राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस एकजुट, भाजपा में ज्यादा गुटबाजी : अजय सिंह,मुलताई हाईवे हादसे में महिला की मौत, नागपुर लौट रहे परिवार की कार पलटी; तीन घायल,ताप्ती उद्गम स्थल की भूमि बिक्री पर उठा विवाद, भाजपा नेताओं और ट्रस्ट ने रजिस्ट्री रोकने की मांग
By, वामन पोटे
मुलताई हाईवे हादसे में महिला की मौत, नागपुर लौट रहे परिवार की कार पलटी; तीन घायल
बैतूल, 3 जून ।।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में बैतूल-मुलताई राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि तीन लोग घायल हो गए। हादसा नगरकोट क्षेत्र के पास उस समय हुआ, जब नागपुर लौट रहे एक परिवार की कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पर चढ़ गई और कई बार पलटते हुए सड़क किनारे जा गिरी।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नागपुर निवासी अभिषेक शुक्ला अपने रिश्तेदारों के साथ बैतूल से नागपुर वापस लौट रहे थे। कार में उनके मामा रितेश अवस्थी, मामी सारिका अवस्थी और उनका पुत्र आद्विक अवस्थी भी सवार थे। दोपहर के समय नगरकोट के समीप अचानक वाहन चालक का कार से नियंत्रण हट गया, जिसके बाद कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दुर्घटना बेहद भीषण थी। कार के कई बार पलटने से उसमें सवार सभी लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में सारिका अवस्थी को गंभीर चोटें आईं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं रितेश अवस्थी, आद्विक अवस्थी और अभिषेक शुक्ला घायल हो गए।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को कार से बाहर निकालकर उपचार के लिए मुलताई के एक निजी अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों का इलाज जारी है। अभिषेक शुक्ला को अपेक्षाकृत कम चोटें आई हैं, जबकि अन्य घायलों की स्थिति पर चिकित्सकीय निगरानी रखी जा रही है।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया है। दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था भी सामान्य कराई गई।
प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण वाहन का अनियंत्रित होना माना जा रहा है। हालांकि पुलिस वाहन की गति, सड़क की स्थिति और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही है। इस दुर्घटना ने एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया है। परिवार की एक सदस्य की मौत और तीन लोगों के घायल होने से परिजनों में शोक का माहौल है।
राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस एकजुट, भाजपा में ज्यादा गुटबाजी : अजय सिंह
बैतूल, 3 जून । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ‘राहुल भैया’ ने मंगलवार को बैतूल प्रवास के दौरान भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान समय में कांग्रेस की तुलना में भाजपा में अधिक गुटबाजी है। साथ ही उन्होंने कहा कि आगामी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का कोई खतरा नहीं है और पार्टी के सभी विधायक एकजुट होकर संगठन के निर्णय का समर्थन करेंगे।
बैतूल में आयोजित कांग्रेस की संगठनात्मक बैठक में शामिल होने पहुंचे अजय सिंह ने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संगठन मजबूत करने तथा जनता के बीच सक्रिय रहने का संदेश दिया। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने राज्यसभा चुनाव, कांग्रेस संगठन, किसानों की समस्याओं और प्रदेश की राजनीति से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी।
राज्यसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर अजय सिंह ने कहा कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और पार्टी सही समय पर अपना उम्मीदवार घोषित करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विधायकों के बीच किसी प्रकार का मतभेद नहीं है और क्रॉस वोटिंग की आशंका निराधार है।
कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर उन्होंने स्वीकार किया कि अतीत में पार्टी के भीतर अलग-अलग समूह रहे हैं, लेकिन अब सभी नेता और कार्यकर्ता भाजपा के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुटबाजी केवल कांग्रेस तक सीमित नहीं है, बल्कि भाजपा में भी विभिन्न नेताओं के समर्थकों के अलग-अलग समूह सक्रिय हैं। उनके अनुसार भाजपा में यह स्थिति कांग्रेस से अधिक दिखाई देती है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा की गई कथित टिप्पणी पर भी अजय सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि किसी मुख्यमंत्री द्वारा विपक्षी दल के प्रदेश अध्यक्ष के लिए इस प्रकार की भाषा का प्रयोग करना लोकतांत्रिक परंपराओं और राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इसे अशोभनीय और निंदनीय बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में पद की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है।
