मुलताई मंडी की बड़ी कार्रवाई: बिना दस्तावेज सोयाबीन से भरा ट्रक जब्त, पांच गुना टैक्स वसूली की तैयारी
By,वामन पोटे
मुलताई मंडी की बड़ी कार्रवाई: बिना दस्तावेज सोयाबीन से भरा ट्रक जब्त, पांच गुना टैक्स वसूली की तैयारी
बैतूल, 29 अप्रैल ।।मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मुलताई कृषि उपज मंडी समिति ने अवैध परिवहन के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए सोयाबीन से भरे एक 16 चक्का ट्रक को जब्त किया है। यह कार्रवाई बुधवार सुबह नागपुर रोड स्थित चिचंडा के पास नियमित चेकिंग के दौरान की गई।
अधिकारियों के अनुसार, ट्रक (क्रमांक एमपी 12 जेडएफ 9440) में बड़ी मात्रा में सोयाबीन लदा हुआ था। मंडी कर्मचारियों ने जांच के दौरान वाहन को रोककर चालक से मंडी टैक्स से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन चालक कोई भी वैध दस्तावेज या टैक्स भुगतान का प्रमाण नहीं दिखा सका। इसके बाद मंडी अमले ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर लिया।
प्राथमिक जांच में सामने आया है कि यह ट्रक मध्य प्रदेश के खंडवा से सोयाबीन लेकर महाराष्ट्र मार्ग के जरिए छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जा रहा था। आशंका जताई जा रही है कि परिवहनकर्ता मंडी टैक्स से बचने के उद्देश्य से निर्धारित नियमों का उल्लंघन कर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग कर रहा था, जिससे शासन को राजस्व का नुकसान हो सकता था।
मंडी सचिव शीला खातरकार ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित ट्रक मालिक और परिवहनकर्ता के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में पांच गुना मंडी टैक्स वसूला जाएगा, जिससे भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके।
इस कार्रवाई में प्रभारी मंडी निरीक्षक डी.पी. नरें और कर्मचारी चंपा तुमडाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मंडी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध परिवहन पर नियंत्रण के लिए आगे भी सघन जांच अभियान जारी रहेगा।
अधिकारियों का कहना है कि कृषि उपज के परिवहन में पारदर्शिता और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार की कार्रवाई आवश्यक है, ताकि मंडी व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो सके और राजस्व हानि को रोका जा सके।
बैतूल मंडी में अव्यवस्था: बिना समुचित सूचना बंदी से किसान परेशान, प्रशासन अनजान
बैतूल, 29 अप्रैल।।मध्य प्रदेश के बैतूल कृषि उपज मंडी में अव्यवस्था और समन्वय की कमी के चलते किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। हमालों के सामूहिक अवकाश के कारण मंडी में तुलाई कार्य पूरी तरह ठप हो गया, जबकि मंडी बंद होने की समुचित सूचना किसानों तक नहीं पहुंच पाई।
मंडी सूत्रों के अनुसार, लगभग डेढ़ हजार हमालों ने शादियों के चलते अवकाश लिया था। बड़ी संख्या में हमालों की अनुपस्थिति के कारण उपज की तुलाई संभव नहीं हो सकी, जिसके चलते मंडी प्रबंधन ने मंडी बंद करने का निर्णय लिया। हालांकि, इस निर्णय को लेकर प्रशासनिक स्तर पर गंभीर लापरवाही सामने आई है।
भारसाधक अधिकारी एवं एसडीएम अभिजीत सिंह ने बताया कि उन्हें मंडी बंद किए जाने की कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमानुसार मंडी में अवकाश घोषित करने के लिए उनकी अनुमति आवश्यक होती है, लेकिन मंडी सचिव द्वारा इस प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
वहीं, मंडी प्रबंधन का दावा है कि बंदी की सूचना एक दिन पहले उद्घोषणा और व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से दी गई थी। बावजूद इसके, यह व्यवस्था पर्याप्त नहीं रही, खासकर दूरदराज से आने वाले किसानों तक सूचना नहीं पहुंच सकी। परिणामस्वरूप, कई किसान अपनी उपज लेकर मंडी पहुंचे, लेकिन तुलाई न होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस लौटना पड़ा।
इस समय गेहूं और मक्का की आवक अपने चरम पर है, ऐसे में मंडी बंद रहने से खरीदी प्रक्रिया पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। इसके साथ ही पंजीकृत लाइसेंसी खरीदारों की निष्क्रियता भी सवालों के घेरे में है। जानकारी के अनुसार, मंडी में केवल आधा दर्जन खरीदार ही सक्रिय रूप से खरीदी कर रहे हैं, जबकि अन्य लाइसेंसधारी निष्क्रिय बने हुए हैं। यह भी आरोप है कि एक ही फर्म के नाम पर कई लाइसेंस संचालित हो रहे हैं।
किसानों की परेशानी तब और बढ़ गई जब पिछले तीन दिनों से सरकारी खरीदी के स्लॉट भी बुक नहीं हो पा रहे हैं। किसान नेता रमेश गायकवाड़ ने कहा कि छुट्टी की सूचना उन्हें देर से मिली, जिससे किसान भ्रमित हुए और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
नाबालिग से दुष्कर्म के प्रयास का आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस की त्वरित कार्रवाई
बैतूल, 29 अप्रैल।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के प्रयास के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देशन में की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 अप्रैल को थाना आमला में एक नाबालिग पीड़िता ने शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया कि 13 अप्रैल को आरोपी ने उसे अपने घर बुलाकर गलत कार्य करने का प्रयास किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
थाना आमला में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और लगातार प्रयासों के आधार पर आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी सुनील देवड़े (35), निवासी ग्राम उमरिया, थाना आमला को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में उपजेल मुलताई भेज दिया गया।
कार्रवाई में थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर सहित पुलिस टीम और साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना देने की अपील की है।
बुकाखेड़ी डेम के पास हादसा: मुर्गियों से भरा ट्रक पलटा, 36 की मौत
बैतूल, 29 अप्रैल ।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मुलताई-छिंदवाड़ा हाईवे पर मंगलवार को एक ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसमें ले जाई जा रही मुर्गियों में से 36 की मौत हो गई। हादसा बुकाखेड़ी डेम की पुलिया के पास हुआ, जहां सड़क का मोड़ और ढलान होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
जानकारी के अनुसार, छिंदवाड़ा की ओर से आ रहा ट्रक मुर्गियों से भरा हुआ था। पुलिया के पास पहुंचते ही वाहन चालक संतुलन खो बैठा और ट्रक पलट गया। हादसे के बाद मुर्गियां हाईवे पर बिखर गईं, जिससे कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया।
ट्रक चालक रविंद्र को इस दुर्घटना में मामूली चोट आई है। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से तुरंत क्रेन मंगाकर ट्रक को सड़क से हटाया गया, जिसके बाद यातायात बहाल हो सका।
ग्रामीणों का कहना है कि बुकाखेड़ी डेम के पास यह स्थान दुर्घटना-प्रवण है। यहां पुलिया के बाद तीखा मोड़ और ढलान होने से तेज रफ्तार वाहन अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यहां चेतावनी संकेतक बोर्ड लगाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।