बरेठा घाट के टाइगर कॉरिडोर को मिली फोरलेन मंजूरी, बैतूल-इटारसी की राह अब होगी सुरक्षित और तेज,फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ₹46 लाख की साइबर ठगी, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर रचा गया जाल,शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: सारणी पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को किया गिरफ्तार,नागपुर स्टेशन उन्नयन के चलते ट्रेनों के मार्ग बदले, बैतूल होकर गुजरेंगी कई एक्सप्रेस
By,वामन पोटे
बरेठा घाट के टाइगर कॉरिडोर को मिली फोरलेन मंजूरी, बैतूल-इटारसी की राह अब होगी सुरक्षित और तेज
बैतूलवार्ता 5 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के इटारसी-बैतूल क्षेत्र के लिए रविवार का दिन बड़ी राहत और उम्मीद लेकर आया। राष्ट्रीय राजमार्ग-46 (एनएच-46) के अंतर्गत बरेठा घाट से गुजरने वाले 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को फोरलेन बनाने के लिए केंद्र सरकार ने 758 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा दी गई इस स्वीकृति से क्षेत्र में विकास की नई राह खुलती नजर आ रही है।
इस फैसले पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल सड़क निर्माण तक सीमित है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने वाली पहल है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इटारसी-बैतूल सेक्शन लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का इंतजार कर रहा था। अब इस स्वीकृति के साथ विकास को नई गति मिलेगी। वहीं, हेमंत खंडेलवाल ने इसे बैतूल जिले के लिए “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा कि इस सड़क की मंजूरी के लिए वे पिछले कई महीनों से लगातार प्रयासरत थे और केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को मजबूती से रखते रहे।
बरेठा घाट का यह इलाका अपनी भौगोलिक संरचना और घने जंगलों के कारण हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है। संकरी सड़कें, तीखे मोड़ और भारी वाहनों का दबाव यहां दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बनते रहे हैं। स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग कई बार जोखिम भरा साबित हुआ है। ऐसे में फोरलेन निर्माण से न केवल यातायात सुगम होगा, बल्कि आए दिन होने वाले हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।
इस परियोजना की एक खास विशेषता वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देना है। टाइगर कॉरिडोर होने के कारण इस क्षेत्र में जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। इसे ध्यान में रखते हुए 11 अत्याधुनिक अंडरपास और ओवरपास बनाए जाएंगे, ताकि जानवर सुरक्षित रूप से सड़क पार कर सकें। यह पहल विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह क्षेत्र कृषि और खनिज संपदा से समृद्ध है। यहां कोयला, तांबा, ग्रेफाइट और सीसा-जस्ता जैसे खनिजों की भरपूर उपलब्धता है। ऐसे में सड़क का उन्नयन होने से इन संसाधनों के परिवहन में आसानी होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को सीधा लाभ मिलेगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद ग्वालियर से बैतूल तक का पूरा कॉरिडोर फोरलेन हाईवे में बदल जाएगा। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच संपर्क और मजबूत होगा। बैतूल से नागपुर को जोड़ने वाला यह मार्ग देश के महत्वपूर्ण आर्थिक मार्गों में अपनी पहचान बनाएगा।
यात्रियों के लिए यह परियोजना राहत लेकर आएगी, क्योंकि यात्रा का समय घटेगा और सफर अधिक सुरक्षित व आरामदायक होगा। वहीं, माल परिवहन की लागत में कमी आने से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। इससे स्थानीय व्यापारियों और किसानों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने में सुविधा होगी।
पर्यटन के लिहाज से भी यह परियोजना नए अवसर लेकर आएगी। फोरलेन बनने के बाद माधव नेशनल पार्क, रातापानी अभयारण्य और सतपुड़ा टाइगर रिजर्व जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान हो जाएगी। इससे इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
हालांकि, इस परियोजना के कुछ हिस्सों पर पहले हाईकोर्ट की रोक लगी हुई थी, जिसके कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया था। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कोर्ट के निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जैसे ही कानूनी अड़चन दूर होगी, निर्माण कार्य तेजी से शुरू कर दिया जाएगा।
कुल मिलाकर, एनएच-46 के इटारसी-बैतूल टाइगर कॉरिडोर का फोरलेन निर्माण केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास, सुरक्षा और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करने वाला कदम है। यह परियोजना आने वाले वर्षों में बैतूल और आसपास के इलाकों की तस्वीर बदलने की क्षमता रखती है।
फर्जी ट्रेडिंग ऐप से ₹46 लाख की साइबर ठगी, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर रचा गया जाल