अजय सिंह ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के बयान पर भाजपा नेतृत्व द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया जाना भी चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि सत्ता के अहंकार में भाजपा नेताओं की भाषा और व्यवहार की मर्यादा प्रभावित हो रही है।
कांग्रेस नेता ने प्रदेश में गेहूं और मूंग खरीदी व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों को बारदानों की कमी, पोर्टल संबंधी तकनीकी दिक्कतों और प्रशासनिक अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बार-बार मंडियों और खरीदी केंद्रों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में किसानों की उपज की खरीदी बाधित नहीं होनी चाहिए और सरकार को तत्काल व्यवस्था सुधारने के लिए कदम उठाने चाहिए।
ताप्ती उद्गम स्थल की भूमि बिक्री पर उठा विवाद, भाजपा नेताओं और ट्रस्ट ने रजिस्ट्री रोकने की मांग
बैतूल, 03 जून ।। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई स्थित मां ताप्ती नदी के उद्गम स्थल से जुड़ी भूमि की संभावित खरीद-बिक्री को लेकर विवाद की स्थिति बनती दिखाई दे रही है। मामले को करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था से जुड़ा बताते हुए नगर पालिका परिषद के जनप्रतिनिधियों और मां ताप्ती मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
जानकारी के अनुसार नगर पालिका परिषद मुलताई की अध्यक्ष नीतू परमार, पार्षद वर्षा गढ़ेकर, सभापति रितेश विश्वकर्मा, अजय यादव, पिल्लु महेंद्र जैन, सुरेश पुनीकर और नवनीत चंदेल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) राजीव कहार को ज्ञापन सौंपा है। वहीं मां ताप्ती मंदिर ट्रस्ट की ओर से भी अलग से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि मां ताप्ती नदी का उद्गम स्थल सरोवर के उत्तर दिशा में स्थित है, जिसे प्राचीन काल से नारद टेकड़ी के नाम से जाना जाता है। हाल के दिनों में समाचार माध्यमों से यह जानकारी सामने आई है कि इस क्षेत्र की कुछ भूमि की खरीद-बिक्री की प्रक्रिया चल रही है। जनप्रतिनिधियों और ट्रस्ट ने आशंका जताई है कि संबंधित भूमि ताप्ती उद्गम स्थल अथवा उससे जुड़े धार्मिक क्षेत्र का हिस्सा हो सकती है।
आवेदकों का कहना है कि मां ताप्ती नदी का उद्गम स्थल देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। ऐसे में यदि इस भूमि की स्थिति और स्वामित्व को लेकर समय रहते स्पष्टता नहीं लाई गई, तो धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं तथा स्थानीय स्तर पर शांति और कानून व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित होने की आशंका है।
ज्ञापन में प्रशासन से मांग की गई है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर नारद टेकड़ी और ताप्ती उद्गम स्थल का सीमांकन कराया जाए तथा संबंधित क्षेत्र की विधिवत नाप-जोख कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही जांच और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होने तक विवादित अथवा संबंधित भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगाने की भी मांग की गई है।
मां ताप्ती मंदिर ट्रस्ट ने भी अपने आवेदन में यही मांग दोहराते हुए उद्गम स्थल की सुरक्षा और धार्मिक महत्व को बनाए रखने के लिए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई का आग्रह किया है। आवेदन की प्रतिलिपियां उप पंजीयक कार्यालय और मुख्य नगरपालिका अधिकारी को भी भेजी गई हैं।
फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में कोई अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है। स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं की नजर अब प्रशासनिक जांच और उद्गम स्थल की वास्तविक स्थिति को लेकर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
मोबाइल चोरी कर खाते से राशि उड़ाने वाला इनामी आरोपी गिरफ्तार
बैतूल, 03 जून वार्ता ।। पाथाखेड़ा क्षेत्र में मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से 36 हजार रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सारनी पुलिस ने एक वर्ष से फरार चल रहे पांच हजार रुपये के इनामी आरोपी को सोमवार शाम गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार पाथाखेड़ा के आजाद नगर निवासी राकेश बावरिया ने 31 जुलाई 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि रात में घर में सोते समय उनका मोबाइल फोन चोरी हो गया। बाद में बैंक खाते की जानकारी लेने पर पता चला कि मोबाइल का उपयोग कर उनके खाते से 36 हजार रुपये अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिए गए हैं।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही खेड़ीरामोसी (मुलताई) निवासी अंकित बेले और विशाल बेले को गिरफ्तार कर लिया था। पूछताछ में दोनों ने भोपाल के जहांगीराबाद निवासी निक्की उर्फ पुरुषोत्तम यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी राशि भी बरामद कर ली थी।
