐतिहासिक शुरुआत
By,वामन पोटे
सापना लेक व्यू रिसोर्ट में सुरों की शाम और पर्यटन की नई उड़ान: चंदनदास की गजल से सजी ऐतिहासिक शुरुआत

बैतूल 24 फरवरी।। सतपुड़ा की वादियों और सापना जलाशय के शांत किनारों पर रविवार की शाम संगीत, भावनाओं और पर्यटन संभावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। सापना लेक व्यू रिसोर्ट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित विशेष सांस्कृतिक संध्या में मशहूर गजल गायक चंदनदास ने अपनी मखमली आवाज से ऐसा समां बांधा कि श्रोता देर तक सुरों के जादू में डूबे रहे।
70 वर्ष की आयु में भी चंदनदास की आवाज की खनक और गहराई ने यह साबित कर दिया कि सच्ची साधना उम्र की सीमाओं से परे होती है। जैसे ही उन्होंने पहला शेर छेड़ा, माहौल पूरी तरह भावनात्मक हो उठा। “कभी तो याद करोगे”, “ना जी भर के देखा” और “कभी तो ख्वाब में आओ” जैसी गजलों की प्रस्तुति ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। कई श्रोता भावुक होकर अपने जज्बातों में खो गए।
कार्यक्रम के बाद बातचीत में चंदनदास ने कहा, “गजल सिर्फ गीत नहीं, दिल का एहसास है। इंसान के भीतर जब तक भावनाएं जिंदा हैं, गजल की प्रासंगिकता बनी रहेगी।” उन्होंने अपनी आवाज की स्फूर्ति का श्रेय नियमित प्राणायाम, अनुशासन और संयमित जीवनशैली को दिया। उन्होंने बताया कि संगीत की शुरुआती शिक्षा उन्हें परिवार से मिली और गुरु मूसा खां से उन्होंने शास्त्रीय संगीत की गहराई सीखी।
पर्यटन को मिलेगी नई पहचान: सापना लेक व्यू रिसोर्ट का भव्य शुभारंभ
सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ ही सापना जलाशय के किनारे निर्मित सापना लेक व्यू रिसोर्ट का भव्य शुभारंभ भी गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे इस आधुनिक रिसोर्ट से बैतूल जिले के पर्यटन को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके, प्रभारी मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, पूर्व केंद्रीय मंत्री फग्गनसिंह कुलस्ते और राज्यसभा सांसद सुमित्रा बाल्मीकि सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अतिथियों ने रिसोर्ट परिसर का अवलोकन किया और इसे बैतूल के पर्यटन विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सापना जलाशय के किनारे बना यह रिसोर्ट न केवल पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित करेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने इसे परिवार के साथ समय बिताने के लिए आदर्श स्थान बताया।
रिसोर्ट संचालक अतुल शुक्ला और श्रद्धा शुक्ला ने बताया कि यहां जल पर्यटन, प्राकृतिक भ्रमण और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। शांत वातावरण, हरियाली और जलाशय का आकर्षक दृश्य पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इस अवसर पर संगीत और पर्यटन का यह संगम बैतूल के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। एक ओर चंदनदास की गजल ने शाम को यादगार बना दिया, वहीं दूसरी ओर सापना लेक व्यू रिसोर्ट ने जिले के पर्यटन विकास की नई संभावनाओं के द्वार खोल दिए। यह पहल आने वाले समय में बैतूल को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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