मौलिक अधिकारों पर पाबंदी लगाने के विरोध में किया जा रहा चरणबद्ध आंदोलन बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने अंबेडकर चौक पर दिया धरना
By बैतूल वार्ता (वामन पोटे )
मौलिक अधिकारों पर पाबंदी लगाने के विरोध में किया जा रहा चरणबद्ध आंदोलन
बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा ने अंबेडकर चौक पर दिया धरना
बैतूल। विद्यमान सरकार द्वारा जनता के मौलिक अधिकारों पर पाबंदी लगाने के विरोध में और भारत की मूल संस्कृति एवं सभ्यता को आरएसएस, भाजपा द्वारा कब्जा करने एवं नष्ट करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन किया गया। भीमराव अंबेडकर चौक पर संगठन के पदाधिकारी धरने पर बैठे। इसके बाद राष्ट्रपति के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
मिली जानकारी के अनुसार बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा द्वारा घोषित चरणबद्ध आंदोलन के चौथा चरण 09 सितंबर 2023 को भारत बंद किया जाएगा। पांचवा चरण: 24 सितंबर 2023 को बनारस के जिला अधिकारी कार्यालय पर एक लाख लोगों का मोर्चा, छटा चरण: 27 सितंबर 2023 को मथुरा के जिला अधिकारी कार्यालय पर एक लाख लोगों का मोर्चा, सातवाँ चरण: 26 नवंबर 2023 को बौद्धगया में राष्ट्रीय स्तर की विशाल महारैली निकाली जाएगी।
इन मुद्दों पर कर रहे आंदोलन
ज्ञापन में बताया डीएनए के अनुसार ब्राह्मण विदेशी है इसलिए भारत के किसी भी भूभाग पर विदेशी ब्राह्मणों का कब्जा कैसे जायज हो सकता है? उताह यूनिवर्सिटी के डॉ. माइकल बामशाद के डीएनए रिपोर्ट के आधार पर ब्राह्मण विदेशी सिद्ध हो चुके है। इसके आधार पर ब्राह्मण केवल विदेशी ही सिद्ध नहीं हुए तो ब्राह्मणों ने वर्ण व्यवस्था तथा जातिव्यवस्था क्यों बनाई यह बात भी सिद्ध हुई। भारत के मूलनिवासी लोगों को जो 6247 जातियों में बांटे गए हैं उनका डीएनए समान मिला और मुस्लिम, बौद्ध, सिख, जैन, लिंगायत इनका डीएनए भी भारतीय मिला।
काशी- मथुरा यह बौद्ध स्थल है
ज्ञापन में यह भी बताया 9 जुलाई 2023 को बनारस और 16 जुलाई 2023 को मथुरा में बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा का कार्यक्रम निर्धारित था लेकिन दोनों कार्यक्रमों पर आरएसएस, बीजेपी की सरकार ने रोक लगाई। बनारस की जनसभा के लिए प्रशासन द्वारा अनुमति मिली थी और 09 जुलाई 2023 को रात 01:00am को शान्ति मैरेज लॉन, आशापुर सारनाथ, वाराणसी के मालिक को चरुणा जोन कमिश्नरेट पुलिस उपायुक्त के द्वारा परमिशन निरस्त का लेटर थमा दिया जाता है, जबकि आयोजक को इसकी कोई भी सूचना नहीं दी जाती है। इस तरह उत्तर प्रदेश की योगी सरकार और केन्द्र में बैठी मोदी सरकार जनता के आर्टिकल 19 संविधान में निहित मौलिक अधिकार पर पाबन्दी लगा रहे है।
इस अवसर पर भारतीय युवा मोर्चा के विशाल भूमरकर, बीएमएम के माणिक अतुलकर, बहुजन क्रांति मोर्चा के बी एल मासोदकर, एस आर पाटिल, सी एल खातरकर, अरविंद चौकीकर, अमरसिंह गाडरे, एम पी आठनकर, डी एच मासोदकर, सुरेंद्र भालेकर, सुभाष खातरकर, दुर्गा प्रसाद चौकीकर, भारत मुक्ति मोर्चा जिला अध्यक्ष रामलाल इवने, श्याम चौरासे मजदूर संघ, वंदना मासोदकर, बहुजन मुक्ति पार्टी से शोभा पाटिल , सुखराम निरापुरे, कला गाडरे , राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्गासिंग मर्सकोले, पिरथीलाल भूमरकर, काशीनाथ वाघमारे, डा पी आर सोनारे,प्रमिला भूमरकर, लोकेश पाटिल, राष्ट्रीय मूलनिवासी महिला संघ संभाग प्रभारी पुष्पा मर्सकोले, भारत मुक्ति मोर्चा प्रदेश प्रभारी बी आर भूमरकर सहित अनेक लोग उपस्थित थे। 9 सितंबर को भारत बंद में सभी लोगो ने जोर शोर से सम्मिलित होने की अपील की।
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