होली की रात मातम में बदली: खड़ी क्रेन से टकराई कार, बैतूल के तीन युवकों की दर्दनाक मौत
बैतूल 3 मार्च ।।रंगों और खुशियों का त्योहार होली इस बार बैतूल शहर के तीन परिवारों के लिए गहरे शोक में बदल गया। सोमवार देर रात तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़ी क्रेन से जा भिड़ी, जिससे तीन युवकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है।
यह भीषण दुर्घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के इटारसी रोड स्थित बसंत पेट्रोल पंप के पास करीब रात तीन बजे हुई। बताया जा रहा है कि कार क्रमांक MP04-YP3795 में पांच दोस्त सवार थे। सभी होली की रात साथ में खाना खाने के बाद लौट रहे थे। रास्ते में अचानक कार अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़ी क्रेन (MH18-BC9763) से जा टकराई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और आगे का हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। कार में सवार युवक बुरी तरह फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। युवकों को बाहर निकालने के लिए कार के दरवाजे और शीशे तोड़ने पड़े। दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में गर्ग कॉलोनी निवासी 30 वर्षीय ऋतिक सोलंकी, रामनगर के 21 वर्षीय विनय प्रजापति और 22 वर्षीय अभय ठाकुर शामिल हैं। तीनों के घरों में होली की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन सुबह होते-होते खुशियां चीख-पुकार में बदल गईं। जैसे ही हादसे की खबर परिजनों तक पहुंची, अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया।
इस दुर्घटना में गंज निवासी 32 वर्षीय देवा पांडे और रामनगर के 30 वर्षीय आकाश पाल गंभीर रूप से घायल हुए हैं। दोनों का जिला अस्पताल में उपचार जारी है। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन वे अभी भी निगरानी में हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कार चालक ने नियंत्रण कैसे खोया और क्रेन सड़क किनारे किस स्थिति में खड़ी थी।
होली की रात जहां पूरा शहर रंगों में सराबोर था, वहीं तीन घरों में मातम पसरा रहा। जिन हाथों में गुलाल होना था, वे अब अपनों की अर्थी को कंधा देने के लिए मजबूर हैं। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के खतरों की याद दिला दी है।
शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल बैतूल शोक में डूबा है और हर जुबान पर यही सवाल है—क्या थोड़ी सी सावधानी इन जिंदगियों को बचा सकती थी?
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