Madhya Pradesh Latest News

राहुल बोले-आदिवासी देश के असली मालिक:कहा-वनवासी कहने पर माफी मांगे बीजेपी

By, बैतूल वार्ता

राहुल बोले-आदिवासी देश के असली मालिक:कहा-वनवासी कहने पर माफी मांगे बीजेपी

खंडवा  ।।

एमपी में भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन राहुल गांधी आदिवासी जननायक टंट्या मामा की जन्मस्थली पर पहुंचे। राहुल गांधी ने यहां एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आदिवासी इस देश के असली मालिक हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने आदिवासियों को वनवासी कहा, इसके पीछे उनकी दूसरी सोच है। इसके लिए बीजेपी आदिवासियों से माफी मांगे।

राहुल गांधी ने कहा कि अंग्रेजों ने टंट्या मामा को फांसी पर चढ़ाया और आरएसएस की विचारधारा ने अंग्रेजों की मदद की। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि आदिवासियों पर सबसे ज्यादा अत्याचार मध्यप्रदेश में हो रहे हैं। ऐसा प्रदेश हमें नहीं चाहिए, हमें आदिवासियों को इज्जत और रक्षा देने वाला प्रदेश चाहिए।

राहुल गांधी टंट्या मामा की जन्मस्थली पर 15 मिनट बोले

‘जैसा कि कमलनाथ जी ने कहा-हमारे लिए टंट्या मामा एक चिन्ह हैं। एक सोच हैं। एक व्यक्ति जरूर थे। एक विचारधारा भी हैं। उनकी सोच और विचारधारा के कारण मैं आज यहां आया हूं। मैं आज उनके बारे में पढ़ रहा था। मैंने देखा कि वो 26 जनवरी को पैदा हुए थे। वही दिन है, जब हमारा देश पैदा हुआ। गणतंत्र दिवस का दिन, टंट्या मामा का जन्मदिवस है।

कुछ दिन पहले महाराष्ट्र में एक भाषण किया। उसमें आदिवासी शब्द के बारे में बोला। आदिवासी का मतलब जो हिंदुस्तान में सबसे पहले रहते थे। मतलब- जब इस देश में कोई नहीं था, तब भी आप लोग इस देश में रहते थे। अगर आप आदिवासी हो, अगर आप यहां सबसे पहले रहते थे, तो यह हक बनता है कि आप इस देश के मालिक हैं।

ये जो शब्द होते हैं, बहुत चीजें छुपा और दिखा भी सकते हैं। टंट्या मामा के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले कौन सा शब्द आता है। आदिवासी, संघर्ष, निडरता, क्रांतिकारी ये शब्द आते हैं। जब वो अंग्रेजों के सामने फांसी पर चढ़ रहे थे, तो आपको क्या लगता है, डर था या नहीं। सवाल ही नहीं उठता। तो आपको क्या लगता है, उनके दिल में डर क्यों नहीं था। उनके दिल में डर इसलिए नहीं था कि जो आपके लिए प्यार था, वो मिटा दिया था। जब हम उनके बारे में सोचते हैं तो निडर, प्रेम ये शब्द आते हैं।

कुछ दिन पहले मोदी का भाषण सुना। उसमें उन्होंने एक नया शब्द यूज किया- वनवासी। इस शब्द के पीछे उनकी दूसरी सोच है। आदिवासी के पीछे सोच है कि इस देश के पहले मालिक आप हो। इसका मतलब-आपकी जमीन, जंगल और जल पर आपका हक होना चाहिए। मगर वहां रुकना नहीं है। आप असली मालिक हो तो आपको और आपके बच्चों को अधिकार मिलना चाहिए। अगर आपका बच्चा इंजीनियर बनने का सपना देखे तो सरकार को पूरी मदद करनी चाहिए।

अगर आपका बेटी डॉक्टर-इंजीनियर बनना चाहे तो उसकी पूरी मदद मिलनी चाहिए। क्योंकि आप उसके हकदार हो। आप उसके मालिक हो। सबसे पहले आपका काम होना चाहिए। मलतब जंगल तो आपका है, लेकिन जंगल के बाहर भी अधिकार मिलना चाहिए। जब बीजेपी की सरकारें स्कूल और कॉलेज को प्रायवेटाइज कर देती है। उद्वोगपतियों के हवाले कर देती हैं तो आपके बच्चे शिक्षा नहीं पा पाते। आपके परिवारों को जब अस्पताल की जरूरत होती है तो वहां नहीं जा पाते। बीजेपी पब्लिक सेक्टर को बंद करती है। रेलवे, बीएचईएल को प्रायवेटाइज करने का काम करती है तो सीधा आदिवासियों को चोट बांटती है।