बैतूल, 5 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक बड़ी साइबर ठगी का मामला सामने आया है, जहां अज्ञात जालसाजों ने शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से करीब 46 लाख रुपये की ठगी कर ली। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता महेश कुमार शुक्ला (40), निवासी शंकर नगर भग्गूदाना, ने थाना गंज बैतूल में रिपोर्ट दर्ज कराई कि मार्च 2026 के दौरान उन्हें फेसबुक के माध्यम से संपर्क किया गया। आरोपियों ने स्वयं को “न्यू बेरी कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड ग्रुप” और “इंडिया इंफोलाइन लिमिटेड-सीएस” से जुड़ा बताया और उन्हें शेयर बाजार में निवेश के लिए प्रेरित किया।
इसके बाद पीड़ित को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां कथित विशेषज्ञों द्वारा निवेश से मोटा मुनाफा कमाने के दावे किए गए। विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने “NEW BERRY-882 EXCELLENCE CRICLE” और “IFL PROFESSIONAL” नामक मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कराए, जो बाद में फर्जी साबित हुए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, 4 फरवरी से 9 मार्च 2026 के बीच उसने अलग-अलग किश्तों में कुल 46,07,649 रुपये निवेश किए। जालसाजों ने फर्जी ट्रेडिंग अकाउंट में 37 लाख रुपये से अधिक का लाभ दिखाया, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया। हालांकि, जब उसने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया, तो उसका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया।
इतना ही नहीं, आरोपियों ने निकासी के नाम पर अतिरिक्त 1.40 लाख रुपये की मांग भी की। इस पर पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 89/2026 दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक बैतूल ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप, सोशल मीडिया विज्ञापन या संदिग्ध निवेश योजनाओं के झांसे में न आएं। निवेश हमेशा सेबी से अधिकृत प्लेटफॉर्म और पंजीकृत ब्रोकर के माध्यम से ही करें।
पुलिस ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी ऐप या कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। यदि किसी को साइबर ठगी का संदेह हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें।
शादी का झांसा देकर दुष्कर्म: सारणी पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी को किया गिरफ्तार
बैतूल 5 अप्रैल।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में शादी का झांसा देकर महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोपी को सारणी पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल बैतूल भेज दिया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन के निर्देशन में महिला संबंधी अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस टीम ने इस मामले में तत्परता दिखाई।
फरियादिया ने थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि पाथाखेड़ा निवासी आरोपी रोहित सूर्यवंशी ने उसके बच्चों के पालन-पोषण का लालच देकर और शादी का झांसा देकर वर्ष 2022 से उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया। महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी रोहित सूर्यवंशी (31) पिता रामा सूर्यवंशी, निवासी जेरी चौक, शोभापुर पाथाखेड़ा थाना सारणी को 4 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 5 अप्रैल को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक प्रीति पालेवार, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके एवं आरक्षक राजेंद्र सैनिक सहित अन्य पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आमजन से अपील की है कि महिला एवं बालिकाओं के विरुद्ध होने वाले किसी भी अपराध की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
ई-टोकन नियमों की अनदेखी पर सख्ती, आमला के वरिष्ठ कृषि अधिकारी निलंबित
बैतूल, 5 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश में उर्वरक वितरण को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए लागू की गई ई-टोकन प्रणाली के उल्लंघन पर बैतूल प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। नियमों की अनदेखी और लापरवाही सामने आने पर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने आमला के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी गोपाल साहू को निलंबित कर दिया है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से उर्वरकों के वितरण के लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम से ई-टोकन प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत बिना ई-टोकन के खाद विक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। इसके बावजूद आमला विकासखंड में 7 निजी खुदरा विक्रेताओं और 3 सहकारी समितियों द्वारा 42.805 मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण पीओएस मशीन के जरिए बिना ई-टोकन के किया जाना पाया गया।
इस गंभीर अनियमितता को उर्वरक वितरण व्यवस्था में निगरानी की कमी और अधिकारियों की लापरवाही के रूप में देखा गया। उप संचालक कृषि द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर कलेक्टर ने तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 और सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत की गई है।
