सागौन का सफाया कर रहे तस्कर,वन विभाग का नहीं कोई खौफ
बैतूल।।बैतूल जिले के दक्षिण वन मंडल के ताप्ती रेंज के महुपानी में हुई अवैध कटाई का मामला अभी भी गर्म है यहाँ विभाग के एक नाकेदार ने अवैध कटाई के बाद दो दर्जन से ज्यादा सागौन वृक्षो के ठूठ जेसीबी से खोद कर नदी नालों में दफन कर दिए थे मामले में एक तरफ कटाई की लकड़ी तो विभाग ने बरामद की परन्तु ठूठ खुदाई की लकड़ी बरामद करने में विभाग नाकाम रहा है ।विभाग ने नाकेदार को निलंबित कर मामले की जांच ठंडे बस्ते में डाल दी ।विभागीय सूत्र बताते है कि जहाँ ठूठ खोदे गए उस इलाके में ए टू ग्रेड का सागौन था ।जिसके चलते जिले के दक्षिण वन मंडल में अब वन विभाग की चौकसी पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। वैसे तो विभाग भरपूर निगरानी और सतर्कता बरते जाने के दावे करते नहीं थकता पर हकीकत यह है कि अभी भी तस्कर ना केवल बेरोकटोक जंगल में घुस रहे हैं बल्कि बेशकीमती पेड़ों को जमींदोज कर बेखौफ होकर जंगल में ही चरपटें भी बना रहे हैं।
आश्चर्य इस बात का है कि इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद विभाग के मैदानी अमले को इसकी भनक तक नहीं लग रही। विभाग को इसका पता तब चल रहा जब मुखबिर इसकी सूचना दे रहे। महाराष्ट्र का सीमावर्ती होने से बेहद संवेदनशील इलाकों में शुमार होने के बावजूद जब यहां यह हाल है तो अन्य इलाकों के क्या हाल होंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
कार्यालय वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल (सा.) वनमंडल से मिली जानकारी के अनुसार 26 जुलाई को रात्रि में दक्षिण बैतूल वनमंडल अंतर्गत आठनेर परिक्षेत्र में मुखबीर द्वारा सागौन चरपट की अवैध तस्करी की सूचना के आधार पर वनमंडलाधिकारी दक्षिण बैतूल विजयानन्थम टीआर (IFS) तथा उप वनमंडलाधिकारी आशीष बंसोड, (रावसे) के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी आठनेर अतुल भोयर द्वारा टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा सालबर्डी से बोरपेण्ड मार्ग पर गश्ती के दौरान ग्राम पचमऊ के नजदीक पुलिया के नीचे पाइप में सागौन चरपटों को छुपाकर रखा हुआ पाया गया।
मौका स्थल पर आस-पास अज्ञात आरोपियों की तलाशी की गई, किन्तु कोई नहीं मिला। इसके बाद मौका स्थल से वन अमले ने 42 नग सागौन चरपट 1.327 घन मीटर जप्ती की कार्यवाही की। जप्त काष्ठ का अनुमानित मूल्य 78 हजार 948 आंका गया। मध्यप्रदेश व्यापार विनियमन अधिनियम 1969 के तहत वन अपराध प्रकरण 939 / 76 दिनांक 27/07/2023 पंजीबद्ध किया गया, अज्ञात आरोपियों की तलाश की जा रही है।
जप्ती करने वाली टीम में परिक्षेत्र अधिकारी, आठनेर अतुल भोयर (रावसे), गणेश धंडारे, परिक्षेत्र सहायक सालबर्डी, कामूलाल इवने, वनरक्षक बोरपेण्ड, दीनदयाल खोजी (प्रशिक्षु) बीट सहायक वनरक्षक कोंढर, अजीत कौरव, वनरक्षक उत्तर झुनकारी तथा कमल कसारे वनरक्षक सालबर्डी का विशेष योगदान रहा।
इधर विभाग का दावा है कि वनमंडलाधिकारी दक्षिण विजयानन्थम टीआर के निर्देशन में गश्ती दल द्वारा लगातार सागौन तस्करों की धरपकड़ की जा रही है। वनों के संरक्षण के लिए विभाग द्वारा मुखबिर तंत्र भी मजबूत कर दिया गया है ताकि वन अपराधों पर अंकुश लग सके।