आपसे मैं पूछता हूं, नोटबंदी से आपको फायदा हुआ या नुकसान। जीएससी, नोटबंदी और कोरोना के समय जो सरकार ने किया, दलितों को आदिवासियों, मजदूरों को, पिछड़ों को, किसानों को उन्होंने चोट मारी। मैं भाषण में कहता हूं यह पॉलिसी नहीं थी, हथियार है। मोदी जी एक शब्द लाएं वनवासी। इसका मलतब यह है आप पहले मालिक नहीं हो, आप सिर्फ जंगल में रहते हो। दूसरा मतलब- जंगल के बाहर आपको कोई अधिकार नहीं मिलना चाहिए। तीसरा मतलब- जो आपको दिख रहा है, बीजेपी की सरकारें जंगल काटे जा रही है।

तीसरा मतलब यह है कि जब इस देश से जंगल खत्म हो जाएंगे तो आपके लिए इस देश में जगह नहीं बचेगी। हम आपको यह शब्द क्यों बताएं। हम आदिवासी कहते हैं तो हम आपको मानते हैं आप देश के पहले मालिक हो। वो वनवासी कहते हैं, क्योंकि वो आपके सारे अधिकार को छीनना चाहते हैं। ये जो बीजेपी के लोगों ने आपका अपमान किया है। ये जो वनवासी शब्द उपयोग किया है, उसके लिए आपसे माफी मांगे। हाथ जोड़कर हिंदुस्तान के आदिवासियों से माफी मांगें।

माफी मांगने के बाद जो ये आपसे जंगल छीनते है, जो पेसा कानून लाए, जमीन अधिग्रहण बिल लाए, फॉरेस्ट राइट एक्ट लाए, इन तीन कानूनों को जो कमजोर करते हैं और आपकी जो जमीन है, आपसे छीनते हैं, आपका जल है, जंगल है, वो आपको वापस देने का काम करें। और अगर ये नहीं करेंगे तो जैसे ही हमारी यहां सरकार आएगी। हम आदिवासी शब्द का प्रयोग करेंगे और जो आपके हक हैं, एक के बाद एक हम आपको देना शुरू कर देंगे। आपके जल, जंगल और जमीन का अधिकार आपको वापस देने का काम शुरू करेंगे।

आप जानते हो कि आदिवासियों के खिलाफ सबसे ज्यादा अत्याचार मध्यप्रदेश में हो रहा है। आदिवासी जानता है कि अगर किसी प्रदेश में आदिवासियों के खिलाफ सबसे ज्यादा अत्याचार होता है तो वह मध्यप्रदेश है। इसका नाम मध्यप्रदेश है। ऐसा प्रदेश हमें नहीं चाहिए, हमें आदिवासियों को इज्जत और रक्षा देने वाला प्रदेश चाहिए। और ये जो वनवासी शब्द है। इसका प्रदेश हमें नहीं चाहिए। आप लोग यहां आए और प्यार से मेरी बात को सुना। इसके लिए धन्यवाद।’

मंच पर कमलनाथ भी मौजूद रहे। उन्होंने भी सभा को संबोधित किया। कमलनाथ ने कहा कि जब भारत जोड़ो यात्रा का कार्यक्रम बन रहा था, तब राहुल गांधी ने कहा था कि मैं टंट्या मामा की जन्मस्थली पर जरूर जाऊंगा। ये केवल उनकी इच्छी नहीं थी, बल्कि उनका निर्देश था।

सबसे खास बात ये रही कि जयस के अध्यक्ष और कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने हीरालाल अलावा भी मंच पर मौजूद रहे।

इससे पहले मध्यप्रदेश में भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे दिन पहले चरण में राहुल गांधी 14 किलोमीटर से ज्यादा चले। राजस्थान के नेता भी राहुल के साथ चल रहे हैं। गुरुवार को यात्रा का आखिरी पड़ाव छैगांव माखन रहेगा। रात्रि विश्राम खरगोन जिले के खेरदा में होगा।

गुरुवार को राहुल के साथ मध्यप्रदेश कांग्रेस के तमाम नेता और उनकी बहन प्रियंका गांधी भी यात्रा में शामिल रही। गुरुवार को यात्रा का 78वां दिन है। प्रियंका पहली बार यात्रा में शामिल हुई हैं। उनके साथ रॉबर्ट वाड्रा और बेटे रेहान वाड्रा भी हैं। कन्हैया कुमार भी यात्रा में साथ हैं। इससे पहले सोनिया गांधी 1 दिन के लिए यात्रा में शामिल हुई थीं। गुरुवार को यात्रा खंडवा के बोरगांव बुजुर्ग से शुरू हुई।

यात्रा 12 दिन में 6 जिलों को नापती हुई 4 दिसंबर को राजस्थान में एंट्री करेगी। राहुल गांधी कल यानी शुक्रवार, 25 नवंबर को शाम 6:30 बजे ओंकारेश्वर में मां नर्मदा की आरती, ओंकारेश्वर के दर्शन और आराधना करेंगे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.