मुख्य आरोपी निक्की यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था, जिस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। सारनी पुलिस ने सोमवार को उसे पाथाखेड़ा के पुराना बाजार क्षेत्र से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
एनएचएम संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से बैतूल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित, टीकाकरण कार्यक्रम पर पड़ा असर
बैतूल, 3 जून । मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल में जिले के 824 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं, जिसके चलते टीकाकरण सहित कई स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. गोविन्द प्रसाद साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणाओं के बावजूद कर्मचारियों की मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, वेतन विसंगतियों का निराकरण, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा, राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस), महंगाई भत्ता तथा समान कार्य के लिए समान वेतन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि मांगों के निराकरण नहीं होने के कारण प्रदेशभर के संविदा कर्मचारी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रकार के कार्यों का बहिष्कार कर रहे हैं। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा।
हड़ताल का असर जिले के टीकाकरण कार्यक्रम पर भी दिखाई दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सोमवार को जिले में 358 स्थानों पर टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाने थे, लेकिन कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण 63 केंद्रों पर टीकाकरण नहीं हो सका। विभाग ने इन केंद्रों पर बुधवार को नियमित कर्मचारियों के माध्यम से टीकाकरण कराने की व्यवस्था करने की बात कही है।
डेटा एंट्री ऑपरेटरों के हड़ताल पर चले जाने से राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग प्रभावित हो रही है। वहीं राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके), जिला प्रारंभिक हस्तक्षेप एवं पुनर्वास केंद्र (डीईआईसी) तथा विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की सेवाओं पर भी असर पड़ा है। कई स्थानों पर संविदा चिकित्सकों और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) के हड़ताल में शामिल होने से ओपीडी सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
जिला अस्पताल में भी संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए नियमित कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए गए हैं। लेब टेक्नीशियन समेत कई संविदाकर्मी हड़ताल में शामिल हैं, जिससे जांच संबंधी कार्य प्रभावित हो सकते हैं।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज हुरमाड़े ने बताया कि स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए नियमित कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर हड़ताल का असर पड़ना तय माना जा रहा है।
बैतूल में 50 लाख की लागत से बना विद्युत शवदाह गृह अब भी बंद, संचालन पर असमंजस बरकरार
बैतूल, 3 जून कोरोना महामारी के दौरान अत्यावश्यक आवश्यकता को देखते हुए शुरू की गई विद्युत शवदाह गृह परियोजना आज भी अधूरी पड़ी है। शहर के कोठीबाजार स्थित मोक्षधाम में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कार्य पूर्ण रूप से पूरा नहीं हो सका है और इसका संचालन अब तक शुरू नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार कोरोना काल में बड़ी संख्या में शवों के अंतिम संस्कार के कारण पारंपरिक लकड़ियों की कमी महसूस की गई थी। इसी स्थिति को देखते हुए नगर पालिका ने विद्युत शवदाह गृह स्थापित करने की योजना बनाई थी। इसका उद्देश्य कम समय और कम खर्च में अंतिम संस्कार की सुविधा उपलब्ध कराना तथा लकड़ियों की खपत कम कर पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना था।
नगर पालिका द्वारा भवन निर्माण और आवश्यक उपकरणों की स्थापना पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके बावजूद परियोजना आज तक अधूरी बनी हुई है। बताया जाता है कि कुछ तकनीकी और औपचारिक कार्य शेष हैं, लेकिन उन्हें पूरा कर सुविधा शुरू करने की दिशा में ठोस पहल नहीं हो रही है।
इस बीच, पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में परिसर कई बार चोरी की घटनाओं का शिकार भी हो चुका है। यहां स्थापित कुछ कीमती उपकरणों की चोरी होने से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से बंद पड़े रहने के कारण यह परिसर असामाजिक तत्वों के निशाने पर बना हुआ है।
