बैतूल में शराब ठेकों की नीलामी में नया समीकरण: कोठीबाजार ग्रुप वैष्णवी ट्रेडर्स को, चौथे चरण के लिए 8 नए ग्रुप बनाए गए
By,वामन पोटे
बैतूल में शराब ठेकों की नीलामी में नया समीकरण: कोठीबाजार ग्रुप वैष्णवी ट्रेडर्स को, चौथे चरण के लिए 8 नए ग्रुप बनाए गए

बैतूल 16 मार्च।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शराब दुकानों की नीलामी प्रक्रिया में नए समीकरण उभरते नजर आ रहे हैं। तीसरे चरण की टेंडर प्रक्रिया में शहर के कोठीबाजार ग्रुप का ठेका वैष्णवी ट्रेडर्स को मिलने के साथ ही जिले में दूसरे बड़े ठेकेदार की एंट्री हो गई है। इससे पहले प्रताप वार्ड ग्रुप का ठेका स्मोकिन लीकर को मिला था। अब शहर में दो अलग-अलग कंपनियों के हाथों में शराब कारोबार की कमान जाती दिख रही है, जबकि गंज ग्रुप का ठेका अभी भी अनसोल्ड है।
जिले में संचालित 61 शराब दुकानों के लिए राज्य सरकार द्वारा चरणबद्ध तरीके से नीलामी की प्रक्रिया जारी है। तीसरे चरण में शनिवार को पांच ग्रुपों के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए थे। हालांकि इनमें से सिर्फ कोठीबाजार ग्रुप के लिए ही दो टेंडर प्राप्त हुए, जबकि गंज, बगडोना, भैंसदेही और आमला ग्रुप के लिए कोई भी बोली नहीं आई।
कोठीबाजार ग्रुप के लिए वैष्णवी ट्रेडर्स और रवि मालवीय की ओर से टेंडर दाखिल किए गए थे। अंततः वैष्णवी ट्रेडर्स ने ऑफसेट प्राइस से लगभग 1 करोड़ 45 लाख रुपये अधिक बोली लगाते हुए यह ग्रुप अपने नाम कर लिया। इस ग्रुप की ऑफसेट प्राइस 22 करोड़ 65 लाख रुपये निर्धारित की गई थी, जबकि अंतिम बोली 24 करोड़ 10 लाख रुपये तक पहुंची।
जिले में शराब ठेकों की नीलामी के दौरान कई प्रमुख ग्रुपों में टेंडर नहीं आने से आबकारी विभाग को रणनीति में बदलाव करना पड़ा है। पहले दो चरणों में नौ ग्रुपों के ठेके होने के बाद शेष बचे छह ग्रुपों को पुनर्गठित कर पांच ग्रुपों में शामिल करते हुए तीसरे चरण में नीलामी कराई गई थी। इसके बावजूद केवल एक ही ग्रुप की नीलामी हो पाई।
इसके बाद विभाग ने अनसोल्ड रहे ग्रुपों को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित करने का निर्णय लिया है। बगडोना, बैतूल गंज, भैंसदेही और आमला ग्रुपों को दो-दो हिस्सों में बांटकर कुल आठ नए ग्रुप बनाए गए हैं, जिनके लिए चौथे चरण में टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
नए पुनर्गठित ग्रुपों में बैतूल गंज ग्रुप को दो हिस्सों—बैतूल गंज और बैतूल बाजार—में बांटा गया है। बैतूल गंज ग्रुप में गंज क्षेत्र की दोनों शराब दुकानें शामिल की गई हैं, जिनकी ऑफसेट प्राइस 22 करोड़ 96 लाख 54 हजार 800 रुपये तय की गई है। वहीं बैतूल बाजार ग्रुप में बैतूल बाजार क्षेत्र की दो दुकानें शामिल हैं, जिनकी ऑफसेट प्राइस लगभग 14.84 करोड़ रुपये रखी गई है।
इसी तरह बगडोना ग्रुप को भी दो अलग समूहों में विभाजित किया गया है। बगडोना ग्रुप में सारनी की दोनों दुकानों के साथ बगडोना दुकान को शामिल किया गया है, जिसका ऑफसेट मूल्य लगभग 23.28 करोड़ रुपये तय किया गया है। वहीं शोभापुर को अलग ग्रुप बनाकर उसमें शोभापुर तिगड्डा और पाथाखेड़ा की दुकानें शामिल की गई हैं। इस ग्रुप का ऑफसेट प्राइस लगभग 9.25 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है।
भैंसदेही ग्रुप को भी दो हिस्सों में बांटा गया है। भैंसदेही ग्रुप में भैंसदेही की दोनों दुकानों के साथ गुदगांव की शराब दुकान शामिल की गई है, जिसकी ऑफसेट प्राइस लगभग 14.51 करोड़ रुपये तय की गई है। वहीं खेड़ी सांवलीगढ़ ग्रुप में झल्लार, खेड़ी सांवलीगढ़ और भड़ूस की दुकानें शामिल की गई हैं। इस ग्रुप का ऑफसेट प्राइस करीब 10.22 करोड़ रुपये रखा गया है।
आमला ग्रुप को भी दो भागों—आमला एक और आमला दो—में विभाजित किया गया है। आमला एक ग्रुप में आमला क्रमांक एक और बोड़खी दुकान को शामिल किया गया है, जिसकी ऑफसेट प्राइस 11.61 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। वहीं आमला दो ग्रुप में आमला क्रमांक दो और जंबाड़ा दुकान शामिल हैं, जिनका ऑफसेट प्राइस लगभग 5.21 करोड़ रुपये तय किया गया है।
आबकारी विभाग के अनुसार चौथे चरण की टेंडर प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो गई है। इच्छुक आवेदक 17 मार्च को दोपहर चार बजे तक ऑनलाइन टेंडर प्रपत्र डाउनलोड कर अपने ऑफर जमा कर सकेंगे। इसके बाद 17 मार्च को शाम 4.05 बजे ई-टेंडर कम ऑक्शन प्रपत्र खोले जाएंगे और शाम 5.30 बजे से ऑनलाइन ऑक्शन प्रक्रिया शुरू होगी।
जिले में कई प्रमुख ग्रुपों के लिए लगातार टेंडर नहीं आने से यह चर्चा भी तेज हो गई है कि पुराने शराब ठेकेदारों का बैतूल से मोहभंग हो रहा है। वहीं दूसरी ओर नए ठेकेदारों की एंट्री से शराब कारोबार में नए समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।
अब नजर चौथे चरण की नीलामी पर टिकी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नए बनाए गए छोटे ग्रुपों में कितने ठेकेदार रुचि दिखाते हैं और जिले की शराब दुकानों का संचालन किसके हाथों में जाता है। नए ठेकेदारों की एंट्री से बाजार में क्या बदलाव आता है, इसका वास्तविक असर आगामी वित्तीय वर्ष की शुरुआत यानी एक अप्रैल के बाद ही साफ तौर पर सामने आएगा।
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