जयस ने शहर मे टटोली स्कूलों की नब्ज,भविष्य संवारने के लिए जोखिम में नौनिहालों की जान, शहर के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों का किया निरीक्षण, कहीं जर्जर छत, तो कहीं रिस रहा बारिश का पानी
By, बैतूल वार्ता
भविष्य संवारने के लिए जोखिम में नौनिहालों की जान
जयस ने शहर के आधा दर्जन से अधिक स्कूलों का किया निरीक्षण, कहीं जर्जर छत, तो कहीं रिस रहा बारिश का पानी
स्कूल शिक्षा विभाग और जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, स्कूलों की स्थिति से नपा अध्यक्ष को कराया अवगत

बैतूल। मध्यप्रदेश में सीएम राइज स्कूल जैसे बड़े प्रोजेक्ट सरकार लांच कर रही है, जिससे सरकारी स्कूलों की व्यवस्थाओं में सुधार का प्रयास किया जा रहा है, पर जो पहले के प्राथमिक शालाएं और स्कूल हैं उनकी हालत बद से बदतर होती जा रही है। हालात यह है की स्कूल के कमरों में पानी टपक रहा है और छतो से सीमेंट के टुकड़े कई बार बच्चो और शिक्षिकाओं के पास गिर चुके है, पर इस गंभीर समस्या पर स्कूल शिक्षा विभाग और जिला मुख्यालय पर बैठे अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे है। जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन जयस युवा प्रकोष्ठ ने जब शहर के आधा दर्शन से अधिक स्कूलों का निरीक्षण किया तो सभी स्कूलों में गंभीर खामियां सामने आई। इन स्कूलों में जान जोखिम में डालकर बच्चे भविष्य संवारने के लिए मजबूर हो रहे हैं।
जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे ने बताया कि उन्होंने जिला मुख्यालय पर स्थित माध्यमिक शाला खंजनपुर, माध्यमिक शाला विनोबा नगर, माध्यमिक शाला कन्या टिकारी, प्रायमरी शाला विवेकानंद वार्ड, प्राथमिक शाला गेंदा चौक सदर, माध्यमिक शाला विकास नगर के स्कूलों में पहुंचकर स्थिति देखी तो सभी शाला के भवन की हालत खराब है। पूरा भवन क्षतिग्रस्त हो रहा है, छत से पानी टपक रहा है,और ऐसी ही स्थिति में बच्चे पढ़ने के लिए मजबूर है, कुछ कमरों की स्थिति तो इतनी खराब है कि उस कक्षा में बच्चों को बैठा ही नहीं सकते। कक्षा का संचालन उक्त रिसावयुक्त कक्षाओं में ही हो रहा है, तथा अध्ययनरत विद्यार्थियों को उन्ही कक्षाओं में बैठकर अध्ययन करने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर खतरा बना हुआ है।
— विभागीय अधिकारी नहीं है गंभीर–
इस मामले में इन स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि अपने उच्च अधिकारियों को सारी स्थिति से अवगत करा चुके हैं, लेकिन कोई भी अधिकारी अभी तक स्कूल की स्थिति देखने तक नहीं आए है। जैसे ही जरा सी बारिश होती है छत से पानी रिसने लगता है। युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे का कहना है कि जब जिला मुख्यालय पर स्कूलों की यह हालत है तो आदिवासी अंचलों की शालाओं की कैसी स्थिति होगी।ऐसे ही जिले मे बहुत से स्कूल है जिनकी स्थिति दयनीय है। जयस युवा प्रकोष्ठ ने मांग की है कि जल्द ही शासन स्तर पर इन स्कूलों का सुधार कार्य किया जाए ताकि भविष्य में कोई अनहोनी ना हो। ज्ञापन सौंपने वालों में जयस युवा प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष सोनू धुर्वे, कल्लू सिंह उइके, सुभाष कास्देकर, शुभम बारस्कर, संजीव धुर्वे, बुद्धू भलावी, कचरू सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल थे।
यह भी पढ़ें