निलंबन अवधि के दौरान गोपाल साहू को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही उनका मुख्यालय अनुविभागीय अधिकारी, कृषि अनुभाग बैतूल निर्धारित किया गया है।
इसी मामले में कलेक्टर के निर्देश पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक बैतूल के अंतर्गत आने वाले अंधरिया और डगरिया के दो कैडर प्रबंधकों को भी निलंबित किया गया है। इन पर भी ई-टोकन प्रणाली के तहत खाद वितरण में अनियमितता के आरोप हैं।
प्रशासन ने जिले की सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि खाद का वितरण केवल ई-टोकन के माध्यम से ही किया जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
मुलताई में ओलावृष्टि से 90% तक फसल नुकसान, प्रशासन ने किया मौके पर निरीक्षण
बैतूल, 5 अप्रैल ।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में शनिवार को हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी। परमंडल, डहुआ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में करीब 20 मिनट तक गिरे भारी ओलों से गेहूं और सब्जियों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। प्रारंभिक आकलन में फसलों को लगभग 90 प्रतिशत तक नुकसान बताया जा रहा है।
रविवार को स्थिति का जायजा लेने प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। अपर कलेक्टर वंदना जाट, एसडीएम राजेश कहार और तहसीलदार संजय बारिया सहित राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा कर खेतों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि गेहूं की फसल पूरी तरह जमीन पर गिर चुकी है, जबकि सब्जियों की खेती लगभग नष्ट हो गई है।
किसानों ने प्रशासन को बताया कि तेज बारिश के साथ बड़े आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों में करीब 4 इंच तक ओलों की मोटी परत जम गई। इससे फसल दब गई और सड़ने की स्थिति बन गई है। किसानों का कहना है कि इस नुकसान से उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा और आगे की खेती के लिए संसाधन जुटाना मुश्किल होगा।
प्रभावित किसानों ने प्रशासन से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस पर अपर कलेक्टर वंदना जाट ने आश्वासन दिया कि शासन के निर्देशानुसार शीघ्र सर्वे कराया जाएगा और पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
ओलावृष्टि के बाद क्षेत्र में किसानों के बीच चिंता का माहौल बना हुआ है और सभी की नजरें अब प्रशासनिक सहायता पर टिकी हैं।
फेसबुक दोस्ती से शुरू हुआ धोखा: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने वाला आर्मी जवान गिरफ्तार
बैतूल, 4 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती कर एक महिला को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देने और दुष्कर्म करने के आरोपी एक आर्मी जवान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले एक वर्ष से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसे आखिरकार विशेष टीम ने दबिश देकर पकड़ लिया।
पुलिस अधीक्षक बैतूल कार्यालय से जारी जानकारी के अनुसार, यह मामला थाना कोतवाली क्षेत्र का है, जहां 22 अप्रैल 2025 को पीड़िता अपने तीन वर्षीय पुत्र के साथ पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने बताया कि वर्ष 2021 में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से संदीप धुर्वे नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने खुद को अविवाहित बताकर उससे दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने प्रेमजाल में फंसा लिया।
आरोपी ने पीड़िता को शादी का भरोसा दिलाया और इसी बहाने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई, जिसके बाद आरोपी ने उसका इलाज और डिलीवरी महाराष्ट्र के परतवाडा में कराई। पीड़िता को आरोपी ने अलग-अलग स्थानों पर अपने साथ रखा, जिसमें महाराष्ट्र के परतवाडा और उत्तर प्रदेश के मेरठ में किराए के मकान शामिल हैं।
पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी पर शादी का दबाव बनाया, तब उसने साफ इनकार कर दिया। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पहले से ही विवाहित है, जिससे यह मामला और गंभीर हो गया।
पुलिस ने इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(N) और 506 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। उस समय आरोपी मेरठ के तोपखाना कैंट क्षेत्र में पदस्थ था, जिसके बाद उसका स्थानांतरण मणिपुर के लीमाकोंग और बाद में नागालैंड के जखामा पोस्ट पर हो गया। लगातार स्थानांतरण और ड्यूटी के कारण वह पुलिस गिरफ्त से दूर बना रहा।
करीब एक वर्ष तक फरार रहने के दौरान आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने के लिए अलग-अलग जानकारियां दीं और अवकाश पर घर नहीं आया। पुलिस को हाल ही में मुखबिर और साइबर सेल से सूचना मिली कि आरोपी ट्रेन से अपने गृह क्षेत्र परतवाडा (जिला अमरावती, महाराष्ट्र) आ रहा है।