परियोजना के संचालन को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। नगर पालिका का मानना है कि इसका संचालन मोक्षधाम समिति द्वारा किया जाना चाहिए, जबकि समिति का कहना है कि मोक्षधाम नगर पालिका के स्वामित्व में है, इसलिए संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी की है।
नगरवासियों ने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से विद्युत शवदाह गृह को शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इसके शुरू होने से अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक, किफायती और पर्यावरण अनुकूल बन सकेगी।
सारणी में अपहरण कर लूट करने वाले चार आरोपी 12 घंटे में दबोचे
बैतूल, 3 जून ।। मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की सारणी पुलिस ने अपहरण कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को घटना दर्ज होने के महज 12 घंटे के भीतर सोमवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 हजार रुपये नगद तथा घटना में प्रयुक्त कार भी जब्त की है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार चिचोली थाना क्षेत्र के नसीराबाद निवासी जगदीश उईके (35) ने सारणी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 29 मई को अपने मित्र साजन विश्वकर्मा से मिलने सारणी आया था। सुबह करीब साढ़े दस बजे वह छोटा मठारदेव स्थित ईंट भट्ठे के पास खड़ा था, तभी सफेद रंग की मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार में सवार चार अज्ञात व्यक्ति वहां पहुंचे। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट कर जबरन कार में बैठाया और जंगल की ओर ले गए।
फरियादी ने बताया कि आरोपियों ने उसे धमकाते हुए उसके मोबाइल फोन के माध्यम से 40 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर कराए तथा एटीएम से 10 हजार रुपये भी निकलवा लिए। इसके बाद आरोपी उसे जंगल में छोड़कर फरार हो गए। मामले में सारणी थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 308(5), 140(2) एवं 3(5) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में पंकज खातरकर (28) निवासी बांसवाड़ी दुधावानी थाना रानीपुर, मोनू रजक (27) निवासी श्रीराम कॉलोनी जिला गुना, यश रननवरे (20) निवासी हनुमान नगर यवतमाल (महाराष्ट्र) तथा ओमप्रकाश भोरबंशी (30) निवासी देशावाड़ी थाना शाहपुर शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 35 हजार रुपये नगद तथा वारदात में प्रयुक्त मारुति सुजुकी एक्सएल-6 कार (एमपी 11 सीसी 6824) जब्त कर ली है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, उप निरीक्षक प्रीति पालेवार, प्रधान आरक्षक श्रीराम उईके तथा आरक्षक मोहित भाटी, जितेंद्र मोरे और बलराम राजपूत (साइबर सेल) की विशेष भूमिका रही।
सिंहस्थ-2028 की तैयारी में जुटी बैतूल पुलिस, छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर शुरू
बैतूल, 3 जून आगामी सिंहस्थ-2028 महापर्व की तैयारियों के तहत बैतूल पुलिस ने सोमवार से पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में छह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विशाल धार्मिक आयोजन के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और यातायात प्रबंधन के लिए पुलिस बल को प्रशिक्षित करना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र जैन ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी, एसडीओपी सुनील लाटा, रक्षित निरीक्षक दिनेश मर्सकोले, थाना प्रभारी कोतवाली, थाना प्रभारी गंज सहित जिले के अनेक अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशिक्षण में जिला पुलिस बल, विशेष सशस्त्र बल (विसबल), होमगार्ड तथा विभिन्न शाखाओं एवं कार्यालयों में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिंहस्थ जैसे विशाल आयोजन में सुरक्षा व्यवस्था के प्रभावी संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में उज्जैन के ऐतिहासिक एवं भौगोलिक परिचय, भीड़ एवं जनसमूह प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, यातायात संचालन, आपदा प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा व्यवस्था तथा आतंकवादी एवं नक्सली गतिविधियों की पहचान और उनसे बचाव के उपायों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री जैन ने कहा कि सिंहस्थ महापर्व विश्व के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है, जहां करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे आयोजन में पुलिस बल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करने में मदद करेगा तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने में सहायक सिद्ध होगा।
उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण को गंभीरता और समर्पण के साथ ग्रहण करने तथा प्राप्त अनुभव और ज्ञान का व्यवहारिक उपयोग करने का आह्वान किया। बैतूल पुलिस ने इस प्रशिक्षण को पुलिस बल की कार्यकुशलता, समन्वय क्षमता और आपदा प्रबंधन कौशल को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया है।