राष्ट्रपति दौरे से पहले बैतूल में साइबर अलर्ट: कलेक्टर बनकर ठग मांग रहे पैसे, विदेशी नंबरों से भेजे जा रहे संदेश
By, वामन पोटे
राष्ट्रपति दौरे से पहले बैतूल में साइबर अलर्ट: कलेक्टर बनकर ठग मांग रहे पैसे, विदेशी नंबरों से भेजे जा रहे संदेश
बैतूल, 16 जून । राष्ट्रपति के 18 जून को प्रस्तावित बैतूल दौरे से ठीक पहले जिले में साइबर ठगी का एक नया और चिंताजनक मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने इस बार आम लोगों को नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को निशाना बनाते हुए बैतूल कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे की पहचान का दुरुपयोग शुरू कर दिया है। विदेशी नंबरों से भेजे जा रहे संदेशों में कलेक्टर का नाम, फोटो और पदनाम इस्तेमाल कर लोगों से तत्काल आर्थिक मदद के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब जिले के कई लोगों को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध संदेश प्राप्त हुए। इन संदेशों में दावा किया गया कि कलेक्टर किसी जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता के लिए तत्काल धनराशि भेजने का अनुरोध कर रहे हैं और बाद में रकम वापस कर दी जाएगी। पहली नजर में संदेश विश्वसनीय लगने के लिए अपराधियों ने प्रोफाइल पर कलेक्टर की तस्वीर और आधिकारिक पदनाम भी लगा रखा था।
जानकारी के मुताबिक अधिकांश संदेश +66 सीरीज के विदेशी नंबरों सहित अन्य संदिग्ध मोबाइल नंबरों से भेजे गए। कुछ लोगों ने संदेशों की सत्यता को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। देखते ही देखते यह सूचना जिलेभर में फैल गई और लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर डॉ. सौरभ सोनवणे ने स्वयं सामने आकर नागरिकों को सतर्क किया। उन्होंने अपने व्हाट्सएप स्टेटस और अन्य माध्यमों से स्पष्ट किया कि वे कभी भी किसी व्यक्ति से फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के जरिए निजी खाते में धनराशि भेजने का अनुरोध नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि उनके नाम से भेजे जा रहे सभी ऐसे संदेश पूरी तरह फर्जी और भ्रामक हैं।
कलेक्टर ने नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और शासकीय कर्मचारियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऐसे संदेशों पर विश्वास न करें और न ही किसी खाते में राशि ट्रांसफर करें। साथ ही बैंकिंग, ओटीपी, यूपीआई या अन्य व्यक्तिगत वित्तीय जानकारी साझा करने से भी बचें।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि यदि किसी के पास इस तरह का संदेश या कॉल आता है तो उसका स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें और तत्काल स्थानीय पुलिस, साइबर हेल्पलाइन या साइबर सेल को इसकी जानकारी दें। संदिग्ध मोबाइल नंबरों और सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान कर उनकी जांच शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर इन दिनों बैतूल में सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरम पर हैं। ऐसे समय में कलेक्टर के नाम का दुरुपयोग कर साइबर ठगी का प्रयास सामने आने से प्रशासन भी सतर्क हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि साइबर अपराधी अब लोगों का भरोसा जीतने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिष्ठित व्यक्तियों की पहचान का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे ऐसे मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया