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मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार दिलाने वाला प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

By,वामन पोटे

मध्यप्रदेश सबसे तेज गति से रोजगार दिलाने वाला प्रदेश: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
हरदा (मप्र) 19 मार्च ।। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार प्रदेश को देश का सबसे तेज गति से रोजगार उपलब्ध कराने वाला प्रदेश बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है और इस दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग, विशेषकर किसानों और युवाओं के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री हरदा जिले में आयोजित राज्य स्तरीय कृषि आधारित कौशल विकास एवं कस्टम हायरिंग पर केंद्रित किसान सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 199.79 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विकास कार्यों का लोकार्पण किया तथा 32.48 करोड़ रुपये की लागत के नए कार्यों का भूमि पूजन भी किया। साथ ही विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को लाभ वितरित किया गया।
डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों को बढ़ावा देने के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं और अनुदान व्यवस्थाओं के माध्यम से किसानों को सशक्त बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के परिणामस्वरूप मध्यप्रदेश कृषि विकास के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि हरदा जिले में स्थापित शहीद दीप सिंह चौहान उद्वहन सिंचाई परियोजना से टेल क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य हर खेत तक पानी पहुंचाना है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2003 में जहां ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की भारी कमी थी, वहीं आज गांव-गांव में चौबीस घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य प्रदान करने की दिशा में भी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और आने वाले वर्षों में गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
डॉ. यादव ने बताया कि उड़द पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस दिया जाएगा। इसके अलावा गौशालाओं में गायों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली अनुदान राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसान गौशालाओं को भूसा उपलब्ध कराते हैं, तो उन्हें भूसा बनाने की मशीन सहित अन्य आवश्यक संसाधनों की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ‘हर हाथ को काम और हर खेत को पानी’ की संकल्पना के साथ कार्य कर रही है। नदी जोड़ो अभियान के तहत मध्यप्रदेश के राजस्थान सीमा से सटे 13 जिलों में सिंचाई की व्यापक व्यवस्था की जा रही है, जिससे लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2003 में प्रदेश में केवल 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध थी, जिसे बीते 20 वर्षों में बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया गया है। आगामी पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर लगभग 100 लाख हेक्टेयर तक करने का लक्ष्य रखा गया है।
कृषि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के बच्चों को उन्नत शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए कृषि महाविद्यालयों के साथ-साथ विश्वविद्यालयों में भी बीएससी कृषि पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जिससे युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी मिल सके।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कस्टम हायरिंग के माध्यम से लगाए गए कृषि उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और अधिकारियों से उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली। उन्होंने स्वचलित मल्टी टूल बार का संचालन भी किया और इसे सीमांत किसानों के लिए उपयोगी बताया।
इस अवसर पर उन्होंने किसान कल्याण वर्ष के तहत कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार और नरवाई प्रबंधन के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राज्य सेवा परीक्षा 2023 में चयनित 75 सहकारी निरीक्षकों एवं सहकारी विस्तार अधिकारियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित किए गए। मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से कुछ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।
इसके अलावा मिशन कोड शक्ति के अंतर्गत कोडिंग दक्षता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री, जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

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