घोड़ाडोंगरी सामूहिक विवाह में हादसा और अव्यवस्था से सियासत गरम, भाजपा में अंतर्कलह के संकेत तेज,शाहपुर,चिचोली,घोड़ाडोंरी के नेता
By,वामन पोटे
घोड़ाडोंगरी सामूहिक विवाह में हादसा और अव्यवस्था से सियासत गरम, भाजपा में अंतर्कलह के संकेत तेज,शाहपुर,चिचोली,घोड़ाडोंरी के नेता
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बैतूल, 1 मई ।।
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के घोड़ाडोंगरी में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह/निकाह समारोह एक गंभीर हादसे और बदइंतजामी के कारण विवादों में घिर गया है। कार्यक्रम के दौरान एक अनियंत्रित डीजे वाहन के बारातियों पर चढ़ जाने से दूल्हे समेत कई लोग घायल हो गए, वहीं आयोजन में वीआईपी और आम लोगों के बीच कथित भेदभाव ने राजनीतिक चर्चाओं को और हवा दे दी है। इस पूरे घटनाक्रम ने सत्तारूढ़ भाजपा के भीतर स्थानीय स्तर पर खींचतान और असंतोष के संकेत भी उजागर कर दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतपुड़ा ग्राउंड में आयोजित इस सामूहिक विवाह समारोह में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब बारात निकलने के दौरान एक डीजे वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया। आशंका जताई जा रही है कि ढलान पर उतरते समय वाहन का ब्रेक फेल हो गया या वह न्यूट्रल हो गया, जिससे चालक नियंत्रण खो बैठा और वाहन सीधे बारातियों की भीड़ में जा घुसा। हादसे में मुलताई क्षेत्र के भुवनखापा निवासी दूल्हा अनुल सरोदे (25) गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके पेट के ऊपर से वाहन का टायर गुजरने की बात सामने आई है। उसका चचेरा भाई राहुल (27) भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे पैर में फ्रैक्चर आया है। एक अन्य बाराती के भी घायल होने की सूचना है।
घायलों को तत्काल घोड़ाडोंगरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत गंभीर देखते हुए जिला चिकित्सालय बैतूल रेफर किया गया। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। हादसे के बाद परिजनों ने आरोप लगाया कि डीजे वाहन जर्जर और सुरक्षा मानकों के विपरीत था, जिसे संशोधित कर उपयोग में लाया जा रहा था।
हादसे के बाद समारोह में अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि दुल्हन पक्ष को कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी गई है।
इस बीच आयोजन में अव्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। भीषण गर्मी के बीच जहां आम लोगों को टैंकर का गर्म पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ा, वहीं वीआईपी मेहमानों को अलग से ठंडा पानी और बेहतर भोजन व्यवस्था उपलब्ध कराई गई। जानकारी के अनुसार, जनप्रतिनिधियों और अतिथियों को शासकीय छात्रावास में टेबल-कुर्सियों पर भोजन कराया गया, जबकि दूल्हा-दुल्हनों को कार्यक्रम स्थल पर कतार में लगकर खुद थाली परोसनी पड़ी और जमीन पर बैठकर भोजन करना पड़ा। इस भेदभाव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी गई।
राजनीतिक दृष्टि से भी यह आयोजन चर्चा का केंद्र बना रहा। कार्यक्रम में भाजपा के कई दिग्गज नेताओं की अनुपस्थिति ने अटकलों को जन्म दिया है।भाजपा जिला अध्यक्ष सुधाकर पवार ,सारणी कमलेशसिंह , कृष्णा गायकी , चुनाहजूरी के ओमप्रकाश यादव ,पाढ़र के नेता गेलेंद्र राठौर, शाहपुर नगर परिषद अध्यक्ष विक्की नायक,विशाल ठाकुर मलाजपुर के कांति यादव सहित कई स्थानीय नेताओं ने कार्यक्रम से दूरी बनाई। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और जनजाति आयोग के सदस्य मंगल सिंह की गैरमौजूदगी भी चर्चा का विषय रही।

सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि आमला विधायक योगेश पंडाग्रे और केंद्रीय मंत्री डीडी उइके भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए, जबकि आयोजन में उनके क्षेत्र की इकाइयों की भागीदारी थी। इसे लेकर स्थानीय स्तर पर भाजपा के भीतर असंतोष और गुटबाजी की अटकलें तेज हो गई हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि घोड़ाडोंगरी विधायक गंगा सज्जन सिंह उइके से क्षेत्रीय नेताओं की दूरी पार्टी के अंदरूनी समीकरणों की ओर इशारा कर रही है। कार्यक्रम में सीमित उपस्थिति और नेताओं की गैरहाजिरी को भाजपा के भीतर उभरती खींचतान के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पार्टी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
फिलहाल, प्रशासन हादसे की जांच में जुटा है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जहां एक ओर आयोजन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा की स्थानीय राजनीति में संभावित दरारों को भी उजागर कर दिया है। आने वाले समय में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।