पुलिस अधीक्षक बैतूल के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमरावती जिले के वरुड़ क्षेत्र के पास दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर बैतूल लाया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से सतर्कता बरतें और किसी भी प्रकार के प्रलोभन या संदिग्ध व्यवहार की स्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। उन्होंने कहा कि सजगता ही सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन है।
चैत्र महोत्सव में अनूठी आस्था: भक्तों ने शरीर में नाड़े पिरोकर मां भवानी से की सुख-समृद्धि की कामना
बैतूल, 5 अप्रैल ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में चैत्र महोत्सव के दौरान आयोजित ग्रामीण मेलों में आस्था और परंपरा का अनोखा संगम देखने को मिला। प्रभातपट्टन ब्लॉक के ग्राम मासोद, बिरूल बाजार और हिवरखेड़ में शनिवार को ‘नाड़े-गाड़े’ का विशेष अनुष्ठान आयोजित किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने अपने शरीर में नाड़े (धागे) पिरोकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
बिरूल बाजार और हिवरखेड़ में माता भवानी मंदिर परिसर में आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य उर्मिला गव्हाड़े ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और भक्तों का सम्मान किया। शरीर में नाड़े पिरोने वाले सात भक्तों का तिलक लगाकर गमछा भेंट किया गया और उनसे आशीर्वाद लिया गया। वहीं जनपद सदस्य ज्योति बनाईत, समाजसेवी रमेश सोनी, विजय बनकर और रमेश गव्हाड़े ने गाड़े खींचने वाले श्रद्धालुओं का भी सम्मान किया।
ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा वर्षों पुरानी है और इसके पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। पंच रमेश सोनी ने बताया कि गांव में मां भवानी के प्रति लोगों की अटूट आस्था है। जब किसी श्रद्धालु की मन्नत पूरी होती है, तो वह अपने शरीर में नाड़े पिरोकर देवी के प्रति आभार व्यक्त करता है। इसके साथ ही ‘गाड़े’ खींचने की परंपरा भी निभाई जाती है, जिसमें बिना बैलों के गाड़ियों को एक के पीछे एक बांधकर भक्त स्वयं खींचते हैं।
इस अनुष्ठान में गणेश भगत, पिंटू भगत, राजू भगत, संजू भगत, श्यामु भगत और शंकर भगत सहित अन्य श्रद्धालुओं ने भाग लिया और गाड़े खींचे। मासोद गांव में भी शाम के समय माता मंदिर में ग्रामीण एकत्रित हुए, जहां पूजा-अर्चना के बाद भक्तों ने शरीर में नाड़े पिरोकर देवी की आराधना की।
ग्रामीणों का मानना है कि इस परंपरा की शुरुआत गांव में फैलने वाली बीमारियों से बचाव के लिए हुई थी। पुराने समय में जब बीमारियों का प्रकोप बढ़ता था, तब लोग माता रानी की शरण में जाकर यह अनुष्ठान करते थे, जिससे गांव को संकटों से मुक्ति मिले। समय के साथ यह परंपरा आस्था का प्रतीक बन गई और आज भी पूरे श्रद्धा भाव से निभाई जा रही है।
कुछ ग्रामीणों का यह भी कहना है कि लोग अपने दुख-दर्द और परेशानियों के समाधान के लिए माता मंदिर में मन्नत मांगते हैं। जब उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं, तो वे शरीर में नाड़े पिरोकर अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं और क्षेत्र की समृद्धि की कामना करते हैं। इस अनोखी परंपरा के जरिए ग्रामीणों की देवी के प्रति अटूट आस्था और विश्वास साफ झलकता है।
नागपुर स्टेशन उन्नयन के चलते ट्रेनों के मार्ग बदले, बैतूल होकर गुजरेंगी कई एक्सप्रेस
बैतूल, 5 अप्रैल ।। नागपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-2 पर चल रहे उन्नयन कार्य के कारण रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग में अस्थायी परिवर्तन किया है। इस अवधि में ये ट्रेनें नागपुर स्टेशन से होकर नहीं गुजरेंगी, जिससे यहां से यात्रा करने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्रभावित ट्रेनें अब वैकल्पिक मार्ग से संचालित की जाएंगी, जो बैतूल, नरखेड़, चांदूर बाजार, बडनेरा और सेवाग्राम होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगी।
जारी जानकारी के मुताबिक 07075 हैदराबाद-गोरखपुर एक्सप्रेस प्रत्येक शनिवार को बैतूल स्टेशन पर सुबह 9 बजकर 8 मिनट पर पहुंचेगी और 9 बजकर 10 मिनट पर प्रस्थान करेगी। यह व्यवस्था 10 अप्रैल 2026 से 29 मई 2026 तक लागू रहेगी। इसी प्रकार 07076 गोरखपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस प्रत्येक सोमवार को बैतूल में सुबह 3 बजकर 13 मिनट पर पहुंचेगी और 3 बजकर 15 मिनट पर रवाना होगी। इसका संचालन 12 अप्रैल से 24 मई 2026 तक बदले मार्ग से किया जाएगा।
इसके अलावा 05073 बेंगलुरु-लालकुआं एक्सप्रेस प्रत्येक बुधवार को सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर बैतूल पहुंचेगी तथा 9 बजकर 32 मिनट पर प्रस्थान करेगी। यह परिवर्तन 7 अप्रैल से 26 मई 2026 तक प्रभावी रहेगा। वहीं 05074 लालकुआं-बेंगलुरु एक्सप्रेस प्रत्येक रविवार को सुबह 11 बजकर 13 मिनट पर आगमन और 11 बजकर 15 मिनट पर प्रस्थान करेगी। यह व्यवस्था 11 अप्रैल से 23 मई 2026 तक लागू रहेगी।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पूर्व ट्रेनों के समय और मार्ग की नवीनतम जानकारी अवश्य जांच लें। यह जानकारी पूर्व मुख्य यातायात निरीक्षक अशोक कटारे द्वारा साझा की गई है।